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कर्नाटक: उपचुनाव में BJP के अपने हुए बागी, येदुरप्पा को उल्टा न पड़ जाए दांव

कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस के बागियों को गले लगाने से बीजेपी के अपने नेता ही बगवात का रुख अपना लिए हैं. इतना ही नहीं बीजेपी के खिलाफ बीजेपी नेता ही निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ताल ठोंक रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा के लिए कांग्रेस-जेडीएस के बागियों को प्रत्याशी बनाने का दांव कहीं उल्टा न पड़ जाए?

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aajtak.in
कुबूल अहमद नई दिल्ली, 14 November 2019
कर्नाटक: उपचुनाव में BJP के अपने हुए बागी, येदुरप्पा को उल्टा न पड़ जाए दांव सीएम बीएस येदुरप्पा ने कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों को दिलाई बीजेपी की सदस्यता

  • कर्नाटक में 15 बागी बीजेपी में शामिल
  • कर्नाटक में कई बीजेपी नेताओं ने की बगावत

कर्नाटक में अयोग्य करार दिए गए 17 बागी विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से चुनाव लड़ने की हरी झंडी मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब कांग्रेस-जेडीएस के इन सभी 17 बागी विधायकों को बीजेपी ने उपचुनाव की सियासी रणभूमि में उतारने की रणनीति बनाई है. बीजेपी ने 10 बागियों के प्रत्याशी बनाने की घोषणा कर दी है. बागियों को गले लगाने से बीजेपी के अपने नेता ही बगावत का रुख अपना लिए हैं. इतना ही नहीं बीजेपी के खिलाफ बीजेपी नेता ही निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ताल ठोंक रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा के लिए कांग्रेस-जेडीएस के बागियों को प्रत्याशी बनाने का दांव कहीं उल्टा न पड़ जाए?

कर्नाटक के विधायकों की अयोग्यता के बाद रिक्त हुई 17 विधानसभा सीटों में से 15 सीटों पर 5 दिसंबर को उपचुनाव होने हैं. जबकि, दो सीटों का मामला हाई कोर्ट में लंबित होने की वजह से इन दो सीटों पर उपचुनाव रोक दिया गया है. ऐसे में 15 सीटों पर उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामांकन का दौर जारी है, जो 18 नवंबर तक कर सकते हैं. सूत्रों की मानें तो बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने कांग्रेस के 14 और जेडीएस के 3 बागी विधायकों को उनकी पूर्व सीट से प्रत्याशी बनाए जाने का मन बनाया है.

कांग्रेस-जेडीएस के बागियों को गले लगाने से बीजेपी के अपने नेता नाराज माने जा रहे हैं. कर्नाटक में बीजेपी सांसद बीएन बचेगौड़ा के पुत्र शरत बचेगौड़ा और दूसरे राजू केगे ने खुलेआम पार्टी के खिलाफ विद्रोह कर दिया है. कागवाड़ सीट से राजू केगे और होसकोटे सीट से शरत बचेगौड़ा बीजेपी से टिकट की आस लगाए हुए थे. ऐसे में अब बीजेपी बागियों को उतारने की तैयारी में है तो पार्टी के अपने नेता विद्रोह कर रहे हैं. हालांकि इन दोनों नेताओं ने 2018 के कर्नाटक चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी से हार गए थे.

राजू केगे ने बीजेपी छोड़ने का ऐलान पहले ही कर दिया था और कांग्रेस में जाने का संकेत दे चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने के बाद राजू केगे ने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार से बुधवार को मुलाकात की है. जबकि, शरत बचेगौड़ा ने होसकोटे से निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है. जेडीएस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने शरत बचेगौड़ा को समर्थन देने का दांव चल दिया है.

बता दें कि कर्नाटक में सरकार की खींचतान के बीच तब कांग्रेस के 14, जेडीएस के 3 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था. इसी के बाद तत्कालीन विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार ने इनसभी 17 विधायकों को अयोग्य करार दिया था. इस राजनीतिक उठापटक के बाद कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी की सरकार गिर गई थी और येदियुरप्पा के नेतृत्व में बीजेपी ने सत्ता में वापसी की थी. अयोग्य करार दिए जाने के खिलाफ सभी विधायक सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए.

अयोग्य विधायकों में से 15 विधायक सुप्रीम कोर्ट पहुंचे  तो 2 विधायक हाईकोर्ट पहुंचे थे. इसी बीच चुनाव आयोग ने कर्नाटक की 15 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान कर दिया था. इसके बाद बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट के सामने मांग रखी थी कि चुनाव आयोग को 15 सीटों के लिए विधानसभा उपचुनाव को स्थगित करने का निर्देश दिया जाए. हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने विधायकों के चुनाव लड़ने का रास्ता साफ कर दिया है और गुरुवार को सभी 15 बागी विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. ऐसे में बीजेपी नेता ही बगावत पर उतर आए हैं. 

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