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राज्यसभा में अमित शाह बोले- बेरोजगार होने से अच्छा है युवा पकौड़ा बेचें

अमित शाह ने कहा कि हमें विरासत में गढ्ढे मिले थे, सरकार का बहुत सारा समय गढ्ढा भरने में ही गया है. उन्होंने कहा कि 2013 में देश की जो स्थिति थी, उसे याद करने की जरूरत है.

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अशोक सिंघल / बालकृष्ण/ हिमांशु मिश्रा नई दिल्ली, 05 February 2018
राज्यसभा में अमित शाह बोले- बेरोजगार होने से अच्छा है युवा पकौड़ा बेचें राज्यसभा में अमित शाह का भाषण

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में अपना डेब्यू भाषण दिया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी ने अपने अभिभाषण में कई विषयों पर अपनी बात कही. कई लोग इस पर विश्लेषण भी करते हैं, उसका स्वागत है लेकिन उसे अलग दृष्टिकोण से देखना चाहिए. बता दें कि इससे पहले शीतकालीन सत्र में जीएसटी पर चर्चा के दौरान उन्हें भाषण देना था, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण वो भाषण नहीं दे पाए थे. 

बेरोजगारी से अच्छा पकौड़े बेचना

बीते दिनों एक इंटरव्यू के दौरान पीएम मोदी द्वारा पकौड़े बेचने वाले का उदाहरण दिया गया था. जिसपर विपक्ष ने हंगामा किया था, अब शाह ने विपक्ष को इस मुद्दे पर कड़ा जवाब दिया है. राज्यसभा में शाह ने कहा कि बेरोजगारी से अच्छा है कि कोई युवा पकौड़ा बेच रहा है, पकौड़ा बेचना शर्म की बात नहीं है इसकी भिखारी के साथ तुलना ना करें. उन्होंने कहा कि अगर चाय वाले का बेटा पीएम बन सकता है तो पकौड़े वाले का बेटा आगे जाकर उद्योगपति भी बन सकता है.

गब्बर सिंह टैक्स पर सीधा वार

उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल की 23 बैठक में कांग्रेस सरकारों के कई मंत्री शामिल हुए और उन्होंने सहमति जताई. लेकिन सदन में कुछ और भाषा बोलते हैं.  उन्होंने कहा कि लोग जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स बोल रहे हैं, गब्बर सिंह एक डाकू था. कानूनी रूप से टैक्स लेना क्या डकैती है. ये टैक्स जवानों के लिए जाता है, लोगों की भलाई में जाता है. क्या लोगों को टैक्स ना देने के लिए कहना अच्छी बात है.

एक साथ चुनाव पर जोर

वंशवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण ने देश को पीछे धकेल दिया था. पीएम मोदी की अगुवाई में लोगों ने इन तीनों को उखाड़ फेंका है.  अमित शाह ने अपने भाषण में एक साथ चुनाव करवाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि देश में पंचायत, लोकसभा विधानसभा के एक साथ चुनाव होने चाहिए, इससे सिर्फ बीजेपी ही नहीं बल्कि हर किसी का फायदा होगा.

विरासत में मिले गड्ढे

अमित शाह ने कहा कि हमें विरासत में गड्ढे मिले थे, सरकार का बहुत सारा समय गड्ढा भरने में ही गया है. उन्होंने कहा कि 2013 में देश की जो स्थिति थी, उसे याद करने की जरूरत है. देश में विकास की गति काफी गिरी हुई थी, महिलाएं देश में सुरक्षित नहीं थीं. सीमा की रक्षा करने वाले जवान सरकार के अनिर्णय के कारण कुछ कर नहीं पा रहे थे.

ये सरकार गरीबों के लिए

अमित शाह बोले कि 30 साल के बाद देश में गैरकांग्रेसी सरकार पूरे बहुमत के साथ आई. हमारी पार्टी को बहुमत मिला था, लेकिन उसके बावजूद भी हमने एनडीए की अगुवाई में सरकार बनाई. उन्होंने कहा कि जब मोदी जी को सदन का नेता चुना गया, उस दौरान उन्होंने कहा था कि ये सरकार गरीबों की सरकार होगी. ये सरकार गांधी और दीनदयाल के सपनों को पूरा करने में आगे बढ़ रही है.

जो 60 साल में नहीं हुआ वो हमने किया

अमित शाह बोले कि सरकार ने आते ही बड़े निर्णय लिए और जनधन योजना चलाई. शाह बोले कि 55 साल तक देश में एक ही परिवार का राज रहा था, लेकिन इसके बावजूद भी गरीबों के बैंक अकाउंट नहीं था. जब पीएम ने इसकी घोषणा की तो मेरा मन भी आशंकित था कि जो 60 साल में नहीं हुआ वो कैसे होगा. लेकिन आज 31 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुल गए हैं.

पीएम के कहने पर लोगों ने छोड़ी गैस सब्सिडी

शाह ने कहा कि इस देश में कई समय तक जातिवाद की राजनीति चली, पिछली सरकारों में भ्रष्टाचार का बोलबाला था. जब लाल बहादुर शास्त्री ने लोगों से एक समय का खाना छोड़ने को कहा तो लोगों ने उनकी बात मानी, उसके बाद अब पीएम मोदी के कहने पर लोगों ने अपनी गैस सब्सिडी को छोड़ दिया. हमारी सरकार ने सब्सिडी के पैसों से उज्जवला योजना चलाई.

करोड़ों को दिए गैस कनेक्शन

उन्होंने कहा कि 70 साल की आजादी के बाद भी 1.5 करोड़ परिवारों के पास गैस का चूल्हा नहीं था, हमने अभी तक 3 करोड़ से अधिक लोगों को गैस कनेक्शन दे दिया है. हमारा लक्ष्य 8 करोड़ गैस कनेक्शन देने का है. अमित शाह बोले कि इनमें 30 फीसदी अनुसूचित जाति और 13 फीसदी अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को दिया गया है. हमारी सरकार ने स्वच्छ भारत का ऐतिहासिक अभियान चलाया, जो लुटियंस दिल्ली में रहते हैं उन्हें इसका महत्व नहीं पता होगा.

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि हमारी सरकार 2022 तक हर घर में शौचालय बनवाएगी, यूपी सरकार ने शौचालय को इज्जतघर का नाम दिया है. शाह ने कहा कि हमारी सरकार हर गरीब को घर देने के अपने वादे पर कायम है.

बेरोजगारी के लिए कांग्रेस सरकारों ने कुछ नहीं किया

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी पर इस सदन में बड़े-बड़े अर्थशास्त्रियों ने इस मुद्दे को उठाया, मैं मानता हूं कि देश में बेरोजगारी समस्या है. लेकिन 55 साल आपकी पार्टी ने देश में शासन किया तो आपने अब तक क्या किया. हमारी सरकार तो कुछ ही साल शासन में रही है, फिर भी हम इसका हल ढूंढने में लगे हैं.

अमित शाह ने कहा कि इंदिरा जी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया फिर भी गरीबों के लिए बैंकों के दरवाजे नहीं खुले थे. हमारी सरकार ने स्किल इंडिया, मुद्रा योजना को लागू किया है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी योजनाओं को लेकर आए हैं. हमारी सरकार आयुष्मान योजना लेकर आई है, जिससे 50 करोड़ लोगों को सुरक्षा बीमा मिलेगा. ये दुनिया की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है.

शाह बोले कि इसी के कारण देश की जनता इसे 'नमो हेल्थ' केयर कह रही है. उन्होंने कहा कि आज भी देश में 70 फीसदी लोग कृषि पर निर्भर हैं, हमारी सरकार किसान की आय दोगुनी करने की ओर लगातार कदम बढ़ा रही है.

किसानों के लिए किए गए कई फैसले

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल योजना ने किसानों के लिए कई तरीकों से सहायता की है, इसके तहत हर गांव का सर्वे हो रहा है. इस योजना का फायदा 5 करोड़ से किसान उठा रहे हैं. हमारी सरकार ने MSP बढ़ाने का फैसला किया है. हम मंडियों को ई-मंडी बना रहे हैं, काम धीरे चल रहा है लेकिन सही दिशा में है. हमारी सरकार ने आकर यूरिया की समस्या को खत्म किया है.

शाह बोले कि हम ऐसा फैसले नहीं लेती जो लोगों को अच्छे लगे, बल्कि ऐसा फैसला लेती है जो लोगों के लिए अच्छे हो. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में एफडीआई रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ा है.

देश ने स्वीकार किया एक कर-एक देश का फैसला

अमित शाह ने कहा कि हमारी सरकार ने जीएसटी लागू किया, देश ने एक देश-एक कर को स्वीकार किया है. विपक्ष आरोप लगा रहा है कि बीजेपी की राज्य सरकारों ने जीएसटी का विरोध किया था. हमने कभी ऐसा नहीं किया, हमने इसके तरीके का विरोध किया था.

