एडवांस्ड सर्च

पहलू खान केस: पुलिस मालखाने में थे जब्त मोबाइल और FSL रिपोर्ट, कोर्ट में नहीं किया गया पेश

पहलू खान केस में आरोपियों की पहचान जिस मोबाइल क्लिप से हुई थी उस मोबाइल को पुलिस ने बरामद कर लिया था और पूरे फुटेज की एफएसएल जांच भी कराई गई थी मगर ये दोनों ही चीजें कोर्ट में पेश नहीं की गईं.

Advertisement
aajtak.in
शरत कुमार जयपुर, 02 September 2019
पहलू खान केस: पुलिस मालखाने में थे जब्त मोबाइल और FSL रिपोर्ट, कोर्ट में नहीं किया गया पेश अलवर में पहलू खान पर हमला किया गया था. (फाइल फोटो)

  • पहलू खान केस में सबूतों को जानबूझकर दबाया गया
  • पुलिस के माल खाने में पड़े रहे सबूत, कोर्ट में नहीं किया पेश
  • आज राजस्थान सरकार को एसआईटी सौंपेगी रिपोर्ट

पहलू खान मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी आज अपनी रिपोर्ट राजस्थान सरकार को सौंपेगी. एसआईटी ने अपनी जांच में चौंकाने वाला खुलासा किया है. आजतक को मिली जानकारी के मुताबिक जांच करने वाले अधिकारी और न्यायालय में पैरवी करने अधिकारियों ने मिलजुल कर लापरवाही की. इसका अंजाम ये हुआ कि सभी आरोपी बरी हो गए. एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में पाया है कि जिन सबूतों की कमी के आधार पर आरोपी बरी हो गए थे वे सबूत जांच के दौरान सही-सलामत अवस्था में थे और पुलिस के पास मौजूद थे. मगर जांच अधिकारी और मुकदमे की पैरवी करने वालों ने अधिकारियों ने जान-बूझकर उसे छुपा दिया.

आरोपियों की पहचान जिस मोबाइल क्लिप से हुई थी उस मोबाइल को पुलिस ने बरामद कर लिया था और पूरे फुटेज की एफएसएल जांच भी कराई गई थी. मगर ये दोनों ही चीजें कोर्ट में पेश नहीं की गईं. इस मामले में फैसला देते हुए जज ने लिखा था कि फुटेज में दिख रहे लोगों को हम संदेह का लाभ देते हैं क्योंकि इस फुटेज की एफएसएल जांच नहीं कराई गई है और यह वीडियो जिस मोबाइल से बनाया गया वह मोबाइल भी बरामद नहीं हुआ है.

जब एसआईटी ने इस मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि ये दोनों ही चीजें पुलिस के मालखाने में रखी हुई हैं. पुलिस ने उस वक्त मोबाइल से फुटेज बनाने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसका मोबाइल भी बरामद कर लिया था और पूरे फुटेज की FSL रिपोर्ट भी करवाई थी. मगर मोबाइल और एफएसएल रिपोरट को कोर्ट में पेश नहीं किया गया और मालखाने में धूल खाने के लिए छोड़ दिया गया.

सरकारी वकील ने भी इन चीजों को रिकॉर्ड पर लेकर कोर्ट में पेश नहीं किया. इसके बाद ही कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपियों को बरी कर दिया. जांच के दौरान समय में भी हेर-फेर किया गया. कालू खान का बयान शाम को लिया गया था और एफआईआर 16 घंटे बाद दिन में 3:30 बजे दिखाई गई. इस आधार पर कहा गया कि मुकदमा 16 घंटे बाद दर्ज हुआ है जबकि सच्चाई थी कि केस सुबह 3:30 बजे दर्ज हुआ था. यहां पर टाइमिंग में AM और PM का खेल किया गया. आज एसआईटी की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी जाएगी इसके बाद राजस्थान सरकार इस मामले में आरोपियों के बरी होने के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करेगी. रिपोर्ट के मुताबिक मामले को जानबूझकर रफा-दफा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी जाएगी.

बता दें कि 14 अगस्त को अलवर कोर्ट ने सभी 6 आरोपियों को बरी कर दिया है. अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपियों को बरी कर दिया. पहलू खान 1 अप्रैल 2017 को जयपुर से दो गाय खरीदकर वापस अपने घर जा रहे थे. रास्ते में भीड़ ने न सिर्फ उनकी गाड़ी को रुकवाया बल्कि पहलू खान और उसके बेटों के साथ क्रूरतापूर्वक मारपीट की थी. इलाज के दौरान पहलू खान की मौत हो गई थी.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay