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जल्द हो सकता है मोदी कैबिनेट का विस्तार, मोदी-शाह और संघ में चल रहा मंथन

अभी मोदी सरकार में ऐसे कई मंत्री हैं जिनके पास एक से ज्यादा महत्वपूर्ण मंत्रालय हैं. मनोहर पर्रिकर के गोवा का मुख्यमंत्री बनने के बाद अरुण जेटली के पास तो वित्त और रक्षा जैसे दो बड़े मंत्रालय का भार है. चीन के साथ सीमा विवाद को देखते हुए एक फुलटाइम डिफेंस मिनिस्टर की जरूरत साफ देखी जा सकती है. एम वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनाए जाने के बाद सूचना-प्रसारण मंत्रालय और शहरी विकास मंत्रालय खाली हुए.

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राहुल कंवल [Edited By: आदित्य बिड़वई]नई दिल्ली, 31 August 2017
जल्द हो सकता है मोदी कैबिनेट का विस्तार, मोदी-शाह और संघ में चल रहा मंथन पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह

मोदी सरकार जल्द कैबिनेट का विस्तार कर सकती है. सूत्रों की मानें तो एक या दो सितंबर को सरकार नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल करेगी. इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और संघ के बीच मंथन चल रहा है. ऐसा कहा जा रहा है कि चीन जाने के पहले पीएम नए कैबिनेट का ऐलान कर सकते हैं.

सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के मुताबिक नेताओं को मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जाएगी. वहीं, नितिन गड़करी को बड़ी ज़िम्मेदारी मिलने के आसार हैं. भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं को राज्यपाल भी बनाया जा सकता है.

कई के पास ज्यादा मंत्रालय

अभी मोदी सरकार में ऐसे कई मंत्री हैं जिनके पास एक से ज्यादा महत्वपूर्ण मंत्रालय हैं. मनोहर पर्रिकर के गोवा का मुख्यमंत्री बनने के बाद अरुण जेटली के पास तो वित्त और रक्षा जैसे दो बड़े मंत्रालय का भार है. चीन के साथ सीमा विवाद को देखते हुए एक फुलटाइम डिफेंस मिनिस्टर की जरूरत साफ देखी जा सकती है. एम वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनाए जाने के बाद सूचना-प्रसारण मंत्रालय और शहरी विकास मंत्रालय खाली हुए.

सूचना प्रसारण का एडिशनल चार्ज कपड़ा मंत्री स्मृति इरानी को मिला, तो शहरी विकास मंत्रालय नरेंद्र सिंह तोमर को मिला है. ऐसे में यह जिम्मेदारी मिलने के बाद नरेंद्र सिंह तोमर के पास पांच मंत्रालय हैं. वहीं स्मृति इरानी के पास भी दो मंत्रालय का भार है. इसी तरह अनिल माधव दवे के मई में निधन के बाद से केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन उनके पर्यावरण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं.

नए राज्यपालों के नामों की घोषणा संभव

कैबिनेट में फेरबदल के अलावा सरकार विभिन्न राज्यों के राज्यपाल के नामों की घोषणा कर सकती है, जिसमें तमिलनाडु और बिहार के राज्यपाल भी शामिल हैं. इसके अलावा कुछ मंत्रियों को साल 2019 के चुनाव के मद्देनजर पार्टी में भेजा जा सकता है. ये मंत्री उत्तर प्रदेश राज्य यूनिट पर विशेष ध्यान देंगे.

 

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