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न सांसद, न मंत्री फिर भी प्रियंका को क्यों मिला था दिल्ली में सरकारी बंगला

21 फरवरी, 1997 को प्रियंका गांधी वाड्रा को लोधी रोड स्थित बंगला अलॉट किया गया था. प्रियंका गांधी 6-बी हाउस नंबर- 35 लोधी एस्टेट में फैमिली के साथ दो दशक से रहती हैं. SPG सुरक्षा के तहत गांधी परिवार को ये बंगला अलॉट किया गया था, लेकिन बीते साल नवंबर में केंद्र सरकार ने SPG सुरक्षा हटा ली थी.

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aajtak.in
दीपक सिंह स्वरोची नई दिल्ली, 02 July 2020
न सांसद, न मंत्री फिर भी प्रियंका को क्यों मिला था दिल्ली में सरकारी बंगला प्रियंका गांधी को क्यों मिला बंगला?

  • राजीव गांधी की हत्या के बाद से मिली थी SPG सुरक्षा
  • साल 2019 में SPG हटा कर दी गई Z+ कैटेगरी सुरक्षा

केंद्र सरकार ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से एक अगस्त तक नई दिल्ली स्थित सरकारी बंगला खाली करने को कहा है. केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली के लोधी एस्टेट स्थित सरकारी बंगले को छोड़ने का नोटिस मिला है.

दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को शहरी विकास मंत्रालय को एक पत्र लिखा था. गृह मंत्रालय ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा को सीआरपीएफ कवर के साथ जेड प्लस सिक्योरिटी मिली है. इसमें सरकारी आवास के आवंटन के लिए कोई प्रावधान नहीं है. मंत्रालय ने कहा कि प्रियंका गांधी को अब SPG सुरक्षा भी नहीं मिली हुई है.

इस आधार पर बुधवार को डायरेक्टोरेट ऑफ एस्टेट ने कांग्रेस नेता का आवंटन रद्द कर और एक महीने के अंदर घर को खाली करने का निर्देश दिया. नोटिस में कहा गया है कि जेड प्लस सुरक्षा कवर वाले व्यक्ति सरकारी आवास के हकदार नहीं हैं.

प्रियंका गांधी को एक नोटिस भी जारी किया गया, जिसमें 30 जून 2020 तक 3,46,677 रुपये बकाया होने की बात है. सूत्रों के मुताबिक, प्रियंका गांधी ने नोटिस मिलने के बाद इसका भुगतान कर दिया है.

किसे मिलता है सरकारी आवास?

पीटीआई के मुताबिक, 21 फरवरी, 1997 को प्रियंका गांधी वाड्रा को लोधी रोड स्थित सरकारी बंगला अलॉट किया गया था. प्रियंका गांधी 6-बी हाउस नंबर- 35 लोधी एस्टेट में फैमिली के साथ रहती हैं. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई, 1991 को हुई हत्या के बाद गांधी परिवार को SPG सुरक्षा प्रदान की गई थी.

लगभग दो दशक से प्रियंका इसी मकान में रह रही हैं. SPG सुरक्षा के तहत गांधी परिवार को ये बंगला अलॉट किया गया था, लेकिन बीते साल नवंबर में केंद्र सरकार ने SPG सुरक्षा हटा ली थी. अब कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की सुरक्षा Z+ कैटेगरी कर दी गई है जो सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के जिम्‍मे है. लेकिन Z प्लस सुरक्षा में बंगला नहीं मिलता है.

एजेंसी के अनुसार, प्रियंका गांधी इस बंगले के लिए 37 हजार रुपये प्रति महीने का किराया दे रही थीं.

नियमों के मुताबिक जेड प्लस सिक्योरिटी प्राप्त व्यक्ति को सरकारी आवास नहीं मिलता, हालांकि कैबिनेट कमेटी ऑन अकोमोडेशन चाहे तो गृह मंत्रालय के आकलन के आधार पर इसकी सिफारिश कर सकती है.

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2000 में बदल दिया गया था नियम

पीटीआई एजेंसी को एक अधिकारी ने बताया कि साल 2000 में ही ये नियम बना दिया गया था कि जिस व्यक्ति के पास SPG सुरक्षा नहीं है, उसे किसी तरह का सरकारी बंगला नहीं दिया जाएगा. पहले तय हुआ था कि इस श्रेणी में बंगले को मार्केट रेट से 50 फीसदी अधिक के किराये के रुप में दिया जाएगा, लेकिन बाद में इसे 30 फीसदी तक कर दिया गया.

पंजाब सीएम अमरिंदर सिंह ने सुरक्षा और आवास दोनों देने की मांग की

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि राजनीतिक विचारों और मतभेदों को किसी भी व्यक्ति की पूर्ण सुरक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के रूप में नहीं लिया जा सकता है और न ही ऐसा किया जाना चाहिए, खासकर जब उस शख्स के लिए जो परिवार के दो सदस्यों को आतंकी हमलों में खो चुका हो.

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उन्होंने कहा कि इस पृष्ठभूमि को देखते हुए सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की सुरक्षा पूरे देश के लिए चिंता का विषय है, जो पिछले कई दशकों से निस्वार्थ भाव से देश की सेवा कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि न तो प्रियंका की एसपीजी सुरक्षा को वापस लेना चाहिए और न ही उनके सरकारी आवास को रद्द किया जाना उचित है.

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