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दिल्ली पुलिस की लाठीचार्ज में कई छात्र हुए घायल: JNUSU

जवाहर लाल यूनिवर्सिटी (JNU) में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच मंगलवार को छात्रों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. छात्रों की ओर से कहा गया कि हम पिछले 23 दिनों से मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई भी हमारी बात नहीं सुन रहा है.

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aajtak.in नई दिल्ली, 19 November 2019
दिल्ली पुलिस की लाठीचार्ज में कई छात्र हुए घायल: JNUSU फाइल फोटो (PTI)

  • मंगलवार को जेएनयू छात्रों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की
  • मांगे पूरी नहीं हुईं तो जारी रहेगा आंदोलन

जवाहर लाल यूनिवर्सिटी (JNU) में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच मंगलवार को छात्रों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. छात्रों की ओर से कहा गया कि हम पिछले 23 दिनों से मांग कर रहे हैं लेकिन कोई भी हमारी बात नहीं सुन रहा है.

दिल्ली पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज किया गया. यह बर्बरता है. छात्रों ने कहा कि कई छात्र जो घायल हैं, वह प्रेस कॉन्फ्रेंस का हिस्सा नहीं बन पाए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रा ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस के पुरुष जवानों के द्वारा छात्राओं को पकड़ा जा रहा था, जो कि पूरी तरह से गलत है.

बता दें कि फीस बढ़ोतरी के खिलाफ यूनिवर्सिटी कैंपस में पिछले तीन सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे छात्र संसद का ध्यान दिलाने के लिए सोमवार को सड़कों पर उतर आए थे. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक सरकार बढ़ाए गए शुल्क को वापस नहीं लेती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा.

छात्रों के संसद मार्च को शाम में सफदरगंज मकबरे के पास पुलिस ने रोक लिया था. हालांकि, फिर भी छात्र सड़क पर ही डटे रहे. इसके बाद पुलिस ने इलाके की स्ट्रीट लाइट बंद करते हुए छात्रों को पीछे की ओर खदेड़ना शुरू किया. वहीं, दिल्ली के कई इलाकों में जाम लगा रहा. इस दरम्यान दिल्ली मेट्रो के 5 स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था.

पूर्व अध्यक्ष ने ट्वीट कर दी जानकारी

सोमवार शाम पूर्व अध्यक्ष एन साई बालाजी ने एक छात्र की बेरहमी से पिटाई को लेकर ट्वीट किया. एन साई बालाजी ने बताया कि क्रांतिकारी गायक और जेएनयूएसयू के पार्षद शशिभूषण समद को बुरी तरह से पीटा गया. वे नेत्रहीन हैं. वे एम्स ट्रॉमा सेंटर में एडमिट हैं.

बार-बार संसद घेरने की जरूरत हुई तो घेरेंगे

प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों ने ऐलान किया कि जबतक सरकार की ओर से बढ़ाई गई हॉस्टल फीस पूरी तरह से वापस नहीं होती है, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. JNUSU की अध्यक्ष आइशी घोष ने ऐलान किया कि अगर बार-बार संसद घेरने की जरूरत हुई तो वो भी करेंगे.

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