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कर्नाटक: कांग्रेस-बीजेपी ने किया SC के फैसले का स्वागत, अयोग्य विधायक कहां जाएंगे?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही स्वागत किया है. कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि मैं कोर्ट के पूरे निर्णय का स्वागत करता हूं. यहां तक कि अयोग्य विधायकों को जो चुनाव लड़ने का मौका मिला है मैं उसका भी स्वागत करता हूं. सिद्धारमैया ने कहा कि यह उन विधायकों के लिए सबक है जो दूसरे दलों के साथ जाना चाहते हैं.

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aajtak.in बेंगलुरू, 13 November 2019
कर्नाटक: कांग्रेस-बीजेपी ने किया SC के फैसले का स्वागत, अयोग्य विधायक कहां जाएंगे? कर्नाटक के सीएम बी.एस येदियुरप्पा (फोटो- IANS)

  • सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के अयोग्य विधायकों पर दिया फैसला
  • कोर्ट ने सभी 17 अयोग्य MLA को दी उपचुनाव लड़ने की इजाजत
  • बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने किया SC के फैसले का स्वागत

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के अयोग्य विधायकों पर बड़ा फैसला दिया है. कोर्ट ने कहा कि कर्नाटक के अयोग्य ठहराए गए विधायक 5 दिसंबर को होने वाले उपचुनाव में लड़ सकते हैं. हालांकि, कोर्ट ने उनकी अयोग्यता बरकरार रखी है. बता दें कि कर्नाटक में सरकार गठन की खींचतान के बीच कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 4 विधायकों ने इस्तीफे दे दिए थे, जिन्हें बाद में विधानसभा स्पीकर ने अयोग्य घोषित कर दिया था.

बुधवार को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही स्वागत किया है. कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि मैं कोर्ट के पूरे निर्णय का स्वागत करता हूं. यहां तक कि अयोग्य विधायकों को जो चुनाव लड़ने का मौका मिला है मैं उसका भी स्वागत करता हूं. सिद्धारमैया ने कहा कि यह उन विधायकों के लिए सबक है जो दूसरे दलों के साथ जाना चाहते हैं.

येदियुरप्पा ने भी की तारीफ

वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सराहा. उन्होंने कहा कि मैं अयोग्य विधायकों को चुनाव लड़ने की अनुमति देने वाले कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं. इस बीच येदियुरप्पा से जब यह सवाल किया गया कि क्या ये सभी 17 विधायक बीजेपी में शामिल होंगे तो उन्होंने शाम तक इंतजार करने की बात कही. येदियुरप्पा ने कहा, 'शाम तक इंतजार कीजिए. मैं विधायकों से चर्चा करूंगा. साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से भी मैं चर्चा करूंगा. शाम को हम उचित फैसला लेंगे.'

बता दें कि जुलाई 2019 में इन सभी 17 विधायकों ने कांग्रेस और जेडीएस से उस वक्त इस्तीफे दिए थे, जब येदियुरप्पा को अपनी सरकार के लिए फ्लोर टेस्ट पास करना था. इस्तीफों के बाद येदियुरप्पा की राह आसान हो गई थी और वह सरकार बनाने में सफल हो गए थे. इस तरह कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिर गई थी.

ताजा फैसले पर कर्नाटक विधानसभा के तत्कालीन स्पीकर की तरफ से पेश होने वाले वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कोर्ट ने स्पीकर की 95 फीसदी बातों को सही करार दिया है. उन्होंने कहा कि इस आदेश के बाद येदियुरप्पा सरकार को नैतिकता के आधार पर बने रहने का हक नहीं है.

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