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पद संभालते ही चुनौती से सामना, अमित शाह और निर्मला के लिए आई ये बुरी खबर!

निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को अपने मंत्रालय का पदभार ले लिया, लेकिन अमित शाह औपचारिक तौर पर गृह मंत्री पद संभालेंगे. इस बीच मोदी सरकार के इन दोनों मंत्रियों के लिए बुरी खबर आई है.

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aajtak.in [Edited By: हिमांशु कोठारी]नई दिल्ली, 31 May 2019
पद संभालते ही चुनौती से सामना, अमित शाह और निर्मला के लिए आई ये बुरी खबर! अमित शाह और निर्मला सीतारमण

नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया है. इसके साथ ही मोदी कैबिनेट में अमित शाह को गृह मंत्री और  निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है. निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को अपने मंत्रालय का पदभार ले लिया, लेकिन अमित शाह औपचारिक तौर पर गृह मंत्री पद संभालेंगे. इस बीच मोदी सरकार के इन दोनों मंत्रियों के लिए बुरी खबर आई है.

सबसे पहले अगर नए गृहमंत्री अमित शाह की बात की जाए तो उन्हें गृह मंत्रालय दिए जाने का ऐलान हुआ ही था कि उधर जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ की खबरें सामने आने लगीं. जम्मू-कश्मीर के त्राल में शुक्रवार को आतंकी हमला हुआ है. यहां सीआरपीएफ की 180 बटालियन के कैंप के पास आतंकियों ने फायरिंग की, जिसमें 2 आतंकियों को ढेर किया गया.

शुक्रवार को ही J-K के किश्तवाड़ में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच में मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया जबकि दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. इसके अलावा जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले में भी शुक्रवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई.

जीडीपी विकास दर और बेरोजगारी दर के आंकड़े

दूसरी तरफ वित्त मंत्रालय का पदभार संभालने वाले निर्मला सीतारमण के सामने भी पहले ही दिन चुनौती सामने आ गई. आज जीडीपी विकास दर और बेरोजगारी दर के आंकड़े सामने आए. दोनों ही आंकड़े निराशाजनक रहे. वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की संवृद्धि दर पिछले साल की समान अवधि से घटकर 5.8 फीसदी रह गई है. वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में देश की जीडीपी विकास दर 7.7 फीसदी थी.

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के जरिए शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 में देश की जीडीपी संवृद्धि दर 6.8 फीसदी रही, जो कि जीडीपी विकास दर का पिछले पांच साल का सबसे निचला स्तर है. वहीं पीएलएफएस सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक देश में बेरोजगारी दर बढ़ी है. यह बढ़कर 6.1 फीसदी हो गई है.

हालांकि अब आने वाले दिनों में दोनों मंत्री अपने क्षेत्र की चुनौतियों से कैसे निपटते हैं, इस पर देशवासियों की नजरें बनी रहेंगी.

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