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हेडली बोला- बाल ठाकरे को मारने के लिए हाफिज से मांगा था 6 महीने का वक्त

आतंकी डेविड कोलमैन हेडली ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उसके बयान के कुछ हिस्से को गलत तरीके से रिकॉर्ड किया. हेडली ने खुद के सामने रिकॉर्डेड बयान नहीं पढ़े जाने की बात भी कही.

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aajtak.in
केशव कुमार/ विद्या मुंबई, 26 March 2016
हेडली बोला- बाल ठाकरे को मारने के लिए हाफिज से मांगा था 6 महीने का वक्त हेडली ने रिकॉर्डेड बयान नहीं पढ़े जाने की बात कही

मुंबई में 26/11 हमलों के आरोपी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली ने बताया कि हाफिज सईद ने उससे कहा था कि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे को सबक सिखाने की जरूरत है. इस पर उसने जवाब दिया था कि ठाकरे को 6 महीने के अंदर मार सकता है.

हेडली ने इससे पहले कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उसके बयान के कुछ हिस्से को गलत तरीके से रिकॉर्ड किया. उसने कहा कि एनआईए ने दो अलग-अलग बातों को रिकॉर्ड कर असमंजस में डाल दिया. हेडली ने खुद के सामने रिकॉर्डेड बयान नहीं पढ़े जाने की बात भी कही.

लखवी के बयान पर बना असमंजस
हेडली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए क्रॉस एग्जामिनेशन का शनिवार को चौथा दिन है. पूछताछ शुरू होते ही हेडली ने कहा कि मेरे रिकॉर्ड बयान में कहा गया है कि जकीउर्रहमान लखवी मुझे बताया था कि मुजम्मिल बट और इशरत जहां ने अभियान का गलत संचालन किया. जबकि मैंने कहा था कि लखवी ने अक्षरधाम हमले और इशरत मामले के लिए मुजम्मिल की तारीफ की थी और मैं सोचने लगा था कि जब इशरत वाला मामला गड़बड़ हो गया था तो लखवी ने मुजम्मिल की तारीफ क्यों की?

बाल ठाकरे की हत्या की कोशि‍श
 हेडली ने कहा कि इसके पहले वह मुंबई सीबीआई का दफ्तर का भी सर्वे कर आया था. इससे पहले गुरुवार को जिरह के दौरान हेडली ने कहा था कि लश्कर ने शि‍वसेना के संस्थापक बाल ठाकरे को मारने की असफल कोशि‍श की थी. उसने यह भी कबूल किया उसने इस बाबत दो बार शि‍वसेना भवन की रेकी की थी.

साजिद मीर ने नियामत शाह से मिलवाया
नियामत शाह के भारत में हथियार स्मगल करने के सवाल पर हेडली ने बताया कि वह पूरी बातचीत में शामिल नहीं था. साजिद मीर ने उसे नियामत से मिलवाया था और उसकी यह मंशा बताई थी. मीर ने उसे लश्कर की ओर से नियामत को 8.5 लाख रुपये देने के लिए भी कहा था.

घर आए थे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री
इसके पहले हेडली ने शुक्रवार को खुलासा किया था कि उसके पिता की मौत के कुछ हफ्तों बाद तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी उसके घर आए थे. उसके पिता जब रिटायर हुए थे, तब वे रेडियो पाकिस्तान के महानिदेशक थे. उनका निधन 25 दिसंबर 2008 को हुआ था. हेडली ने कहा कि उसके पिता, भाई और कुछ अन्य परिजन पाकिस्तान सरकार से जुड़े हुए थे.

पढ़ेंः डेविड हेडली ने किए ये 10 बड़े खुलासे

लश्कर से जुड़ने पर पिता को एतराज
हेडली ने बताया कि उसने अपने पिता से लश्कर के साथ संबंधों की चर्चा की थी. उसने कहा, 'मैंने खुद अपने पिता को बताया था कि मैं लश्कर से जुड़ा हूं. उन्होंने इस पर आपत्त‍ि जताई थी.' आतंकी ने बताया कि 9/11 के हमले को लेकर कभी उससे कोई पूछताछ नहीं की गई. उसने कहा था कि पाकिस्तान में उसे एक बार गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि उसकी पूर्व पत्नी फैजा ने उसके खि‍लाफ केस दर्ज करवाया था.

इशरत का नाम लेने का दबाव नहीं
डेविड हेडली ने उन आरोपों को खारिज किया है, जिसमें कहा गया कि पूछताछ के दौरान एनआईए के कहने पर उसने इशरत जहां का नाम लिया और उसे लश्कर का आतंकी बताया. हेडली ने कहा, 'एनआईए ने मुझे इशरत का नाम लेने की सलाह नहीं दी. उन्होंने मुझसे सवाल किया, जिसका मैंने जवाब दिया. वो भला मुझे इशरत का नाम लेने के लिए क्यों कहेंगे? मैंने तहव्वुर राणा के अमेरिका में ट्रायल के दौरान इशरत का नाम इसलिए नहीं लिया क्योंकि उन्होंने मुझसे इस बारे में सवाल नहीं किया. मैं सिर्फ वही कहता जो मुझसे पूछा जाता.'

भारत से लिया स्कूल तबाही का बदला
हेडली ने खुलासा किया है कि वह भारत से बदला लेना चाहता था, क्योंकि भारतीय विमानों ने 1971 में उसके स्कूल पर बम बरसाए थे. पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकी ने मुंबई के एक कोर्ट में जिरह के दौरान शुक्रवार को कहा, 'मैं भारत से बदला लेना चाहता था. 07 दिसंबर 1971 को भारतीय विमानों ने बमबारी कर मेरे स्कूल को तबाह कर दिया था. उस हादसे में वहां काम कर रहे कई लोग मारे गए थे.' हेडली ने कहा कि कई सारे कारणों में से एक कारण यह भी रहा कि उसने लश्कर-ए-तैयबा ज्वॉइन किया.

सरकार की ओर से गवाही देने आया हूं
हेडली ने अदालत को बताया कि उसकी याचिका में भारत या पाकिस्तान को प्रत्यर्पण से इनकार जैसी शर्तों को उसने नहीं जुड़वाया है. आतंकी ने कहा, 'इस ओर एफबीआई और वकीलों की मीटिंग के दौरान मैं शामिल नहीं रहा हूं. मैंने याचिका में यह शर्तें नहीं जुड़वाई कि मैं भारत या पाकिस्तान को प्रत्यर्पण नहीं करूंगा या मुझे फांसी की सजा नहीं दी जाए.' उसने कोर्ट से आगे कहा, 'मैंने सोचा कि मैं यहां सरकार की ओर से गवाही देने के लिए लाया गया हूं.'

कोर्ट में नहीं मिली कोई सुविधा
हेडली ने जिरह के तीसरे दिन कहा कि वह अपने सारे अपराध कबूल करता है. उसने कहा, 'मैं बहुत खराब इंसान हूं. मैं मान गया हूं ये. मैं अपराध स्वीकार कर चुका हूं. आप कह रहे हैं तो फिर मान लेता हूं.' कोर्ट को हेडली ने बताया कि उसे रहने के लिए जेल में कोई लग्जरी सुविधा नहीं दी गई. जिरह के दौरान ऐसे सुझाव के सवाल पर उसने हंसते हुए जवाब दिया. वकील वाहब खान से उससे पूछा कि क्या जेल में उसे वैवाहिक अधिकार दिया गया? लेकिन जज जीके सनप और स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम ने इस तरह के सवाल करने पर आपत्ति‍ जताई.

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