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आज से अयोध्या केस का क्लाइमेक्स, SC में इन चार दिन में क्या होगा

इस मामले में आखिरी सुनवाई से पहले अयोध्या जिले में सुरक्षा को बढ़ाया गया है, 10 दिसंबर तक पूरे जिले में धारा 144 को लागू कर दिया गया है. ताकि अगर फैसले को लेकर कुछ माहौल बिगड़ता है तो उसे काबू में किया जा सके.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 14 October 2019
आज से अयोध्या केस का क्लाइमेक्स, SC में इन चार दिन में क्या होगा अयोध्या केस की सुनवाई का आखिरी दौर

  • सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या केस की फाइनल सुनवाई
  • 17 अक्टूबर तक खत्म होनी हैं दोनों पक्षों की दलीलें
  • मुस्लिम पक्ष और हिंदू पक्ष रखेगा अपनी बात

अयोध्या के रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में बरसों से चल रही सुनवाई का अब क्लाइमेक्स का समय आ गया है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस मामले की सुनवाई को 17 अक्टूबर तक खत्म करने की अपील की थी, ऐसे में अब सुनवाई के लिए आखिरी चार दिन हैं. अगर अगले कुछ दिनों में सुनवाई पूरी होती है तो इस केस में फैसला आने की उम्मीद बढ़ सकती है.

इस मामले में आखिरी सुनवाई से पहले अयोध्या जिले में सुरक्षा को बढ़ाया गया है, 10 दिसंबर तक पूरे जिले में धारा 144 को लागू कर दिया गया है. ताकि अगर फैसले को लेकर कुछ माहौल बिगड़ता है तो उसे काबू में किया जा सके.

आखिरी चार दिन की सुनवाई में क्या होगा?

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई इस मामले की सुनवाई को समयसीमा में खत्म करने को कई बार कह चुके हैं और साथ ही ये भी कहा था कि अगर समय से सुनवाई खत्म नहीं होती है तो समय पर फैसला आने की उम्मीद भी खत्म हो जाएगी. दशहरे के बाद अब जब सुनवाई हो रही है, तो अदालत में इस आखिरी फेज़ का क्या मतलब है ज़रा समझें...

# सुप्रीम कोर्ट में अभी पक्षकारों की तरफ से आखिरी दलीलें रखी जा रही हैं, अदालत के द्वारा दिए गए समय के अनुसार 14 अक्टूबर तक मुस्लिम पक्ष की दलील खत्म होनी है.

# 15 और 16 अक्टूबर को हिंदू पक्षकार के वकील मुस्लिम पक्ष की दलीलों का जवाब देंगे, साथ ही अपनी अंतिम टिप्पणी भी अदालत में रखेंगे.

# 6 अगस्त से शुरू हुई अयोध्या मसले पर आखिरी सुनवाई का 17 अक्टूबर को आखिरी दिन होगा. पहले अदालत ने 18 अक्टूबर की तारीख तय की थी, लेकिन बाद में इसे एक दिन घटाकर 17 अक्टूबर कर दिया गया था.

कब-तक आएगा फैसला?

सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस मामले का फैसला कब सुनाया जाएगा, इसकी तारीख तो अभी तय नहीं है. लेकिन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने पिछली बार टिप्पणी करते हुए कहा था कि हमें इस मामले को समयसीमा में खत्म करना होगा, अगर 18 अक्टूबर तक सुनवाई खत्म होती है तो हमें एक महीना फैसला लिखने के लिए भी चाहिए होगा.

अगर एक महीने का समय देखें तो नवंबर के आखिरी तक इस मामले में कोई बड़ा फैसला हो सकता है. यही कारण है कि इसी को देखते हुए अयोध्या में धारा 144 लगा दी गई है.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के अलावा इस मामले की सुनवाई कर रही संविधान पीठ में जस्टिस एस.ए. बोबड़े, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एसए नज़ीर भी शामिल हैं.

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