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आतंक के साइबर टेक्नोक्रेट कश्मीर में आतंकी प्रोपगेंडा फैलाने में जुटे

कश्मीर घाटी में सीमा के उस पार से सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ प्रोपगेंडा फैलाने की कोशिश की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी एक लिस्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी है.

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जितेंद्र बहादुर सिंह/ देवांग दुबे गौतम नई दिल्ली, 05 September 2018
आतंक के साइबर टेक्नोक्रेट कश्मीर में आतंकी प्रोपगेंडा फैलाने में जुटे सांकेतिक तस्वीर

कश्मीर घाटी में सीमापार से सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ प्रोपगेंडा फैलाने की कोशिश की जा रही है. यह जानकारी भारतीय खुफिया एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को दी है. सुरक्षा एजेंसियों ने तमाम सोशल मीडिया से जुड़ी हुई एक लिस्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कश्मीर घाटी में इस समय आईएसआईएस, अल कायदा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कमांडर सीमापार से निर्देश लेकर कश्मीर में जिहाद के नाम पर प्रोपगेंडा फैला रहे हैं.

पकड़ में आया अल कायदा का टेलीग्राम चैनल

सूत्रों के मुताबिक हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों ने 'KOSHUR KOKUR' नाम के एक एक टेलीग्राम चैनल को पकड़ा. यह टेलीग्राम चैनल आतंकी संगठन अल कायदा से जुड़ा हुआ है.  इसमें ओसामा बिन लादेन से जुड़े हुए तमाम मैसेज घाटी के युवाओं को जिहाद के नाम पर रेडिकलाइज करने के लिए भेजे जा रहे थे.

यही नहीं अंसार-गजवत-उल-हिन्द भी घाटी में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरीके के भड़काऊ वीडियो पोस्ट करने में जुटा हुआ है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अंसार-गजवत-उल-हिन्द भी ओसामा बिन लादेन के पदचिन्हों पर चलने के लिए कश्मीर के युवाओं को कह रहा है.

सूत्रों ने जो जानकारी दी है उसके मुताबिक इस समय आतंकियों के खिलाफ जो ह्यूमन टू ह्यूमन इंटेलिजेंस आ रहा है, उसके जरिए इस साल अब तक लगभग 145 आतंकवादियों को ढेर किया गया है. ऐसे में आतंकी आका अब वीडियो मैसेज के जरिए आतंकी कमांडरों को यह आगाह कर रहे हैं कि वह अपने आसपास के लोगों से सावधान रहें. दरअसल कश्मीर घाटी में घटती हुई आतंकियों की संख्या से सीमापार बैठे आतंकी आका घबराए हुए हैं.

जैश चीफ कश्मीर में युवाओं को जिहाद के लिए भड़का रहा

जैश चीफ मसूद अजहर कश्मीर में जिहाद फ़ैलाने के लिए ऑडियो और वीडियो मैसेज का इस्तेमाल कर रहा है. हाल ही में ख़ुफ़िया एजेंसियों ने पीओके से भेजे गए ऑडियो और वीडियो संदेश को पकड़ा है.

ख़ुफ़िया सूत्रों ने आज़तक को जानकारी दी है कि जैश कश्मीर घाटी में टेलीग्राम चैनल 'अंसार- ए -जैश' के जरिए प्रोपगेंडा फैलाने वाले संदेश भेजता है. जिसमें जैश-ए-मोहम्मद का चीफ़ मौलाना मसूद अजहर यह कह रहा है कि वह विदेशों में अपने बच्चों को पढ़ाने के बजाए जिहाद करने के लिए उनके पास भेजें.  

सुरक्षाबलों की साइबर एक्सपर्ट टीम ने इस तरीके के मैसेज पकड़े हैं. सूत्रों के मुताबिक़ मसूद अज़हर का इस तरीके के मैसेज भेजने के पीछे मकसद घाटी के युवाओं को जैश के कैडर में शामिल करना है. ख़ुफ़िया एजेंसियों ने हाल ही में मसूद अजहर का एक ऑडियो संदेश ट्रैक किया है, जिसमें ये कहा जा रहा है कि जैश के आतंकी केवल कश्मीर में ही नहीं कई दूसरे शहरों में भी मौजूद हैं.

आपको बता दें कि सुरक्षाबलों ने सिर्फ जैश और अल कायदा के ही सोशल मीडिया पर प्रोपगेंडा ऑडियो वीडियो मैसेज नहीं पकड़े हैं, बल्कि हिजबुल मुजाहिदीन और अंसार-ग़ज़वत-उल-हिन्द के सोशल मीडिया पर मौजूद टेलीग्राम और ट्विटर के संदेश भी पकड़े हैं.

हाल ही में टेलीग्राम चैनल 'तहरीके संजबाग' की एक जानकारी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने डिकोड किया है, जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि साउथ कश्मीर से करीब 70 युवाओं ने आतंक की राह चुनी है. सूत्रों की मानें तो आतंकियो के इस दावे में कोई दम नहीं है.

इसी तरीके का एक ट्विटर अकाउंट जोकि 'कश्मीर लाइफ' के नाम से चलता है उसको भी खुफिया एजेंसियों ने पकड़ा है. सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर घाटी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे प्रोपगेंडा पर आईएसआईएस के एक टेलीग्राम चैनल का भी खुलासा किया है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कश्मीर घाटी में 'WILLAYAH KASHMIR' नाम का एक टेलीग्राम ग्रुप घाटी के युवाओं को आईएसआईएस से जुड़े कंटेंट पोस्ट कराने में जुटा है. सूत्रों के मुताबिक़ इस टेलीग्राम ग्रुप में करीब 233 लोग जुड़े हैं.

खुफ़िया एजेंसी की साइबर विंग ने ये इंटरसेप्ट किया है कि ग्रुप के हैंडलर्स आईएसआईएस के सेल्फ प्रोक्लेम्ड कमांडर हैं. वो कश्मीर घाटी के युवाओं को लोन वुल्फ अटैक करने के लिए बरगला रहे हैं.

गृह मंत्रालय ने बनाया स्पेशल डिवीजन

गृह मंत्रालय ने पहली बार एक स्पेशल डिवीजन बनाया है जो आतंक और रेडिक्लाइजेशन से निपटने के हर पहलू पर काम कर रहा है. हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ख़ुफ़िया विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर इसके कम को लेकर समीक्षा बैठक भी की थी.

दरअसल जिस तरीके से सोशल मीडिया के जरिए आईएसआईएस, अल कायदा, जैश, हिज्बुल मुजाहिदीन और लश्कर अपनी पैठ बढ़ाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते हैं उससे निपटने के लिए मोदी सरकार ने  गृह मंत्रालय में अलग डिवीजन बनाकर ये बता दिया है कि आतंकियों के लड़ाके भारत मे अपनी घुसपैठ नहीं कर पाएंगे.

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