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एजेंडा आज तक: दिग्विजय-ओवैसी उलझे

'एजेंडा आज तक' में एक बार फिर देश की मौजूदा समस्याओं और ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो रही है. 'मेरा देश, मेरा धर्म' सेशन में कई अहम सवाल उठाए गए. सियासतदानों ने इनके जवाब बेहद चतुराई के साथ दिए. चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता दिग्वजय सिंह और AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बीच नोक-झोंक भी हुई. 
<b>एजेंडा आज तक: दिग्विजय-ओवैसी उलझे</b> 'एजेंडा आज तक' में गंभीर चर्चा में शिरकत करते दिग्गज
धीरेंद्र राय [Edited By: अमरेश सौरभ]नई दिल्ली, 13 December 2014

'एजेंडा आज तक' में एक बार फिर देश की मौजूदा समस्याओं और ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो रही है. 'मेरा देश, मेरा धर्म' सेशन में कई अहम सवाल उठाए गए. सियासतदानों ने इनके जवाब बेहद चतुराई के साथ दिए. चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता दिग्वि‍जय सिंह और AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बीच नोक-झोंक भी हुई. 

धर्मांतरण के मुद्दे पर सवाल किया गया बीजेपी के राज्यसभा सांसद प्रभात झा से. सवाल किया गया, 'जिन्होंने ये किया, उनका बीजेपी से क्या नाता है?' प्रभात झा ने सवाल से किनारा किया, 'हमारा उनसे कोई ताल्लुक नहीं है. आज भारत को इन बातों की आवश्यकता नहीं. हमारा सिर्फ विकास से नाता है.'

इस पर दिग्वि‍जय सिंह से पूछा गया, 'क्या माना जा सकता है ये?' वे बोले, 'तो प्रधानमंत्री को इस पर सख्त कार्रवाई करना चाहिए. जो ये कर रहे हैं, वे किसी और पार्टी से नहीं है. वे कहते हैं गोडसे देशभक्त. ये कौन लोग हैं. क्या बीजेपी के समर्थक नहीं है?'

प्रभात झा से दोबारा सवाल, 'क्या ये लोग बीजेपी के नहीं है?' जवाब, 'ये लोग निश्चि‍त ही बीजेपी के समर्थक हैं, प्रधानमंत्री इस पर बयान दे चुके हैं. राज्यसभा में सरकार अपनी बात रख चुकी है. हम खुले तौर पर कह चुके हैं, राज्य जो कार्रवाई चाहे कर सकती है.' तभी सभा में बैठे सपा के प्रवक्ता गौरव भाटिया से पूछा गया, 'सपा सरकार कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है?' उन्होंने जवाब दिया, 'गैरजमानती वारंट जारी हो चुका है.'

असदुद्दीन ओवैसी: गीता, ताजमहल, धर्मांतरण जैसे मुददे उठाकर बीजेपी हिंदू वोट बैंक को इकट्ठा कर रही है.

सुधींद्र कुलकर्णी से पूछा गया, 'क्या ये सोची समझी रणनीति है?'
सुधींद्र ने जवाब दिया, 'ये जो चल रहा है उसके परिणाम दो साल बाद सामने आएंगे और वे बहुत भयानक होंगे. बीजेपी की रणनीति आरएसएस तय करता है. जो धर्मांतरण के नाम पर घर-वापसी कही जा रही है, वह संघ का एजेंडा है. विदेश से फंड लेने वाली संस्थाएं कन्वर्जन कराती हैं, उसके खि‍लाफ असंतोष है. लेकिन आगरा में जो हो रहा है, वह गलत है.'

दिग्वि‍जय सिंह ने जोड़ा कि आरएसएस की ये खूबी है कि जब उनका दायां हाथ काम करता है, तो बाएं हाथ को पता नहीं होता. ऐसे में सुधींद्र जी जो कह रहे हैं, उसमें गहराई है.

क्या मोदी सरकार और उनके सांसदों की बात को अलग-अलग करके देखा जा सकता है?
ओवैसी: बीजेपी अचानक 370 पर चुप हो गई. कश्मीर में बीजेपी को एक सीट नहीं मिलने वाली. मोदी विरोधि‍यों को पाकिस्तान भेजने की बात कहने वाले गिरिराज सिंह, मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी बालियान को मंत्री बना दिया. यानी ऐसे लोग सम्मानित‍ हो रहे हैं. प्रभातजी यदि आपको मंत्री बनना है, तो आप भी एक बयान ठोक दो.

इस पर प्रभात झा ने पलटवार किया कि आपको ऐसे बयान देने पर जनता ने ठोक दिया है. प्रधानमंत्री ने साध्वी के बयान पर खेद व्यक्त कर दिया और क्या चाहिए.

एंटी कन्वर्जन बिल पर ओवैसी:
डांग जिले में राम माधव ने धर्मांतरण के मामले में कहा यदि हम ऐसा नहीं करेंगे, तो हिंदू हमें माफ नहीं करेंगे. दिग्वि‍जय सिंह वहां मुख्यमंत्री रहे. उन्होंने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की, जबकि वहां कानून था. और अब जो लोग कहते हैं कि कानून लाना चाहिए, उन्हें क्या 1950 का प्रेसिडेंशि‍यल ऑर्डर नहीं दिखता, जिसमें दलितों को कहा गया कि वे हिंदू, सिख या बौद्ध होंगे. क्या ये मजहब में बांटने की कोशि‍श नहीं है. भाजपा और कांग्रेस में इस मामले में तालमेल है. मैं एंटी कन्वर्जन बिल के खि‍लाफ हूं, क्योंकि प्रलोभन देने या धोखा देने को लेकर कानून में पर्याप्त धाराएं हैं. अलग से कानून की जरूरत ही नहीं.

सुधींद्र कुलकर्णी ने कहा, 'मैं ये पूछना चाहता हूं कि कितने मुसलमान ईसाई बने हैं. कुछ ईसाई संस्थाएं ऐसा काम कर रही हैं. इसलिए जरूरी है कि एंटी कन्वर्जन बिल लाया जाए.'

दिग्वजय सिंह ने कहा, 'धर्म के प्रचार-प्रसार का सबको अधि‍कार है, लेकिन जबरिया धर्म परिवर्तन हमें मंजूर नहीं.'

ओवैसी ने कहा, 'मेरे भाई के खि‍लाफ इतनी बात होती है, मुझे उम्मीद है कोर्ट ने जैसे वरुण गांधी के साथ न्याय किया है, वैसे ही मेरे भाई के साथ होगा. वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता, हम आह भी भरते है बदनाम हो जाते हैं.'

जब ओवैसी को दिग्वि‍जय ने कहा 'भतीजा'...
ओवैसी झल्ला गए, जब दिग्वि‍जय सिंह ने उन्हें अपना भतीजा बताया. वे बोले, 'आपने मेरे पिता के बारे में न जाने क्या-क्या कहा. अब हमारा गठबंधन भी नहीं है. मैं कहना नहीं चाहता, लेकिन आपके भी करियर का आगाज हिंदू महासभा से ही हुआ है.'

दिग्वि‍जय सिंह ने इसका इनकार करते हुए कहा, 'अब आप संघ से सीख रहे हैं. इस बहस के बीच प्रभात झा बोले, 'अजीब है सबका संघ से रिश्ता रहा है और अब सब संघ का विरोध कर रहे हैं.'

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