एडवांस्ड सर्च

मानहानि मामले में इंडियाबुल्स को राहत, स्वामी से बोला दिल्ली हाई कोर्ट- पोस्ट डालने से बाज आएं

कोर्ट ने वेब पोर्टल पी गुरु के सीईओ और कार्टूनिस्ट को समन भी जारी किया है. जबकि स्वामी सहित सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. 17 दिसंबर को  अगली सुनवाई तय की है.

Advertisement
aajtak.in
संजय शर्मा नई दिल्ली, 15 September 2019
मानहानि मामले में इंडियाबुल्स को राहत, स्वामी से बोला दिल्ली हाई कोर्ट- पोस्ट डालने से बाज आएं दिल्ली हाईकोर्ट

  • वेब पोर्टल पी गुरु के CEO और कार्टूनिस्ट को कोर्ट का समन
  • 17 दिसंबर को होगी कोर्ट की अगली सुनवाई
  • कोर्ट ने कहा, 2 हफ्ते में विवादास्पद पोस्ट हटाएं

दिल्ली हाई कोर्ट से इंडिया बुल्स को सुब्रमण्यन स्वामी और सोशल मीडिया के निशाने से राहत मिली है. इंडिया बुल्स लक्ष्मी विलास बैंक के साथ बैंकिंग क्षेत्र में उतरे थे और कॉरपोरेट इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस क्षेत्र में काम कर रहे थे. हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को मानहानि के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने राहत देते हुए बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉ सुब्रमण्यन स्वामी और सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम व व्हाट्सएप के साथ वेब पोर्टल पीगुरुज और ये कार्टूनिस्ट  को आदेश दिया है कि इंडिया बुल्स के खिलाफ उनके पोस्ट आधारहीन और मानहानि करने वाले हैं. लिहाजा वो इस बाबत नए पोस्ट डालने से बाज आएं.

दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने अपने अंतरिम आदेश में इन सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स को कहा कि 2 हफ्ते में विवादास्पद पोस्ट हटाएं. इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने कोर्ट से रिट दायर कर गुहार लगाई थी. उनका कहना था कि पी गुरूज और ये कार्टूनिस्ट इनके खिलाफ अनर्गल आरोप लगाकर आए दिन लेख लिखकर और कार्टून बना बनाकर अपने वेब पोर्टल और सोशल मीडिया पर अपलोड करते रहते हैं. इनसे उनकी साख पर बट्टा लग रहा है.

कोर्ट ने वेब पोर्टल पी गुरु के सीईओ और कार्टूनिस्ट को समन भी जारी किया है. जबकि स्वामी सहित सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. 17 दिसंबर को अगली सुनवाई तय की है. बता दें इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के प्रमोटर्स द्वारा कथित तौर पर अवैध तरीके से धन के इस्तेमाल के आरोप पर शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी. सुनवाई के दौरान इंडियाबुल्स के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि यह दुर्भावनापूर्ण याचिका है जिससे उनके मुवक्किल के व्यवसाय और प्रतिष्ठा को नुकसान हो रहा है. ये जनहित याचिका एनजीओ सिटीजन व्हिसल ब्लोअर फोरम ने दायर की है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay