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साइक्लोन 'रोनू' बांग्लादेश की तरफ मुड़ा, आंध्र-ओडिशा में हाई अलर्ट जारी

साइक्लोन रोनू इस समय पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में मौजूद है और उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ रहा है. इस समय साइक्लोन रोनू आंध्र प्रदेश के विशाखापटनम से 250 किलोमीटर और काकीनाड़ा से 160 किलोमीटर की दूरी पर बंगाल की खाड़ी में मौजूद है.

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अमित कुमार दुबे/ सिद्धार्थ तिवारी नई दिल्ली, 21 October 2016
साइक्लोन 'रोनू' बांग्लादेश की तरफ मुड़ा, आंध्र-ओडिशा में हाई अलर्ट जारी मौसम विभाग ने तूफान का अलर्ट जारी किया

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है. मौसम विभाग ने इस चक्रवात को 'रोनू' नाम दिया है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक साइक्लोन रोनू से भारत को खतरा नहीं है और ये 22 तारीख की सुबह को बांग्लादेश के कॉक्स बाजार और केपूपारा के बीच तट से टकराएगा. भारत मौसम विभाग ने इसके मद्देनजर बांग्लादेश को अलर्ट कर दिया है.

मौसम विभाग ने किया तूफान का अलर्ट जारी
साइक्लोन रोनू इस समय पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में मौजूद है और उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ रहा है. इस समय साइक्लोन रोनू आंध्र प्रदेश के विशाखापटनम से 250 किलोमीटर और काकीनाड़ा से 160 किलोमीटर की दूरी पर बंगाल की खाड़ी में मौजूद है. मौसम विभाग ने साइक्लोन रोनू के चलते चेतावनी जारी कर दी है. लेकिन राहत की बात ये है कि साइक्लोन रोनू भारत के पूर्वी तट के साथ साथ चलते हुए बांग्लादेश की तरफ मुड़ जाएगा. इसका सीधा सा मतलब ये है कि साइक्लोन के चलते भारत को कोई खतरा नहीं है. लेकिन आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में मछुआरों को समंदर में न जाने की सलाह दी गई है.

हवा की रफ्तार बढ़ने की आशंका
साइक्लोन रोनू में मौजूद हवाओं की रफ्तार की बात करें तो इस समय इसके अंदर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं उमड़ घुमड़ रही हैं. साइक्लोन सेंटर के मुताबिक रोनू की ताकत में अभई और इजाफा होगा. ऐसा अनुमान है कि अगले 12 से 24 घंटों में इसके भीतर घूम रही हवाओं की रफ्तार बढ़कर 95 से 105 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी. इस समय साइक्लोन रोनू सिवियर साइक्लोन स्टॉर्म की कैटेगरी में आ जाएगा. 20 तारीख को साइक्लोन रोनू के भीतर हवाओं की रफ्तार कई बार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच जाएगी.

समंदर में ऊंची लहरें उठने का खतरा
20 मई की शाम से साइक्लोन रोनू उड़ीसा से 200 से 250 किलोमीटर की दूरी पर होगा और इसकी ताकत में कमी आनी शुरू हो जाएगी. इसके बाद साइक्लोन रोनू बांग्लादेश की तरफ मुड़ना शुरू कर देगा और 21 तारीख की रात को ये 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की हवाओं के साथ चक्रवाती तूफान रह जाएगा. मौसम विभाग का कहना है कि 22 तारीख को सुबह-सुबह चक्रवाती तूफान रोनू बांग्लादेश के कॉक्स बाजार और केपूपारा के बीच तट से टकराएगा. जब ये साइक्लोन तट से टकराएगा तो समंदर में ऊंची-ऊंची लहरें उठेंगी और बांग्लादेश के तमाम इलाकों में भारी बारिश होगी. 22 तारीख से लेकर 24 तारीख तक भारत के पूर्वोत्तर हिस्से में भारी से बहुत भारी बारिश की भी आशंका जाहिर की जा रही है.

आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका
बंगाल की खाड़ी में चक्रवात रोनू के चलते आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कई जगहों पर भारी बारिश की आशंका जाहिर की है. इसी के साथ 20 और 21 तारीख को उड़ीसा के तटवर्ती इलाकों में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट भी मौसम विभाग ने जारी किया है. मौसम विभाग ने उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है. समंदर के किनारे वाले इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश का ये अलर्ट 20 मई तक के लिए है.

समंदर के किनारे नहीं जाने की सलाह
साइक्लोन रोनू के चलते उड़ीसा के तटीय इलाकों में 19 तारीख की रात से 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलनी शुरू हो जाएंगी. इसकी वजह से समंदर में ऊंची-ऊंची लहरें उठेंगी. लिहाजा मौसम विभाग ने लोगों को समंदर के किनारे न जाने की सलाह दी है. उड़ीसा के तटीय इलाकों में 20 तारीख की सुबह से हवाओं की रफ्तार बढ़कर 110 किलोमीटर प्रति घंटे की हो जाएगी. मौसम विभाग ने उत्तरी तमिलनाडु और पुड्डुचेरी के तटीय इलाकों में अगले 24 घंटे तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भविष्यवाणी की है. यहां भी लोगों को अगले 24 घंटे तक समंदर के किनारे न जाने की सलाह दी गई है.

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