एडवांस्ड सर्च

रिटायरमेंट के बाद एक दिन भी काम नहीं करना चाहते मोदी के ये खास अफसर

वित्त सचिव हसमुख अधिया 30 नवंबर को सेवानिवृत होने जा रहे हैं. इससे पहले आज वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोशल मीडिया पर उनकी जमकर सराहना की.

Advertisement
aajtak.in
राहुल झारिया नई दि‍ल्‍ली, 17 November 2018
रिटायरमेंट के बाद एक दिन भी काम नहीं करना चाहते मोदी के ये खास अफसर वित्त सचिव हसमुख अधिया(फाइल फोटो-रायटर्स)

वित्त सचिव हसमुख अधिया 30 नवंबर को रिटायर होने जा रहे हैं. उससे पहले, आज वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोशल मीडिया पर उनकी जमकर सराहना की और बताया कि अधिया उन्‍हें पहले ही बता चुके हैं कि वे 30 नवंबर 2018 के बाद वह एक दिन भी काम नहीं करेंगे.

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 में नोटबंदी जैसे ऐतिहासिक कदम के लिए अपने कुछ ऐसे भरोसेमंद अफसरों को चुना था. हसमुख अधिया उन पांच लोगों में शामिल थे, जिन्हें नोटबंदी के बारे में पहले से पता था.

शनिवार को अरुण जेटली ने फेसबुक पर ‘डॉ. हसमुख अधिया रिटायर्स’शीर्षक से पोस्ट लिखी. पोस्ट में जेटली ने कहा, ‘वह निश्चित रूप से एक सक्षम, अनुशासित, व्यावहारिक जनसेवक और निष्कलंक सत्यनिष्ठा वाले अधिकारी हैं.’

जेटली ने कहा कि ड्यूटी से इतर यदि उनका कोई दूसरा काम रहा है तो वह ध्यान और योग में उनकी दिलचस्पी होना है. सरकार निर्वतमान वित्त सचिव की क्षमता और उनके अनुभव का किसी अन्य तरह से इस्तेमाल करना चाहती है.

वित्त मंत्री ने कहा, ‘अधिया ने इस साल की शुरुआत में मुझे सूचित कर दिया था कि 30 नवंबर 2018 के बाद वह एक दिन भी काम नहीं करेंगे. सेवानिवृति के बाद उनका पूरा समय उनकी पसंद के क्षेत्र में और उनके बेटे के लिए होगा.’

भारतीय प्रशासनिक सेवा के गुजरात कैडर के 1981 बैच के अधिकारी अधिया नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद नवंबर 2014 में दिल्ली आये थे. उनकी नियुक्ति वित्तीय सेवाओं के विभाग में सचिव के तौर पर हुई.

जेटली ने देश में जीएसटी लागू करने का श्रेय भी अधिया और उनकी टीम को दिया. उन्होंने कहा, ‘यह उनकी मेहनत और केन्द्र और राज्यों के उनके अधिकारियों की टीम की कोशिशों का ही नतीजा है कि हम 1 जुलाई 2017 से जीएसटी को लागू कर सके, जीएसटी दर में कटौती और रिकार्ड समय के भीतर उसकी खामियों को दूर किया गया.’

राजस्व सचिव के तौर पर अधिया के कार्यकाल को याद करते हुये जेटली ने कहा कि उनके कार्यकाल में कर आधार और कर प्राप्ति में 'अभूतपूर्व वृद्धि' दर्ज की गई. उनके कार्यकाल में जीएसटी के अलावा कालेधन को निकाल बाहर करने के लिये कई अन्य कानूनों को लागू किया गया. वह मोदी सरकार के सामाजिक क्षेत्र के विभिन्न कार्यक्रमों को तैयार करने में भी शामिल रहे.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay