एडवांस्ड सर्च

जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल लोकसभा से पारित

aajtak.in [Edited by: अनुग्रह मिश्र] जून 29, 2019
अपडेटेड 0:14 IST

लोकसभा से आज जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल को मंजूरी दे दी गई. सदन में गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती इलाकों में रह रहे कश्मीरियों की दिक्कतों के बारे में जिक्र करते हुए इस बिल को काफी अहम बताया. इसके साथ ही सदन में कश्मीर में राष्ट्रपति शासन 6 महीने के लिए बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई और इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर तीखी तकरार भी देखने को मिली.

Check Latest Updates
Advertisement
जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल लोकसभा से पारितParliament Highlights

हाइलाइट्स

  • लोकसभा में J&K आरक्षण बिल पर पारित
  • कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा
  • गृह मंत्री अमित शाह ने दिया चर्चा का जवाब
  • अगले हफ्ते राज्यसभा में आएगा तीन तलाक बिल
  • 17:58 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा में आज कोरम न पूरा होना की वजह से हंगामा हुआ जिसके बाद सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

  • 17:22 ISTPosted by Anugrah Mishra

    राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगति कर दी गई है.

  • 16:20 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा और राज्यसभा में अब गैर सरकारी कामकाज चल रहा है. विभिन्न दलों के सांसदों की ओर से लाए गए प्राइवेट मेंबर विधेयकों पर सदन में चर्चा चल रही है.

  • 16:07 ISTPosted by Anugrah Mishra

    J-K आरक्षण बिल लोकसभा से पारित

    जम्मू कश्मीर आक्षण संशोधन बिल को लोकसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. इस पर लाए गए विपक्ष के किसी संशोधन को सदन में मंजूरी नहीं मिली.

  • 16:05 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कांग्रेस के गृहमंत्री से सवाल

    कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी अमित शाह से पूछा कि आज शहीदों की तादाद पहले से ज्यादा बढ़ी है तो ऐसे में आपकी कश्मीर नीति हमसे ज्यादा सफल कैसे हो गई. उन्होंने कहा कि आज लोकल आतंकियों की तादाद बढ़ी है, कश्मीरी पंडितों के बारे में सरकार की क्या नीति है, दाऊद के आपकी सरकार कब पकड़ कर ला रही है. इसके बाद स्पीकर कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने के प्रस्ताव पर सदन का मत ले रहे हैं.

  • 15:58 ISTPosted by Anugrah Mishra

    गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर में धारा 370 अस्थाई तौर पर लगाया गया है और यह स्थाई नहीं है. यह शेख अब्दुल्ला साहब की सहमति से हुआ है. शाह ने कहा कि कश्मीर को लेकर हमारी अप्रोच में कोई बदलाव नहीं हुआ है जो पहले था वह आगे भी रहेगा. अमित शाह ने कि दोनों बिल कश्मीर की भलाई के लिए हैं और इन्हें सदन से पारित कराना चाहिए. लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में काफी अंतर होता है और इस हालात में वहां सुरक्षा दे पाना मुमकिन नहीं था, यही वजह रही कि लोकसभा के साथ विधानसभा के चुनाव नहीं कराए गए.

  • 15:53 ISTPosted by Anugrah Mishra

    जब आयोग कहेगा तब होंगे चुनाव: अमित शाह

    अमित शाह ने कहा कि आज सरकार कश्मीर के लोगों को अधिकार दे रही है और अब तीन परिवारों के पास से निकलकर जनता तक अधिकार जा रहे हैं. शाह ने कहा कि हमने चुनाव में खून की नदियां बहती देखी हैं लेकिन कश्मीर में पंचायत और लोकसभा के चुनाव शांति के माहौल में हुए. आपको नियंत्रण की स्थिति पसंद नहीं आती क्योंकि आपका और हमारा नजरिया अलग है. जिनके मन में कश्मीर में आग लगाने की मंशा है, अलगाववाद की मंशा है, उनके मन में भय है, रहना चाहिए और बढ़ेगा. शाह ने कहा कि चुनाव आयोग जब कहेगा हम चुनाव करा लेंगे.                                                                

  • 15:44 ISTPosted by Anugrah Mishra

    भारत विरोधियों के मन में होगा डर: अमित शाह

    अमित शाह ने कहा कि कश्मीर की आवास में शंका के बीज रोपने का काम कांग्रेस की सरकार ने किया है. कांग्रेस की सरकार में जनता का विश्वास चूर होता गया और आतंकवाद चरम पर जाता गया. भारत का झंडा फहराना भी कश्मीर में मुमकिन नहीं था, जोशीजी और नरेंद्र मोदी ने जान की बाजी लगाकर वहां भारत का झंडा फहराया था. उन्होंने कहा कि जिनके मन में भारत का विरोध है उनके मन में डर होना चाहिए, हम टुकड़े-टुकड़े गैंग के सदस्य नहीं हैं. आज कश्मीर की आवाम को केंद्र की नीतियों का लाभ मिल रहा है, लोगों के पास मोदीजी का कार्ड पहुंचा है. शंका का पर्दा कांग्रेस ने डाला है.

  • 15:40 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कांग्रेस ने लोकतंत्र का मजाक बनाया: गृह मंत्री

    अमित शाह ने कहा कि पहले कश्मीर में लोकतंत्र की हत्या हुई और चुनाव के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जाता रहा. चुनाव हमारे शासन में हुए लेकिन हमें बहुमत नहीं मिला लेकिन हमने कोई और रास्ता नहीं खोजा. कश्मीर में जब आयोग चाहेगा तब चुनाव होंगे केंद्र सरकार की कोई दखल नहीं होगी. अमित शाह ने कहा कि हमारी सरकार में चुनाव आयोग के फैसले वही लेता है पहले कांग्रेस चुनाव आयोग चलाती थी. शाह ने कहा कि इतिहास में ले जाओगे तो आपको ही सुनना पड़ेगा और आसन से डांट भी खानी पड़ेगी.  आज कोई भी चुनाव लड़ सकता है और कोई किसी को रोकता नहीं है क्योंकि हमारी सरकार ने वहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है.

  • 15:36 ISTPosted by Anugrah Mishra

    श्यामा प्रसाद की मौत की जांच नहीं हुई: शाह

    लोकसभा में अमित शाह ने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए कहा कि आजादी के वक्त 630 रियासतों के साथ संधि हुई कहीं 370 धारा नहीं बची है, सिर्फ एक जगह नेहरू जी ने संधि की वहीं 370 बची है. अमित शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू कश्मीर के संविधान का विरोध किया तो उन्हें जेल में डाल दिया गया जहां उनकी संदेह की हालत में मौत हो गई और उसकी जांच तक नहीं की गई. इतने पड़े नेता की मौत की जांच तक नहीं हुई, उन्होंने बंगाल को भारत के साथ जोड़ा वरना बंगाल आज भारत में नहीं होता, वहीं से विश्वास टूटने की बात शुरू हुई थी.

  • 15:28 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा में नेहरू के जिक्र पर हंगामा

    लोकसभा में नेहरू का जिक्र करने पर सदन में हंगामा शुरू हो गया और कांग्रेसी सांसद अपनी सीटों से खड़े होकर विरोध कर रहे हैं. इस पर स्पीकर ने सदन में शांति की अपील की और कहा कि आपके सदस्यों के भाषण के वक्त सत्तापक्ष के लोगों को चुप कराया गया था. कांग्रेस के सांसद सदन में नारेबाजी कर रहे हैं और अमित शाह को फिलहाल अपना भाषण रोकना पड़ा है. स्पीकर सभी सांसदों से बैठने की अपील कर रहे हैं.

  • 15:24 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा में गृह मंत्री ने कहा कि पहले आतंकी घटनाओं का जवाब नहीं दिया जाता था हम सिर्फ सुनते थे, लेकिन मोदी सरकार ने एयर स्ट्राइक के जरिए पाकिस्तान के घर में घुसकर आतंकवाद का सफाया किया. शाह ने कहा कि कांग्रेस के नेता विभाजन पर सवाल उठा रहे हैं लेकिन इस विभाजन की सहमति किसने की, यह गलती हमने नहीं  आपकी पार्टी ने की है. शाह ने कहा कि कश्मीर का एक तिहाई हिस्सा हमारे पास नहीं है इसके लिए कौन जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि नेहरू ने कश्मीर नीति पर देश के गृहमंत्री को भी भरोसे में नहीं लिया था और अगर लेते तो आतंकवाद का मूल ही खत्म हो जाता.

