एडवांस्ड सर्च

महिला दिवस: माथे पर बिंदी, हाथों में बंदूक, सलाम कीजिए हिंदुस्तान की महिला शक्ति को

International Women Day सीआरपीएफ की 73वीं बटालियन, जिसमें हर अफसर से लेकर जवान तक हर मोर्चे पर सिर्फ महिलाएं ही हैं.

Advertisement
aajtak.in
कमलजीत संधू श्रीनगर, 08 March 2019
महिला दिवस: माथे पर बिंदी, हाथों में बंदूक, सलाम कीजिए हिंदुस्तान की महिला शक्ति को सीआरपीएफ की 73वीं बटालियन

आज पूरी दुनिया अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रही है और महिलाओं के हौसले को सलाम कर रही है. आपको हम हिंदुस्तान की एक ऐसी महिला शक्ति के बारे में बताएंगे, जिस पर पूरे हिंदुस्तान को नाज है. सीआरपीएफ की 73वीं बटालियन, जिसमें हर अफसर से लेकर जवान तक हर मोर्चे पर सिर्फ महिलाएं ही हैं.

सधे हुए कदम, अनुशासन और कड़ी मेहनत, दुश्मन पर पैनी नजर, हाथों में बंदूक, निशाना सटीक और माथे पर बिंदी. सलाम कीजिए हिंदुस्तान की महिला शक्ति को जो अपना घर परिवार छोड़कर जम्मू कश्मीर में सरहद की खाक छान रही है, ताकि आप और आपका परिवार आतंक से महफूज रह सके.

किसी की बेटी, किसी की मां, किसी की पत्नी, किसी की बहन. बंदूक उठाने वाली इन महिलाओं की भी अपनी अपनी जिंदगी है अपना अपना परिवार है लेकिन पहचान सिर्फ एक, देशभक्ति देशसेवा.

14 फरवरी को पुलवामा के जिस आत्मघाती आतंकी हमले ने पूरे देश को दहला दिया, उसे स्वाति गौर ने बेहद करीब से देखा था. स्वाति खुद सीआरपीएफ के काफिले में थी. स्वाति कहती है कि हमले ने झकझोर दिया लेकिन आतंक से लड़ने का उनका हौसला और भी मजबूत हुआ है.

एनकाउंटर के दौरान पत्थरबाजों से निपटना हो, पेट्रोलिंग ड्यूटी हो या सर्च ऑपरेशन देश, CRPF की ये जांबांज हर मोर्चे पर तैनात हैं. परिवार से दूर कड़ी चुनौतियों के बीच ये सब एक दूसरे का परिवार हैं.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay