एडवांस्ड सर्च

नोटबंदी का जीडीपी पर सकारात्मक असर पड़ेगा: मेघवाल

नोटबंदी के बाद पहली बार लोगों के खातों में सैलरी आने वाली है. 30 नवंबर से 10 दिसंबर के बीच लोगों के खातों में सैलरी आएगी. ऐसे में सरकार और बैंकों की कठिन परीक्षा होने वाली है.

Advertisement
रीमा पाराशर [Edited by: लव रघुवंशी]नई दिल्ली, 01 December 2016
नोटबंदी का जीडीपी पर सकारात्मक असर पड़ेगा: मेघवाल केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल

नोटबंदी के बाद पहली बार लोगों के खातों में सैलरी आने वाली है. 30 नवंबर से 10 दिसंबर के बीच लोगों के खातों में सैलरी आएगी. ऐसे में सरकार और बैंकों की कठिन परीक्षा होने वाली है. बैंकों ने इससे निपटने के लिए खास तैयारियों के दावे भी किए हैं. साथ ही सरकार की तैयारियां क्या है, ये बताया केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल ने.

सवाल- सैलरी डे पर सरकार की क्या तैयारी है आने वाली दिक्कतों से बचने के लिए?
नोटबंदी के बाद जो भी ज्ञापन हमें मिल रहे हैं, उनका समाधान हम समीक्षा बैठक में निकाल रहे हैं. 10000 हमने पहले दिया है. अब सैलरी का भी कुछ कैश होगा कुछ डिजिटल होगा. यह हम लोगों को बताएंगे.

सवाल- प्राइवेट सेक्टर के लिए क्या योजना है?
शहरी इलाकों में लोग डेबिट कार्ड ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं. हम लोगों को समझा रहे हैं की ऐप के जरिए पैसे से आप पेमेंट भी कर सकते हैं. जैसे कि माइक्रो एटीएम या मोबाइल बैंकिंग के जरिए एसबीआई बडी से भी जुड़िए. प्राइवेट सेक्टर के लोग डेबिट और क्रेडिट कार्ड का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं और वह लोग डिजिटल पेमेंट की तरफ बढ़ने का स्वागत कर रहे हैं.

सवाल- लेकिन रोजमर्रा के खर्चो में तो कैश की जरुरत होती है?
कैशलेस सोसाइटी की तरफ बढ़ने का मतलब यह बिल्कुल नहीं की कैश बंद करना पड़ेगा. लेकिन 40 या 50 परसेंट लोग डिजिटल इंडिया की तरफ बढ़े तो जीडीपी पर सकारात्मक असर होगा. गांव में जो प्राइवेट ATM पर पैसा नहीं गया उसे हम दुरुस्त करेंगे और वहां पैसा भेजा जाएगा. 24,000 की लिमिट हमने हटा दी है.

सवाल- क्या जनधन में गड़बड़ी पर भी आपकी नजर है?
जनधन में 8 नवंबर के बाद काफी पैसा जमा हुआ. जांच एजेंसियों ने देखा कि बहुत सा पैसा बिना सोर्स का जमा हुआ है. अगर हम जनधन पर 10000 की सीलिंग नहीं लगाते तो वह पैसा इधर-उधर निकाला जा सकता था. गलत लोगों पर लगाम कसने के लिए यह कदम उठाया गया.

सवाल- सोने को लेकर लोगों के मन में डर है कि कहीं गोल्ड पर भी सरकार लिमिट तय ना कर दे?
सोने पर मोनेटाइजेशन बांड भी सरकार लेकर आई. जिन्होंने 8 नवंबर के बाद ज्यादा गोल्ड खरीदा या बेचा उन पर एजेंसियों की नजर है. उनके अकाउंट हम देखेंगे, लेकिन जो लोग ईमानदारी से सोना खरीदते हैं चाहे वह लिमिट से ज्यादा भी हो, उन्हें डरने की जरूरत नहीं. लेकिन जो पैसा बोरों में भरकर रखा गया और उसका इस्तेमाल सोना खरीदने के लिए किया गया, उन पर हमारी निगाह है. ईमानदारों को डरने की जरुरत नहीं.

सवाल- जीडीपी पर क्या असर होगा आने वाले दिनों में?
जीडीपी पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जो कहा की नोटबंदी के बाद जीडीपी दो पर्सेंट कम होगी, उस पर हम बताना चाहते हैं कि हमारे देश में अनएकाउंटेड जीडीपी के जो साधन हैं जैसे कि वर्कर या मजदूरों को 15,000 देकर 20,000 पर साइन करवाया जाए, जब यह सब अकाउंट होंगे तो जीडीपी कई गुना बढ़ेगी. हां शुरुआती दिनों में कुछ दिक्कत आ सकती है, लेकिन भविष्य के लिए जीडीपी पर अच्छा असर पड़ेगा.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay