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असम में बाढ़, 4.23 लाख लोग विस्थापित, दिल्ली में सूखा मॉनसून

उत्तर भारत के अधिकतर हिस्से इन दिनों आसमानी आफत से परेशान हैं. बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, असम समेत कई राज्यों में हालात बदतर हो चले हैं. असम के 33 जिलों में से 17 जिले बाढ़ का दंश झेल रहे हैं. इन जिलों के 4.23 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं. वहीं, दिल्ली में अभी भी बारिश का इंतजार किया जा रहा है.

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aajtak.in नई दिल्ली, 12 July 2019
असम में बाढ़, 4.23 लाख लोग विस्थापित, दिल्ली में सूखा मॉनसून असम में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित (फोटो-IANS)

उत्तर भारत के अधिकतर हिस्से इन दिनों आसमानी आफत से परेशान हैं. बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, असम समेत कई राज्यों में हालात बदतर हो चले हैं. असम के 33 जिलों में से 17 जिले बाढ़ का दंश झेल रहे हैं. इन जिलों के 4.23 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं. वहीं, दिल्ली में अब भी बारिश का इंतजार किया जा रहा है.

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, ब्रह्मपुत्र नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण 17 जिलों में बाढ़ आ गया है. इसके कारण 4,23,386 लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है. बाढ़ के कारण 16,730.72 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है. नदी के कटाव के कारण 19 गांवों पर अस्तित्व बचाने का खतरा मंडरा रहा है. 64 से अधिक सड़कें और एक दर्जन पुल पानी में डूबे हैं.

इससे पहले, असम की राजधानी ईटानगर में लगातार बारिश की वजह से आए भूस्खलन में बुधवार को एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अधिकारी ने कहा कि गोर्चुक इलाके में एक व्यक्ति नारायण शाह की मौत उस समय हो गई जब आसपास की पहाड़ी से मलबा व पत्थर उनके घर पर आ गिरा.

एएसडीएमए ने पहले ही शहर के अंदर और आसपास के पहाड़ी क्षेत्र के निवासियों को अपने घरों को खाली करने की चेतावनी और नोटिस जारी किया था. ऐसा एएसडीएमए ने मानसून सीजन में इलाके में भूस्खलन के मद्देनजर जारी किया था. इस बीच मेघालय सरकार ने संभावित भूस्खलन व बाढ़ जैसे हालात को लेकर चेतावनी जारी की है.

इधर, दिल्ली में बारिश नहीं हो रही है और इसकी वजह से लोग गर्मी से बेहाल हैं. दिल्ली में बादलों की मेहरबानी होती नहीं दिख रही है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले सप्ताह भी दिल्ली में अच्छी बारिश की संभावना नहीं है. हालांकि, कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हो सकती है. दिल्ली में मानसून के दस्तक देने की तिथि 29 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार लगभग पांच दिन की देरी से चार जुलाई को हल्की-फुल्की बारिश के बाद मानसून के आने की घोषणा तो की गई. लेकिन, दिल्ली में अभी तक अच्छी बारिश नहीं हुई है.

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