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यूपी में जीत से बढ़ा जेपी का जलवा, शाह जैसी ही है नड्डा की ताजपोशी

जगत प्रकाश नड्डा को बीजेपी अध्यक्ष चुना गया है. नड्डा ने सोमवार को अमित शाह की जगह ली है. दिलचस्प बात यह है कि अमित शाह ने यूपी का प्रभारी रहते हुए बीजेपी को जीत दिलाई थी, जिसके बाद वो अध्यक्ष बने थे. अब ऐसा ही करिश्मा जेपी नड्डा ने करके दिखाया है.

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aajtak.in
कुबूल अहमद नई दिल्ली, 21 January 2020
यूपी में जीत से बढ़ा जेपी का जलवा, शाह जैसी ही है नड्डा की ताजपोशी जेपी नड्डा और अमित शाह

  • जेपी नड्डा बने बीजेपी के नए अध्यक्ष
  • शाह को 2014 में मिली थी कमान

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष से जेपी नड्डा सोमवार को पूर्णकालिक अध्यक्ष बन गए हैं. नड्डा की ताजपोशी वैसे ही है जैसे 2014 के नतीजे के बाद अमित शाह की बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर हुई थी. शाह 2014 में देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के प्रभारी थे और पार्टी को रिकॉर्ड सीटें दिलाई थीं, जिसके बाद पार्टी की कमान उन्हें सौंपी गई थी. ऐसा ही करिश्मा 2019 में जेपी नड्डा यूपी में दोहराने में कामयाब रहे और अब उनके सिर बीजेपी अध्यक्ष का ताज सजा है.

2014 में अमित शाह यूपी के प्रभारी थे

2014 के विधानसभा चुनाव से ऐन पहले अमित शाह को राष्ट्रीय महासचिव बनाते हुए बीजेपी ने उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया था. शाह ने सूबे में गैर यादव ओबीसी और गैर जाटव दलित समुदाय को एकजुट करने के लिए मशक्कत की और इसका नतीजा रहा कि यूपी की 80 में से बीजेपी 71 और उसके सहयोगी अपना दल को 2 सीटें मिली थी. इस तरह बीजेपी के नेतृत्व वाले एनएडी के खाते में 73 सीटें आई थीं.

इसका नतीजा रहा कि बीजेपी 2014 में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने में कामयाब रही. इस जीत से बीजेपी में शाह का कद बढ़ा. तत्कालीन अध्यक्ष राजनाथ सिंह मोदी सरकार में गृह मंत्री बने तो पार्टी की कमान अमित शाह को सौंपी गई थी. शाह ने अध्यक्ष रहते हुए पार्टी को नई बुलंदी पर पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की है.

2019 में यूपी में नड्डा ने संभाली थी कमान

2019 में अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी पर जेपी नड्डा को लगाया, उन्हें चुनाव प्रभारी बनाया गया था. इस बार सियासी समीकरण पूरी तरह से बदल गए थे और सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन कर मैदान में थीं. ऐसे में 2014 से भी ज्यादा बड़ी चुनौती पार्टी के सामने थी, इसके बावजूद नड्डा ने सारे समीकरणों को ध्वस्त कर बीजेपी को 63 सीटें जिताने में कामयाब रहे थे और दो सीटें उसके सहयोगी अपना दल को मिली थी. इस तरह से एनडीए के खाते में 65 सीटें आईं.

यूपी की जीत ने नड्डा के सियासी कद को नई ऊंचाई दी. इसी का नतीजा था कि लोकसभा चुनाव के बाद जब बीजेपी के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह मोदी सरकार में केंद्रीय गृह बने तो पार्टी की कमान कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर जेपी नड्डा को सौंपी गई. आठ महीने के बाद अब उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की पूर्ण कालिक जिम्मेदारी सौंपी गई है. नड्डा का कार्यकाल 2023 तक है और ऐसे में शाह ने पार्टी को जिस बुलंदी पर पहुंचाया है पार्टी उससे आगे ले जाने की चुनौती है.

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