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किसानों के जरिए यूपी चुनावी में उतरने की तैयारी कर रही है बीजेपी

उत्तर प्रदेश में आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी ने अभी से किसानों को लुभाने की तैयारी शुरू कर दी है. बीजेपी, किसानों और खेती से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के उठाएगी. इसके तहत प्रधानमंत्री नई फसल बीमा योजना, मुद्रा योजना और सिंचाई योजनाओं आदि की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाएगी.

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aajtak.in
मोनिका शर्मा/ BHASHA नई दिल्ली, 21 February 2016
किसानों के जरिए यूपी चुनावी में उतरने की तैयारी कर रही है बीजेपी किसानों से जुड़े विषयों को मुद्दा बनाएगी बीजेपी

विभिन्न राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने कमर कसनी शुरू कर दी है. ऐसे में बीजेपी भी किसी से पीछे नहीं रहना चाहती. खासतौर से उत्तर प्रदेश में चुनावों के मद्देनजर बीजेपी और राज्य सरकार किसानों और खेती से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठा रही है. इसके तहत बीजेपी, प्रधानमंत्री नई फसल बीमा योजना, मुद्रा योजना, सिंचाई योजनाओं और कृषि एवं स्वरोजगार पहल के जरिए चुनाव की तैयारी में जुट रही है.

कृषि और स्वरोजगार के दो मुद्दों के जरिये बीजेपी बड़े मतदाता वर्ग को अपने साथ जोड़ने की पहल कर रही है. कुछ ही दिन पहले प्रधानमंत्री ने भोपाल में किसान रैली को संबोधित किया था और वहां भी फसल बीमा योजना की तरफ लोगों का ध्यान आकृष्ट किया था.

किसानों तक जानकारियां पहुंचाएगी बीजेपी
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इसी क्रम में 28 फरवरी को बरेली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान स्वाभिमान रैली का कार्यक्रम रखा गया है. बीजेपी किसान मोर्चा के संयोजक विजय पाल सिंह तोमर ने बताया कि प्रधानमंत्री के सुझाव पर सरकार द्वारा चलाये जा रहे किसानों के हितों एवं कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी पहुंचाने की पहल की गई है. इस दिशा में ‘किसान जागरण’ का आयोजन हो रहा है. किसानों को प्रधानमंत्री नई फसल बीमा योजना मुद्रा योजना, सिंचाई योजनाओं के बारे में बताया जा रहा है.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह को किसानों से जुड़ी योजनाओं, खासतौर पर फसल बीमा, कृषि सिंचाई, किसान सुरक्षा आदि के बारे में प्रश्न उत्तर के रूप में जानकारी किसानों तक पहुंचाने का सुझाव दिया है. इस बारे में बीजेपी सांसदों को भी सामग्री उपलब्ध कराई गई है.

किसानों को राहत का प्रबंध
तोमर ने बताया कि आज तक जितनी भी योजनाएं बनीं उनमें प्रधानमंत्री नयी फसल बीमा योजना सबसे विशिष्ठ है और अगर एक भी खेत किसी आपदा या संकट का शिकार है, तो किसानों को राहत प्रदान करने की व्यवस्था की गई है. पहले फसल बीमा के नाम पर बीमा कंपनियों की जेब भरी जाती थी, लेकिन अब बुवाई से पहले और बुवाई के बाद जल भराव, विषम परिस्थितियों तथा कटाई के बाद 14 दिन तक खेत में फसल पड़े रहने पर नुकसान होने की स्थिति में बीमा कंपनियां राहत प्रदान करेंगी.

दिया जाएगा किसानों के हर सवाल का जवाब
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर किसानों को सरकारी योजनाओं से जुड़ी हर छोटी बड़ी जानकारी सवाल-जवाब के रूप में देने की पहल की गई है. मिसाल के तौर पर नई फसल बीमा योजना का लाभ कैसे लिया जा सकता है, इसके तहत कौन-कौन से जोखिम कवर किए गए हैं. इसमें यह बताया गया है कि अब इकाई खेत होगा न कि पहले की तरह ब्लॉक. ऐसे में ही स्थिति में मुआवजा मिलेगा. इसमें यह भी बताया गया है कि किसान बीमा कैसे ले सकता है और किसानों की बीमित राशि क्या होगी.

पार्टी के सांसदों और मंत्रियों को भी इसकी जानकारी नीचे के स्तर और अंतत: जनता तक पहुंचाने को कहा गया है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का प्रचार भी इसी तर्ज पर किया जायेगा और स्वरोजगार के जरिये आय कैसे बढ़ाई जा सकती है, इसे रेखांकित किया जायेगा.

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