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राष्ट्रीय शिक्षा नीति का डॉफ्ट तैयार करने में संघ के छात्र संगठन ABVP का भी रहा रोल

कस्तूरीरंगन कमेटी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 को तैयार करते वक्त देश की कई प्रमुख संस्थाओं और शिक्षाविदों से सुझाव लिए. इस ड्रॉफ्ट में संघ के छात्र संगठन एबीवीपी की भी खास भूमिका रही.

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नवनीत मिश्रनई दिल्ली, 03 June 2019
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का डॉफ्ट तैयार करने में संघ के छात्र संगठन ABVP का भी रहा रोल मोदी सरकार में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का खाका कस्तूरीरंगन कमेटी ने तैयार किया

मोदी सरकार में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मसौदा तैयार करने में संघ के छात्र संगठन एबीवीपी की खास भूमिका रही है. के कस्तूरीरंगन कमेटी ने मसौदा तैयार करते वक्त जिन 74 प्रमुख संस्थाओं के सुझाव लिए, उसमें एबीवीपी का भी जिक्र है. सुझाव देने वाली संस्थाओं की सूची में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को दूसरे स्थान पर रखा गया है. हालांकि कस्तूरीरंगन कमेटी ने रिपोर्ट में इस बात का जिक्र नहीं किया कि किस संस्था का कौन सा सुझाव लागू किया गया है.

देश में नई शिक्षा नीति लागू करने की एक अरसे से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अनुषांगिक संगठन मांग उठाते रहे हैं. 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद जनवरी 2015 में जब कमेटी गठित हुई तो नेशनल एजूकेशन पॉलिसी पर बात आगे बढ़ी.

कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली कमेटी ने यूं तो कई राज्यों की सैकड़ों संस्थाओं और शिक्षाविदों से बात की, मगर जिनके सुझाव लिए गए, उन्हीं के नाम रिपोर्ट में दर्ज किए हैं. कस्तूरीरंगन कमेटी की रिपोर्ट में 217 शिक्षाविदों के नाम हैं, जिनके सुझावों को कमेटी ने शामिल किया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रस्ताव में कुल 33 थीम्स शामिल किए गए जिसमें 20 थीम्स उच्च शिक्षा और 13 थीम्स स्कूली एजुकेशन से जुड़े हैं.

abvp_060319014946.pngराष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदे में एबीवीपी का जिक्र

नेशनल एजूकेशन पॉलिसी कमेटी की सेक्रेटरी और ओएसडी शकीला शम्सु के मुताबिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार करने का मुख्य मकसद एक विजन डॉक्यूमेंट सामने लाने का रहा, जिससे कम से कम अगले 20 वर्षों की शिक्षा नीति का खाका तैयार हो सके. समिति ने विवेकपूर्ण तरीके से सिफारिशें कीं.

उधर, एबीवीपी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदे को लेकर जनता से और सुझाव मांगे हैं. एबीवीपी ने नई शिक्षा नीति को शिक्षा क्षेत्र में मौजूद समस्याओं का समाधान करने वाला और व्यापक, उत्कृष्ट सोच के साथ आगे ले जाने वाली नीति करार दी है.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मसौदा तैयार करने में योगदान देने वाली संस्थाओं की बात करें तो आगा खान फाउंडेशन, दारूल उलूम, अक्षय पात्र फाउंडेशन, अजुमन इस्लाम, इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग, अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी सहित 74 प्रमुख संस्थाओं के सुझाव लिए गए. इसी तरह प्रख्यात व्यक्तियों और शिक्षाविदों में भारत रत्न सीएनआर राव, आचार्य विद्यासागर जैन मुनि, अनिल काकोदकर, अलेक्जेंडर थॉमस, अनिल सहस्त्रबुद्धे, अनुराधा बख्शी और अजय सहित 217 लोगों से सुझाव लेने की बात कही गई.

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