  • 15:16 ISTPosted by Anugrah Mishra

    आतंकवाद की जड़ को खत्म किया: अमित शाह

    अमित शाह ने कहा कि पहले भारत विरोधी बयान देने पर सरकारी सुरक्षा दे दी जाती थी, भारत की बात करने वाले को नहीं भारत का विरोध करने वालों को सुरक्षा दी जाती दी. लेकिन हमारी सरकार ने ऐसे लोगों को मिलने वाली सुरक्षा को हटाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि देश में पाकिस्तानी चैनलों के प्रसारण को बंद करने का काम किया क्योंकि उनके जरिए भारत के खिलाफ जहर उगला जाता था. अमित शाह ने कहा कि कश्मीर में पाक प्रेरित आतंकवाद है और हमने आतंक के खिलाफ लड़ाई का तरीका बदला है. हमने आतंकवाद की जड़ में घुसकर उसे खत्म करने का काम किया है. हमने एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक करी, हमारे स्ट्राइक में एक भी नागरिक की मौत नहीं हुई सिर्फ आतंकवादी मारे गए. 

           

  • 15:09 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कांग्रेस ने किया राष्ट्रपति शासन का सियासी इस्तेमाल: शाह

    अमित शाह ने कहा कि हमने कश्मीर में सुरक्षाबलों की सभी जरूरतों को पूरा करने का काम किया है और आजादी के बाद यह पहली बार हो सका. उन्होंने कहा कि देश में अब तक 132 बार धारा 356 का इस्तेमाल हुआ और 93 बार कांग्रेस ने इसका इस्तेमाल किया है. आज विशेष हालात में राष्ट्रपति शासन लगाया जा रहा लेकिन आपने तो चुनी हुई सरकार को गिराने का काम किया और इस धारा का सियासी इस्तेमाल किया है. अमित शाह ने कहा कि जमात ए इस्लामी पर आज तक क्यों पाबंदी नहीं लगाया गया, किसे खुश करने के लिए. जेकेएलएफ पर पाबंदी हमने लगाने का काम किया. आतंकवादियों को समर्थन देने वाले सभी लोगों पर दबाव डाला गया है.

  • 15:04 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कश्मीर चर्चा पर गृह मंत्री का जवाब

    लोकसभा में जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि काफी सदस्यों ने जम्मू कश्मीर की सुरक्षा और देश की सुरक्षा पर चिंता जताई है, उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि मोदी सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति अपनाकर चल रहे हैं और इस समस्या को जड़ से उखाड़ कर रहेंगे. शाह ने कहा कि हमारी विचारधारा भारत माता के हित में समाहित है इससे ऊपर उठने की जरूरत नहीं है. गृहमंत्री ने कहा कि 2014 में सरकार बनने के पहले दिन से हमारी सरकार ने जम्मू कश्मीर को प्राथमिकता दी है. सबसे पहले हमने वहां सीआरपीएफ ती तैनाती को बढ़ाया ताकि जवानों की कमी कश्मीर में न हो.

  • 14:54 ISTPosted by Anugrah Mishra

    घाटी में कैसी शांति चाहती है सरकार: ओवैसी

    लोकसभा में AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने जम्मू कश्मीर पर चर्चा के दौरान कहा कि अमित शाह के कश्मीर दौरे की वजह से पूरी घाटी को बंद कर दिया गया था और ट्रैफिक एडवाइजरी थी कि एक आदमी भी शहर में घर से बाद नहीं निकलेगा. उन्होंने कहा कि घाटी में ऐसी शांति का क्या मतलब है. ओवैसी ने कहा कि शुजात बुखारी की हत्या मामला में क्या प्रोग्रेस हुई है सरकार इसका जवाब दे. उन्होंने कहा कि सरकार बताए परिसीमन की थ्योरी क्या है जिसकी काफी चर्चा हो रही है. साथ ही 5 साल में कितने कश्मीरी पंडितों को आपने वापस घाटी में भेजा है, क्योंकि इन सवालों पर चुनाव लड़ा गया था तो सरकार को इनका जवाब देना चाहिए.

  • 14:44 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा में कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा के दौरान बीजेडी सांसद भर्तृहरि महताब ने कहा कि लगातार राज्य में राष्ट्रपति शासन बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार धारा 370 और 35A के बारे में सदन को बताए, साथ ही इनके बारे में पूरा देश जानना चाहता है. बसपा सांसद दानिश अली ने इस मुद्दे पर कहा कि किस कारण से लोकसभा के साथ कश्मीर में चुनाव नहीं कराए गए. दानिश ने कहा कि नई सरकार जल्द वहां चुनाव कराए ताकि वहां शांति का माहौल बहाल किया जा सके.

  • 14:37 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कश्मीर में गलत नीतियों का इतिहास: जितेंद्र सिंह

    बीजेपी सांसद जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में कहा कि जब चुनाव आयोग चाहेगा तब जम्मू कश्मीर में चुनाव होंगे, हमारी पार्टी चुनाव के लिए हर वक्त तैयार है और हमने रोका नहीं है. उन्होंने कहा कि 50-60 साल पहले तक जम्मू कश्मीर की बागडोर कांग्रेस के ही हाथ में थी, क्या आप हमारे लिए रामराज्य छोड़ते आए थे, हमारी सरकार को वहां 2015 में बनी थी. कांग्रेस के शासन में आपने गलत नीतियों की एक परंपरा डाली जिसकी नींव नेहरू ने रखी थी. उन्होंने कहा कि हम जम्मू कश्मीर के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और विकास की धारा से सभी को जोड़ना चाहते हैं, इसी का नतीजा है कि आरक्षण बिल आज सदन में लाया गया है.

  • 14:31 ISTPosted by Anugrah Mishra

    राज्यसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है.

  • 13:43 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद हसनैन मसूदी ने जम्मू कश्मीर आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि कश्मीर की जनता के साथ खूब अन्याय हुआ है. उन्होंने कहा कि हमें लोकतंत्र की डोर से अलग रखने की कोशिश की गई. मसूदी ने कहा कि अन्याय की यह दास्तान पुरानी है और हमसे विशेष राज्य का दर्जा देते हुए इसे एंजॉय करने का वादा किया गया था. सांसद ने कहा कि हमसे आज स्पेशन स्टेटस छीनने की बात कही जाती है लेकिन यह दर्जा हमें संविधान सभा से हासिल है. उन्होंने कहा कि सरकार को बड़ा जनादेश मिला है और हमें इंतजार था कि अब सरकार वहां चुनाव का ऐलान करेगी. लोकतंत्र से अगर कश्मीर की जनता को दूर रखा गया तो वहां के लोगों से भी दूरी ज्यादा बढ़ जाएगी.

  • 13:04 ISTPosted by Anugrah Mishra

    आरक्षण बिल का विरोध नहीं, तरीके का विरोध: कांग्रेस

    कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि अगर जम्मू कश्मीर में शांतिपूर्ण तरीके से लोकसभा के चुनाव करा सकते हैं तो विधानसभा चुनाव क्यों साथ में नहीं कराए गए. तिवारी ने कहा कि हमारे पश्चिमी पड़ोसी से जो चुनौती है वह खत्म होने वाली नहीं है. आपको आवाम को साथ रखना पड़ेगा तभी आप चुनौती का सामना कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार लोगों का विश्वास जीतने में नाकाम रही है और इसी वजह से वहां हालात बिगड़े हैं. तिवारी ने कहा कि हम राष्ट्रपति शासन बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध करते हैं. कांग्रेस सांसद ने कहा कि आरक्षण के प्रस्ताव का विषय विधानसभा के अधिकार में आता है और इस विधेयक को लाने का हक विधानसभा का होना चाहिए. सीमा पर रहने वाले लोगों का दर्द हम समझते हैं और आरक्षण पर हमें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन उसके तरीके पर आपत्ति जरूर है.

  • 12:58 ISTPosted by Anugrah Mishra

    बीजेपी-पीडीपी गठबंधन से बिगड़े हालात: तिवारी

    लोकसभा में मनीष तिवारी ने कहा कि 2005 से 2008 तक कश्मीर का गोल्डन टाइम था क्योंकि कांग्रेस की सरकार ने वाजपेयी की नीतियों को आगे बढ़ाया. फिर से कश्मीर में फिर चुनाव हुए और कांग्रेस-एनसी की सरकार बनी जिसने 2014 तक राज्य में पारदर्शी शासन दिया. 2014 में एनडीए की सरकार बनने के बाद राज्य में चुनाव हुए और हमने एक प्रगतिशील प्रदेश बीजेपी सरकार को सौंपा था. तिवारी ने कहा कि राज्य में बीजेपी ने पीडीपी के साथ मिलकर सरकार बनाए और यह गलत गठबंधन था. आज कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने के हालात बीजेपी और पीडीपी के गठबंधन से बने हैं. तिवारी ने कहा कि आतंकवाद से आप सख्ती से निपटें मैं तो खुद इसका भुक्तभोगी हूं. आतंकवाद के खिलाफ आपकी किसी कठोर नीति का हम विरोध नहीं करते, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ जंग तभी जीती जा सकती है जब लोग आपका साथ देंगे.

