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PAK और चीन की साजिश को नाकाम करने के लिए समंदर में 'शौर्य'

PAK और चीन की साजिश को नाकाम करने के लिए समंदर में 'शौर्य'
मंजीत सिंह नेगी [Edited By: सुरभि गुप्ता]गोवा, 12 August 2017

कश्मीर से लेकर सिक्किम सरहद तक भारत के खिलाफ चीन और पाकिस्तान की नापाक साजिश किसी से छुपी नहीं है. हाल में पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह, जिस पर चीन का नियंत्रण है, वहां से भारत में बड़ी मात्रा में ड्रग्स भेजने की नई घुसपैठ का खुलासा हुआ है. ऐसे में बंगाल की खाड़ी से लेकर अंडमान निकोबार तक किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए भारतीय तटरक्षक बेड़े में शामिल हुआ 105 मीटर लंबा युद्धपोत 'शौर्य' अहम भूमिका निभाएगा.

बंगाल की खाड़ी पर तैनात होगा 'शौर्य'

शौर्य युद्धपोत को एडवांस लाइट हैलिकॉप्टर, स्पीड बोट और आधुनिक संचार तंत्र से लैस किया गया है. इस नए युद्धपोत में 94 नाविक और 12 अफसर सवार हो सकते हैं. 6 हजार किमी लंबी समुद्री सरहद की निगरानी में कोस्ट गार्ड का ये नया पोत अहम भूमिका निभाएगा. युद्धपोत 'शौर्य' एक बार में 6 हजार नॉटिकल माइल्स तक जा सकता है. ये 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से समंदर में आगे बढ़ सकता है. शौर्य युद्धपोत आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी की सरहद पर तैनात होगा. ये नया युद्धपोत समंदर में बढ़ते आतंक से मुकाबले में मददगार होगा. इस समय कोस्ट गार्ड के बेड़े में 117 शिप हैं लेकिन पीएम मोदी के मेक इन इंडिया मिशन के तहत आने वाले दिनों में 74 नए युद्धपोत शामिल होंगे.

आधुनिक हथियारों से लैस है 'शौर्य'

एक खास समारोह में तेल और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शौर्य को कोस्ट गार्ड के बेड़े में शामिल किया. इस मौके पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश की समुद्री सरहद को और मजबूत बनाने के लिए मोदी सरकार हर संभव कदम उठा रही है. देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए समुद्री सुरक्षा जरूरी है और कोस्ट गार्ड इस काम में अहम भूमिका निभा रही है. समंदर में कोस्टगार्ड और नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए गोवा शिपयार्ड में दिन-रात नए-नए युद्धपोत बनाये जा रहे हैं. मुंबई पर 26/11 के हमले के 6 साल पूरे होने पर कोस्टगार्ड के लिए एक नए युद्धपोत शौर्य को कोस्ट गार्ड के बेड़े में शामिल किया है. 2350 टन वजनी इस शिप की लंबाई 105 और चौड़ाई 16 मीटर है. शिप के सीओ डीआईजी डी एस चौहान ने बताया कि शिप को सभी तरह के आधुनिक हथियारों और संचार यंत्रों से लैस किया गया है.

नौसेना और कोस्ट गार्ड के बीच तालमेल

15 अगस्त के मौके पर समुद्री सरहद पर आतंकियों की किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए कोस्ट गार्ड हाई अलर्ट पर है.  'आज तक' ने समुद्री सुरक्षा की पड़ताल में पाया कि पिछले वर्षों में समुद्री सरहद पर सुरक्षा को काफी मजबूत बनाया गया है लेकिन सावधानी हटी दुर्घटना घटी के हालात हमेशा बने रहते हैं. 7,500 किलोमीटर में फैले देश के समुद्री तट में 24 किलोमीटर से लेकर 200 किलोमीटर तक निगरानी की जिम्मेदारी कोस्ट गार्ड की है. 400 किलोमीटर तक निगरानी की जिम्मेदारी नेवी के पास है. कोस्ट गार्ड के डीजी राजेन्द्र सिंह ने बताया कि 26/11 हमले के बाद नौसेना और कोस्ट गार्ड के बीच तालमेल बढ़ाया गया है.

गोवा शिपयार्ड के सीएमडी रियर एडमिरल शेखर मित्तल ने बताया कि 'शौर्य' कोस्टगार्ड बेड़े में शामिल होने वाला पांचवां बड़ा शिप है. इससे पहले समर्थ और सूर कोस्ट गार्ड के बेड़े में शामिल हो चुके हैं जबकि आने वाले दिनों में ऐसे कुल 6 बड़े शिप और बनाए जा रहे हैं.

 

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