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महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा के साथ J-K में भी कराए जा सकते हैं विधानसभा चुनाव

महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड के साथ जम्मू और कश्मीर में भी विधानसभा के चुनाव कराए जा सकते हैं. महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होना है. सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान जम्मू और कश्मीर में भी विधानसभा चुनाव कराया जा सकता है.

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aajtak.in
हिमांशु मिश्रा नई दिल्ली, 30 July 2019
महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा के साथ J-K में भी कराए जा सकते हैं विधानसभा चुनाव भारतीय निर्वाचन आयोग

महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड के साथ जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा के चुनाव कराए जा सकते हैं. महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होना है. सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं.

बीजेपी सक्रिय

भले ही अभी साथ में विधानसभा चुनावों कराने की बात चल रही है, लेकिन बीजेपी पूरी तरह से एक्टिव हो गई है. बीजेपी ने जम्मू कश्मीर की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने और विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारी पर मंगलवार को अपनी जम्मू कश्मीर इकाई के कोर ग्रुप की बैठक बुलाई है.

बताया जा रहा है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, बीजेपी महासचिव राम माधव, जम्मू कश्मीर के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना और राज्य के अन्य नेता हिस्सा लेंगे.ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि जम्मू कश्मीर  में 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात करने का मुख्य मकसद विधानसभा चुनाव है.

तीन राज्यों में अटकलें

बहरहाल, इससे पहले रिपोर्ट आई थी कि झारखंड में विधानसभा चुनाव निर्धारित समय से पहले हो सकते हैं. महाराष्ट्र और हरियाणा के साथ ही झारखंड में भी विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी करने की चर्चा चल रही थी.

बता दें कि हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 2 नवंबर को पूरा हो रहा है, जबकि महाराष्ट्र का 11 नवंबर को. झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2020 को समाप्त हो रहा है. सूत्रों के मुताबिक समय से पहले चुनाव की स्थिति में झारखंड में सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है, जबकि नवंबर तक चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.

महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव के एक से डेढ़ महीने के बाद झारखंड में अलग से चुनाव कराने का कोई औचित्य नजर नहीं आ रहा है. ऐसे में तीनों राज्यों के चुनाव एक साथ कराने पर सहमति बन सकती है. 

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