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जून-जुलाई में सौ फीसदी मानसूनी बारिश, अगस्त में और तेज बारिश के आसार

मौसम के जानकारों के मुताबिक अगस्त में मानसून की बारिश में अच्छी बढ़ोतरी देखी जाएगी. बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक कम दबाव के क्षेत्र के चलते मानसून में अगस्त के पहले हफ्ते में तेजी देखी जाएगी.

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सिद्धार्थ तिवारी [Edited By: सना जैदी]नई दिल्ली, 01 August 2016
जून-जुलाई में सौ फीसदी मानसूनी बारिश, अगस्त में और तेज बारिश के आसार मानसून सीजन में पूरे देश में बारिश सामान्य स्तर पर रही

जुलाई में हुई झमाझम बारिश के चलते इस मानसून सीजन में पूरे देश में बारिश सामान्य स्तर पर रही है. यानी मानसून को सौ में पूरे सौ नंबर मिले हैं. मौसम विभाग के मुताबिक इस समय मानसून का अक्ष बीकानेर, ग्वालियर, डाल्टनगंज, पुरुलिया होता हुआ कोलकाता से गुजर रहा है. इससे उत्तर भारत में बारिश में राहत मिली है. लेकिन मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत में मानसून की बारिश तेजी पकड़ रही है.

जुलाई तक हुई बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो...

-उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की बारिश सामान्य के मुकाबले महज 6 फीसदी ऊपर है.
-मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य के मुकाबले 6 फीसदी ज्यादा रही है.
-दक्षिण भारत में मानसून की बारिश सामान्य के मुकाबले 4 फीसदी कम रिकॉर्ड की गई है.
-पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की बारिश सामान्य के मुकाबले 13 फीसदी कम रही है.

 

इन आंकड़ों की गहराई में जाएं तो देश का 89 फीसदी हिस्सा ऐसा है जहां पर बारिश सामान्य या सामान्य से ऊपर रही है.

-जून-जुलाई में पूर्वी राजस्थान में बारिश 34 फीसदी ज्यादा रही है.
-इस दौरान उत्तराखंड में बारिश 15 फीसदी ज्यादा रही है.
-उत्तर प्रदेश में मानसून की बारिश 3 फीसदी से लेकर 29 फीसदी तक ज्यादा रही है.
-पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश 37 फीसदी ज्यादा रही है.
-पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश 35 फीसदी ज्यादा रही है.
-विदर्भ में बारिश 36 फीसदी ज्यादा रही है.
-मराठवाड़ा में बारिश 31 फीसदी ज्यादा रही है.
-रायलसीमा में बारिश 60 फीसदी ज्यादा रही है.
-तेलांगाना में बारिश 16 फीसदी ज्यादा रही है.
-उत्तरी अंदरुनी कर्नाटक में बारिश 26 फीसदी ज्यादा रही है.

जहां एक तरफ एक बड़े हिस्से में अच्छी बारिश रही है तो वहीं देश का तकरीबन 21 फीसदी हिस्सा ऐसा है जहां पर बारिश सामान्य के मुकाबले 20 फीसदी से लेकर 49 फीसदी तक कम रही है.

-मानसून की झमाझम बारिश के लिए मशहूर केरल में बारिश 25 फीसदी कम रिकॉर्ड हुई है.
-इसी तरह बारिश का घर माने जाने वाले पूर्वोतर राज्यों में असम और मेघालय में मानसून की बारिश 26 फीसदी कम रही है.
-झारखंड में मानसून 21 फीसदी कम रहा है तो वहीं हिमाचल प्रदेश में बारिश 27 फीसदी कम रही है.
-सौराष्ट्र और कच्छ में मानसून की बारिश 49 फीसदी कम रही है.
-गुजरात में भी इस बार बारिश 39 फीसदी कम हुई है.
-उड़ीसा में बारिश 20 फीसदी कम रिकॉर्ड की गई है.

मौसम के जानकारों के मुताबिक अगस्त में मानसून की बारिश में अच्छी बढ़ोतरी देखी जाएगी. बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक कम दबाव के क्षेत्र के चलते मानसून में अगस्त के पहले हफ्ते में तेजी देखी जाएगी. इससे मध्य भारत और पूर्वी भारत में झमाझम बारिश का सिलसिला एक बार फिर से शुरू हो जाएगा.

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