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गोदावरी नाव हादसा: अब तक 17 सैलानियों के शव बरामद, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में हुए नाव हादसे में अब तक 17 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं. राहत और बचाव टीम ने मंगलवार सुबह 9 शवों को निकाला. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. कच्चुलुरु के पास गोदावरी नदी में रविवार को 70 से ज्यादा सैलानियों से भरी नाव पलट गई थी.

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aajtak.in
आशीष पांडेय हैदराबाद, 17 September 2019
गोदावरी नाव हादसा: अब तक 17 सैलानियों के शव बरामद, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी गोदावरी में रविवार को हुए नाव हादसे के बाद गायब लोगों की तलाश की जा रही

आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में रविवार को हुए नाव हादसे के बाद अब तक 17 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं. राहत और बचाव टीम ने मंगलवार सुबह 9 शवों को खोज निकाला. अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. कच्चुलुरु के पास गोदावरी नदी में रविवार को 70 से ज्यादा सैलानियों से भरी नाव पलट गई थी.

पूर्वी गोदावरी जिले में नौका पलटने के घटना के बाद तीसरे दिन गायब लोगों की तलाश जारी है. अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि सोमवार को बचावकर्मियों ने गोदावरी नदी से चार और शव बरामद किए और अन्य पर्यटकों को तलाशा जा रहा है. इस हादसे के बाद 27 लोगों को बचा लिया गया था.

सोमवार को निकाले 4 शव

अधिकारियों की ओर से बताया गया था कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने सोमवार को एक बच्चे समेत चार शवों को बाहर निकाला. अभी भी कई लोग लापता हैं. सोमवार सुबह लोगों की तलाश के लिए खोज अभियान फिर से शुरू किया गया. लोगों को खोजने के लिए भारतीय नौसेना के दो हेलीकॉप्टरों के साथ गोताखोर भी प्रयास कर रहे हैं. साथ ही तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) का एक हेलीकॉप्टर भी बचाव और खोज अभियान में लगा है.

एनडीआरएफ के साथ ही राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और अग्निशमन कर्मी आठ नौकाओं के साथ अभियान में जुटे हुए हैं. नौका में 61 पर्यटकों के अलावा चालक दल के 9 सदस्य और 3 गायक सवार थे. पापीकोंडा पहाड़ी जा रही यह नौका रविवार दोपहर कुचुलुरु गांव के पास पलट गई थी.

नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण अधिकारियों ने पिछले 2 महीनों से नदी में नौका सेवा बंद कर रखी थी. इसके अलावा 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बावजूद नौका का संचालन किया गया. चालक नदी की स्थिति से भी स्पष्ट तौर पर परिचित नहीं था. वह नदी की गहराई को लेकर खतरनाक माने जाने वाले क्षेत्र में नौका लेकर गया. माना जा रहा है कि पानी के तेज प्रवाह के साथ ही 90 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बह रही हवा इस दुर्घटना का मुख्य कारण बनीं. चालक और उसके सहायक दोनों को हालांकि अपनी जान गंवानी पड़ी. (इनपुट-आईएएनएस)

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