शाह बोले कि यूपीए के राज्य को घाटा किया और एनडीए सरकार ने 37 हज़ार करोड़ रुपए चुकाए. हमारी सरकार ने सभी राज्यों की सहमति से जीएसटी लागू किया. हमने राज्यों को कहा कि अगर आय कम होती है तो केंद्र सरकार भुगतान करेगी. उन्होंने कहा कि विपक्ष ऐसा माहौल बना रहा है जैसे जीएसटी से कारोबार ठप हो जाएगा, मैंने इसकी स्टडी की है ऐसा कुछ नहीं होगा.

वन रैंक वन पेंशन के वादे को पूरा किया

अमित शाह ने कहा कि देश के जवान 40 साल से OROP की मांग कर रहे थे, किसी सरकार ने इसे पूरा नहीं किया. हमारी सरकार ने 1 ही साल में इस वादे को पूरा किया. हमारी सरकार ने पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की और मुंहतोड़ जवाब दिया. पीएम ने उरी हमले के बाद एक भी बयान नहीं दिया था, सीधा सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान को करारा जवाब दिया.

कश्मीर नीति की तारीफ

उन्होंने कहा कि पिछले 35 साल में कश्मीर सबसे ज्यादा सुरक्षित है, कई सारे अलगाववादी नेता आज तिहाड़ में कैद हैं. सरकार ने कश्मीर में काफी सकारात्मक काम किया है. 

मुस्लिम महिलाओं के हक में काम किया

अमित शाह बोले कि मुस्लिम महिलाओं को मोदी सरकार ने मजबूत किया. हमारी सरकार ने तीन तलाक पर मुस्लिम महिलाओं की मदद की, सुप्रीम कोर्ट ने शाहबानो के समय पर भी निर्णय दिया था. लेकिन तब कांग्रेस सरकार ने उसे बदला था. पर अब मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के हक में काम किया है.

राज्यसभा में उठा नोएडा फर्जी एनकाउंटर का मुद्दा

इससे पहले सोमवार को समाजवादी पार्टी नेता नरेश अग्रवाल ने राज्यसभा में नोएडा फेक एनकाउंटर का मुद्दा उठाया. जिसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने लगातार ज़ीरो आवर को चलाने की अपील की. विपक्ष के हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित हो गई थी. 

गौरतलब है कि सोमवार से राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की शुरुआत होगी. कैराना से बीजेपी सांसद हुकुम सिंह के निधन के कारण लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर होगा धन्यवाद प्रस्ताव

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में मोदी सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया था. राष्ट्रपति के अभिभाषण में एक साथ चुनाव कराने पर मुख्य जोर दिया गया था. गौरतलब है कि 1 फरवरी को मोदी सरकार ने 2019 लोकसभा चुनाव से पहले अपना आखिरी पूर्ण बजट पेश कर दिया है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बार अपने बजट में गरीबों और गांव पर जोर दिया. इस बार बजट में केंद्र सरकार की ओर से स्वास्थ्य बीमा योजना का ऐलान किया गया है.

पिछले सत्र में नहीं दे पाए थे भाषण

आपको बता दें कि इससे पहले पिछले सत्र में अमित शाह को जीएसटी पर चर्चा के दौरान बोलना था. लेकिन शाह विपक्ष के हंगामे की वजह से अपना भाषण नहीं दे पाए थे. विपक्ष उस दौरान तीन तलाक बिल पर सदन में हंगामा कर रहा था.  

कुछ इस तरह थी शाह की राज्यसभा में एंट्री

आपको बता दें कि बीते साल 8 अगस्त को गुजरात राज्यसभा चुनाव के लिए वोट डाले गए थे. गुजरात से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और कांग्रेस नेता अहमद पटेल राज्यसभा आए हैं. बीजेपी की ओर से अहमद पटेल को हराने के लिए काफी कोशिशे की गई थीं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.

रद्द हुए थे दो विधायकों के वोट

वोटिंग के बाद कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर से अपनी पार्टी के दो बागी विधायकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी. जिसके बाद चुनाव आयोग ने दो विधायकों के वोट रद्द कर दिए थे. चुनाव में कुल 176 वोट किए गए थे, जिनमें से 2 वोट रद्द होने के बाद 174 की काउंटिंग की गई थी. अहमद पटेल ने 44 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार बलवंत राजपूत को शिकस्त दी थी. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को 46 वोट मिले थे तो वहीं स्मृति ईरानी को भी 46 वोट मिले थे. जबकि बलवंत सिंह राजपूत को महज 38 वोट मिले थे.

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