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अमरनाथ यात्रा पर IED और ग्रेनेड हमले का खतरा, CRPF रख रही ड्रोन से नजर

CRPF के कमांडो अमरनाथ यात्रा पर अलग-अलग जगहों पर ड्रोन से नजर रख रहे हैं. इन ड्रोन को पहाड़ी इलाकों में उड़ाया जाता है. जिससे अगर आतंकी घुसपैठ कर सड़क की तरफ आने की कोशिश करते हैं, उन पर नजर रखी जा सके.

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aajtak.in
मोनिका गुप्ता / जितेंद्र बहादुर सिंह नई दिल्ली, 27 June 2018
अमरनाथ यात्रा पर IED और ग्रेनेड हमले का खतरा, CRPF रख रही ड्रोन से नजर ड्रोन से रखी जा रही नजर

अमरनाथ यात्रा रूट पर जिस तरीके का आतंकी खतरा है, सुरक्षाबलों ने उसी तरीके की तैयारी कर रखी है. CRPF के कमांडो अमरनाथ यात्रा पर अलग-अलग जगहों पर ड्रोन से नजर रख रहे हैं. इन ड्रोन को पहाड़ी इलाकों में उड़ाया जाता है. जिससे अगर आतंकी घुसपैठ कर सड़क की तरफ आने की कोशिश करते हैं, उन पर नजर रखी जा सके.

बता दें कि अमरनाथ यात्रा रूट पर 'आजतक' की टीम इस वक्त श्रीनगर से होते हुए बालटाल के रास्ते में गुंड  इलाके में पहुंची है. यह ऐसा इलाका है जहां से गुरेज बहुत ही पास में पड़ता है. यहां से आतंकी आसानी से PAK अधिकृत कश्मीर में घुसपैठ करके इस इलाके में आ सकते हैं. इस पर सुरक्षा देने के लिए CRPF की कई टीमें तैनात हैं.

'आजतक' के पास ऐसे लेटेस्ट इंटेलिजेंस इनपुट हैं कि PAK अधिकृत कश्मीर से लश्कर के 20 आतंकियों का एक ग्रुप घुसपैठ कर बालटाल के रास्ते में मौजूद कंगन में आ सकते हैं. खुफिया एजेंसियों ने इस बात को लेकर के सभी एजेंसियों को अलर्ट भी जारी कर दिया है कि आतंकी कंगन के इलाके में आकर यात्रा को विफल करने के लिए हमला कर सकते हैं. सूत्र बताते हैं कि ये सारे आतंकी लश्कर के खूंखार आतंकी है, जो कि अमरनाथ यात्रा करने वाले यात्रियों पर हमला कर सकते हैं.

स्निफर डॉग और मेटल डिटेक्टर से कमांडो रख रहे नजर

श्रीनगर से बालटाल की दूरी करीब 120 किलोमीटर से ज्यादा है. इस पूरे इलाके में सुरक्षाबलों को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है. CRPF कैंप जहां-जहां पर मौजूद हैं. उस इलाके में अलग-अलग जगहों पर ROP यानी रोड ओपनिंग पार्टी को तैनाती की गई है. साथ ही जहां पर खतरा अधिक है वहां सड़कों के आसपास मेटल डिटेक्टर के जरिए IED डिटेक्ट करने के पूरे इंतजाम किए गए हैं. यही नहीं CRPF स्निफर डॉग का भी इस्तेमाल कर रही है. यानी सड़क के आस-पास अगर किसी संदिग्ध व्यक्ति ने विस्फोटक छुपा रखा है तो उसके लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं, ये स्निफर अब किसी भी संदिग्ध को नहीं छोड़ेंगे. मकसद है आबध रूप से पवित्र अमरनाथ यात्रा चल सके.

बता दें कि पिछले साल अमरनाथ यात्रा के दौरान अनंतनाग में यात्रियों से भरी एक बस पर आतंकियों ने हमला किया था. इसके बाद से यात्रियों की सुरक्षा के लिए नए सिक्योरिटी अरेंजमेंट किए गए हैं.

सुरक्षा के लिए यात्रा रूट की गाड़ियों पर आरएफआईडी

नए सुरक्षा नियमों के मुताबिक जो भी यात्री अमरनाथ यात्रा के दर्शन के लिए आ रहे हैं उनको अपनी गाड़ियों पर खास तरीके के आरएफआईडी टैग लगाने होते हैं. जब भी यात्री अपनी गाड़ियों के साथ या फिर काफिले में अमरनाथ यात्रा के लिए निकलते हैं, तो रास्ते में सिक्योरिटी फोर्स कैंप के बाहर लगे आरएफआईडी रिसीवर के जरिए ये पता चल जाता है कि काफिले में कितनी गाड़ियां हैं. साथ ही ये भी पता चलेगा कि कोई गाड़ी यात्रा से अलग रास्ते पर तो नहीं निकल गई है. सिक्योरिटी फोर्सज के कैंप के अंदर  कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जिसके जरिए काफिले पर नज़र रखी जाती है.

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