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तहजीब से पेश आने के लिए पुलिस वाले सीखें उर्दू, कर्नाटक के CM सिद्धारमैया की नसीहत

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रदेश की पुलिस को नसीहत दी है कि वह लोगों से विनम्रता और तहजीब से बात करने के लिए उर्दू भाषा सीखें. बेंगलुरु पुलिस के 50 साल पूरे होने पर हुए एक समारोह में सिद्धारमैया ने यह बात कही.

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aajtak.in
आज तक वेब ब्‍यूरो [Edited By: सौरभ द्विवेदी]बेंगलुरु, 31 December 2013
तहजीब से पेश आने के लिए पुलिस वाले सीखें उर्दू, कर्नाटक के CM सिद्धारमैया की नसीहत सिद्धारमैया

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रदेश की पुलिस को नसीहत दी है कि वह लोगों से विनम्रता और तहजीब से बात करने के लिए उर्दू भाषा सीखें. बेंगलुरु पुलिस के 50 साल पूरे होने पर हुए एक समारोह में सिद्धारमैया ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि अगर लोग सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं, तो पुलिस की बड़ी इमारतों और दूसरे संसाधनों का कोई मतलब नहीं.

सिद्धारमैया बोले, 'तहजीब से बात करना सीखने के लिए पुलिसवालों को निश्चित रूप से उर्दू का इस्तेमाल करना आना चाहिए. अगर पुलिसवाले उर्दू सीख लेते हैं, तो वे लोगों का समर्थन पा सकते हैं. आप हर किसी से एक ही भाषा में बात नहीं कर सकते.'

छोटे ट्रैफिक नियम उल्लंघनों पर ध्यान दो
ट्रैफिक पुलिस को सड़क पर होने वाले नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरतने को कहते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर इन पर काबू पा लिया गया, तो बड़ी समस्याएं सुलझ जाएंगी. सिद्धारमैया ने कहा कि ड्राइव करते समय फोन पर बात करना या ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी कर आगे बढ़ जाना छोटे मुद्दे हैं. लेकिन इन पर नियंत्रण कर लिया गया, तो ट्रैफिक की बडी़ मुश्किलें हल हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं कि ये कानून अनपढ़ लोग ही तोड़ते हैं. पढ़े-लिखे लोग भी ट्रैफिक नियमों के मामले में लापरवाही बरतते हैं.

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