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गिरिराज सिंह ने जनसंख्या के मामले में चीन से भारत को बताया आगे, दिया ये तर्क

गिरिराज सिंह ने कहा है कि देश की जनसंख्या 150 करोड़ हो गई है. अभी 125 करोड़ भारतीयों के पास आधार है, वहीं 20 प्रतिशत यानी 25 करोड़ नागरिक बिना आधार के हैं और लगभग पांच करोड़ बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए अवैध रूप से भारत में रहते हैं. इससे पता चलता है कि हमारे देश की जनसंख्या सवा सौ करोड़ नहीं, बल्कि 150 करोड़ है और हम चीन से आगे निकल चुके हैं.

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aajtak.in नई दिल्ली, 13 October 2019
गिरिराज सिंह ने जनसंख्या के मामले में चीन से भारत को बताया आगे, दिया ये तर्क विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में रहते हैं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (फाइल फोटो-IANS)

  • गिरिराज बोले- चीन को पीछे छोड़ भारत की जनसंख्या हुई 150 करोड़
  • दावा-चीन में प्रति मिनट 11 और भारत में प्रति मिनट 33 बच्चे पैदा होते हैं

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि देश की जनसंख्या 150 करोड़ हो गई है. उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कहा, "वर्तमान समय में 125 करोड़ भारतीयों के पास आधार है, वहीं 20 प्रतिशत यानी 25 करोड़ नागरिक बिना आधार के हैं और लगभग पांच करोड़ बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए अवैध रूप से भारत में रहते हैं. इससे पता चलता है कि हमारे देश की जनसंख्या सवा सौ करोड़ नहीं, बल्कि 150 करोड़ है और हम चीन से आगे निकल चुके हैं."

गिरिराज ने कहा, "हमारे पास कृषि योग्य भूमि दुनिया का करीब दो प्रतिशत है, पीने योग्य पानी चार प्रतिशत है और जनसंख्या दुनिया की 20 प्रतिशत है. यदि चीन से तुलना करें तो हमारा क्षेत्रफल चीन का लगभग एक-तिहाई है और जनसंख्या वृद्धि की दर चीन से तीन गुना है. चीन में प्रति मिनट 11 बच्चे और भारत में प्रति मिनट 33 बच्चे पैदा होते हैं."

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 1974 से हम लोग हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और मृदा प्रदूषण की समस्या कम नहीं हो रही है और इसका मूल कारण जनसंख्या विस्फोट है.

असल में, जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर मेरठ से बीते 11 अक्टूबर को बीजेपी नेताओं के नेतृत्व में निकली यात्रा का रविवार को जंतर-मंतर पर समापन हो गया. नानाजी देशमुख और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर शुरू हुई इस जनसंख्या समाधान यात्रा में मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल और कई बीजेपी नेता शामिल हुए. यात्रा के आखिरी दिन जंतर मंतर पर आयोजित रैली में गिरिराज सिंह बोल रहे थे.

जल, जंगल और जमीन की समस्या

आरएसएस पदाधिकारी इंद्रेश कुमार ने कहा, "जल, जंगल और जमीन की समस्या, रोटी कपड़ा, मकान और पर्यावरण प्रदूषण की समस्या का मूल कारण जनसंख्या विस्फोट है. डकैती, झपटमारी, घरेलू हिंसा और महिलाओं पर शारीरिक मानसिक अत्याचार, अलगाववाद कट्टरवाद और पत्थरबाजी का मूल कारण भी जनसंख्या विस्फोट है."

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जनसंख्या समाधान यात्रा के संयोजक और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और सांसद-विधायक तथा बुद्धिजीवी इस बात से सहमत हैं कि देश की 50 प्रतिशत से ज्यादा समस्याओं का मूल कारण जनसंख्या विस्फोट है.

कड़े कानून की मांग

उन्होंने कहा कि "जब तक दो करोड़ बेघरों को घर दिया जाएगा तब तक 10 करोड़ बेघर और पैदा हो जाएंगे, इसलिए एक नया जनसंख्या कानून ड्राफ्ट करने में समय खराब करने के बजाए चीन के जनसंख्या नियंत्रण कानून में ही आवश्यक संशोधन कर उसे लोकसभा में पेश करना चाहिए. कानून मजबूत और प्रभावी होना चाहिए और जो व्यक्ति इस कानून का उल्लंघन करे, उसका राशन कार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता, बिजली कनेक्शन और मोबाइल कनेक्शन बंद करना चाहिए."

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक उपाध्याय ने कहा, "कानून तोड़ने वालों पर सरकारी नौकरी और चुनाव लड़ने तथा पार्टी पदाधिकारी बनने पर आजीवन प्रतिबंध लगाना चाहिए. ऐसे लोगों को सरकारी स्कूल, अस्पताल सहित अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित करना चाहिए और 10 साल के लिए जेल भेजना चाहिए."

जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा, "हजारों साल पहले भगवान राम ने जनता को संदेश देने के लिए लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न सहित स्वयं 'हम दो-हमारे दो' नियम का पालन किया था, जबकि उस समय जनसंख्या समस्या इतनी खतरनाक नहीं थी."

जनसंख्या समाधान फाउंडेशन की संयोजक ममता सहगल ने कहा कि "संयुक्त राष्ट्र संघ के निर्देशानुसार हम लोग प्रत्येक वर्ष 25 नवंबर को महिला हिंसा उन्मूलन दिवस मनाते हैं, लेकिन महिलाओं पर हिंसा बढ़ती जा रही है और इसका मूल कारण भी जनसंख्या विस्फोट है."

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