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कठुआ रेप-मर्डर केस: मायावती बोलीं- सजा मिलने से कानून का राज कायम होगा

मायावती ने कहा कि इस सजा के बाद लोगों के मन में संभव है कानून का कुछ डर पैदा हो और वे दरिंदगगी से बाज आएं, कानून का राज कायम करने के लिए देश में हर जगह ऐसी सजाएं देना जरूरी लगता है.

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aajtak.in [Edited by: विशाल कसौधन/रविकांत सिंह]नई दिल्ली, 11 June 2019
कठुआ रेप-मर्डर केस: मायावती बोलीं- सजा मिलने से कानून का राज कायम होगा बीएसपी अध्यक्ष मायावती (फाइल फोटो)

कठुआ रेप-मर्डर केस में दोषियों को मिली सजा का बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने स्वागत किया है. मायावती ने कहा कि इस सजा के बाद लोगों के मन में कानून का डर पैदा होगा और वे दरिंदगी से बाज आएंगे. मंगलवार को मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा, 'माननीय कोर्ट द्वारा कठुआ की मासूम बच्ची रेप-मर्डर केस में 3 दरिंदों को उम्रकैद व 3 अन्य को 5 साल कैद की सज़ा देने के बाद संभव है लोगों में कानून का कुछ डर पैदा हो और वे दरिंदगी से बाज आएं, कानून द्वारा कानून का राज कायम करने के लिए देश में हर जगह ऐसी सजाएं देना जरूरी लगता है.'

पंजाब के पठानकोट की एक विशेष अदालत ने जम्मू और कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में सोमवार को सात में से छह को दोषी करार दिया. अदालत ने इनमें से तीन, मंदिर के पुजारी और मामले के मास्टरमाइंड संजी राम, दीपक खजुरिया और प्रवेश कुमार को 25 साल की उम्रकैद की सजा सुनाई. जांच अधिकारियों राज और दत्ता और विशेष पुलिस अधिकारी सुरेंद्र कुमार को मामले में महत्वपूर्ण सबूत नष्ट करने के लिए पांच साल की सजा सुनाई गई.

संजी राम के बेटे विशाल को साक्ष्यों की कमी की वजह से रिहा कर दिया गया लेकिन उसके नाबालिग भतीजे का भाग्य किशोर न्यायालय की ओर से तय किया जाएगा. मामले में आठ आरोपी हैं. उसका मुकदमा अभी शुरू होना है. जम्मू और कश्मीर उच्च हाई कोर्ट में उसकी उम्र तय करने की याचिका प्रतीक्षारत है, उस पर मुकदमा चलाना शुरू करना अभी बाकी है. पठानकोट जिला और सत्र जज तेजविंदर सिंह ने खुली अदालत में फैसला सुनाया. मामले की सुनवाई 3 जून को समाप्त हुई.

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