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क्या फिर जमा होने लगी ब्लैक मनी? सरकार का जवाब- कह नहीं सकते

क्या फिर जमा होने लगी ब्लैक मनी? सरकार का जवाब- कह नहीं सकते
बालकृष्ण [Edited By: जावेद अख़्तर]नई दिल्ली, 17 April 2018

देश के अलग-अलग हिस्सों में एटीएम और बैंकों में नगदी की कमी को सरकार ने अचानक बढ़ी मांग का नतीजा बताया है. सरकार ने कहा है कि इन जगहों पर कमी को तेजी से पूरा करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि बैंकों के पास पर्याप्त नगदी है और सरकार स्थिति की समीक्षा कर रही है.

बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कैश की किल्लत अचानक बढ़ गई है. आर्थिक मामलों के सचिव एस.सी गर्ग ने मंगलवार को बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस की और सरकार के पास नगदी की कमी वाली खबरों का खंडन किया. एस.सी गर्ग ने कहा कि सरकार पांच सौ के नोट की छपाई पांच गुना बढ़ा रही है.

उन्होंने बताया कि मौजूदा वक्त में हर दिन जितने 500 के जितने नोट छापे जा रहे हैं, उनकी कुल कीमत 500 करोड़ है. जिसे पांच गुना बढ़ाकर 2500 करोड़ रुपये प्रतिदिन किया जाएगा.

2000 के नोट पर क्या बोले गर्ग

सचिव एस.सी गर्ग ने इस बात को स्वीकार किया कि पिछले कुछ महीनों से 2000 रुपये के नए नोट की सप्लाई बंद है. इसके पीछे उन्होंने ये तर्क दिया कि 6 लाख रुपये से ज्यादा के मूल्य के 2000 के नोट पहले से ही चलन में हैं और ये पर्याप्त हैं.

बैंकों में कम हुए 2000 के नोट

उन्होंने ये भी माना कि 2000 के नोट बैंकों में जमा होना कम हो गए हैं और लोग उन्हें अपने पास रख रहे हैं. लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या 2000 के नोट कम होने और नगदी का संकट होने के पीछे ये भी कारण हो सकता है कि लोग फिर से नगदी के रूप में काला धन जमा कर रहे हैं, तो उन्होंने इसका जवाब नहीं में दिया. इस सवाल पर उन्होंने जवाब दिया कि वह इस पर कुछ नहीं कह सकते हैं.

क्या है जानकारों की राय

हालांकि, जानकरों का मानना है कि नोट की कमी होने के लिए कई कारण जिम्मेदार हैं. नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स के उपाध्यक्ष अश्वनि राणा ने कहा कि इसकी प्रमुख तौर पर चार वजह हैं.

-उन्होंने बताया कि पहला कारण ये है कि 2000 के नोट की सप्लाई बंद है और जो लोग इसे ले रहे हैं वो इसे बैंकों में जमा करने के बजाय अपने पास जमा कर रहे हैं.

-दूसरा कारण ये है कि 200 के नए नोट छापकर सरकार ने बाजार में उतार तो दिए लेकिन तमाम बैंकों के एटीएम में इस नए नोट को निकालने के लिए जरूरी बदलाव नहीं किए गए हैं.

-तीसरी वजह है कि जिन राज्यों में चुनाव होने हैं वहां बड़ी मात्रा में लोग नगदी अपने पास जमा कर रहे हैं.

-चौथी वजह है कि खेती के लिए इस समय किसान भी खरीदारी करते हैं. क्योंकि खेती के लिए सारी खरीदारी नगद में ही होती है इसलिए गांवों में भी नगदी खप रही है.

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