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रुचिका मामलाः छिन सकती है राठौर से पुलिस मेडल

रुचिका को पूरा इंसाफ़ दिलाने के लिए आवाज़ें बुलंद होती जा रही हैं. इस बीच, दोषी पूर्व डीजीपी राठौर का पुलिस मेडल वापस लेने पर सोच-विचार चल रहा है. केंद्र सरकार इस बात पर पर ग़ौर कर रही है कि मेडल वापस लेने के कौन-कौन से तरीके हो सकते हैं.

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aajtak.in
हंसा कोरंगा नई दिल्ली, 25 December 2009
रुचिका मामलाः छिन सकती है राठौर से पुलिस मेडल

रुचिका को पूरा इंसाफ़ दिलाने के लिए आवाज़ें बुलंद होती जा रही हैं. इस बीच, दोषी पूर्व डीजीपी राठौर का पुलिस मेडल वापस लेने पर सोच-विचार चल रहा है. केंद्र सरकार इस बात पर पर ग़ौर कर रही है कि मेडल वापस लेने के कौन-कौन से तरीके हो सकते हैं.

राठौर को 1985 में विशेष सेवा का पुलिस मेडल दिया गया था. रुचिका मामले में 19 साल की देरी के बाद राठौर को मिली मामूली सज़ा को लेकर समाज में जो असंतोष पैदा हुआ है, उससे केंद्र सरकार के माथे पर भी सलवटें पड़ गई हैं. माना जा रहा है कि सरकार ये संदेश देने की कोशिश में है कि रुचिका के मामले पर सरकार गंभीर है.

रूचिका गिरहोत्रा छेड़खानी केस में पूर्व डीजीपी राठौर पर शिकंजा कसने की कवायद तेज़ हो गई है. इस मामले में राठौर को महज छह महीने की सजा और फिर कुछ ही देर में जमानत मिल जाने की गूंज देश भर में सुनाई दे रही है. इसको देखते हुए केंद्र सरकार हरकत में आ गई है. सूत्रों के मुताबिक केंद्र 1985 में राठौर को मिले पुलिस मेडल को छिनने के तरीकों पर गौर कर रहा है.

राठौर की सजा बढ़ाने के लिए सरकार सीबीआई से अपील करने के लिए भी कहेगी. राठौर को कारण बताओ नोटिस भी भेजा जाएगा. इस नोटिस के जरिए उनसे पूछा जाएगा कि सीबीआई कोर्ट में मुजरिम ठहराए जाने के बाद उन्हें पूरी पेंशन आखिर क्यों दी जाए.

रूचिका केस में 19 साल बाद फैसला आया था. 19 साल तक रूचिका के परिवार वाले सदमे और तकलीफों में जीते रहे. होनहार बेटी ने छेड़खानी के कुछ सालों के बाद जिस तरह खुदकुशी कर ली थी उससे परिवार अबतक उबर नहीं सका है. जाहिर है रुचिका और उसके परिवार को चंडीगढ़ के उस जमाने में सीनियर पुलिस अफसर रहे राठौर की करतूत का विरोध करना महंगा पड़ा.

किसी ने रुचिका की फरियाद नहीं सुनी. उसके परिवार का दर्द किसी ने नहीं समझा. यहां तक कि रुचिका के नाबालिग भाई पर केस दर केस दर्ज होते गए. घर बिखर गया. छत छीन गई. लेकिन 19 साल के बाद भी जब फैसला आया तो रुचिका के पिता ने साफ कहा कि उनके साथ न्याय नहीं बल्कि मजाक हुआ है.

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