  • 12:52 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कांग्रेस ने सुधारे कश्मीर के हालात: मनीष तिवारी

    लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने जम्मू कश्मीर आरक्षण बिल और राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का विरोध करते हुए कहा कि आज जो कश्मीर में हालात है उसके लिए इतिहास में पीछे जाने की जरूरत है. तिवारी ने कहा कि 1990 में वीपी सिंह की सरकार था, जिसे बीजेपी और लेफ्ट का समर्थन हासिल था, तब से जम्मू कश्मीर के हालात बिगड़ने शुरू हुए. कांग्रेस की ओर से सरकार को चेताने के बावजूद भी राज्य के हालात नहीं सुधरे और वहां राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा. कश्मीर में हालात बिगड़े उसके लिए कश्मीर के लोग नहीं बल्कि पाकिस्तान जिम्मेदार था. पड़ोसी मुल्क ने पहले पंजाब और फिर कश्मीर में दखल दी, जिससे दोनों राज्यों के हालात बिगड़े. 1996 में कांग्रेस ने स्थिति को संभाला और वहां विधानसभा चुनाव हुए और नेशनल कांफ्रेंस की सरकार बनी जो 6 साल तक चली. फिर 2002 के चुनाव में पीडीपी-कांग्रेस की सरकार बनी. 2003 में जब पूर्व प्रधानमंत्री श्रीनगर गए तो उन्होंने इंसानियत और कश्मीरियत की बात की और बढ़ा दिल दिखाया. 

  • 12:41 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा में आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने राष्ट्रपति शासन बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध किया. साथ ही उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में सीमावर्ती इलाकों में रह रहे लोग काफी लंबे वक्त से आरक्षण की मांग कर रहे थे लेकिन अब चुनावी फायदा होने के बाद उन्हें यह आरक्षण दिया जा रहा है. प्रेमचंद्रन ने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए अब यह बिल लाया गया है और इसका विरोध करता हूं. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के साथ कश्मीर में विधानसभा चुनाव क्यों नहीं कराए गए, वह चुनाव भी शांतिपूर्ण तरीके से हो जाते.

  • 12:36 ISTPosted by Anugrah Mishra

    J-K आरक्षण बिल लोकसभा में पेश

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल सदन में पेश करते हुए कहा कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा सीमा पार से होने वाली गोलीबारी से प्रभावित होते हैं और उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा से लगे लोगों को जो 3 फीसदी आरक्षण है इसके अदंर अतंरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक रहने वालों को भी 3 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए. ये आरक्षण किसी को खुश करने के लिए नहीं लेकिन मानवता के आधार पर उनकी समस्या को देखते हुए आरक्षण दिया जाना चाहिए.  

  • 12:31 ISTPosted by Anugrah Mishra

    अमित शाह ने कहा कि पहली बार जनता महसूस कर रही है कि जम्मू और लद्दाख भी राज्य का हिस्सा है. सबको अधिकार देने का काम मोदी सरकार ने किया है. उन्होंने कहा कि हमारे लिए सीमा पर रहने वाले लोगों की जान कीमती है और इसलिए सीमा पर बंकर बनाने का फैसला हुआ है. शाह ने कहा कि कश्मीर में लोकतंत्र बहाल रहे ये बीजेपी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. आतंकवाद के खात्मे की कार्रवाई भी की जा रही है. उन्होंने सदन से अपील करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन के प्रस्ताव का समर्थन करें.

  • 12:28 ISTPosted by Anugrah Mishra

    आतंकवाद को जड़ से उखाड़ा: गृहमंत्री

    अमित शाह ने कहा कि राज्यपाल और राष्ट्रपति शासन के दौरान जम्मू कश्मीर में एक साल की अवधि में पहली बार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई गई है. एक साल के अंदर आतंकवाद की जड़ों को हिलाने के लिए इस सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. पहले वहां कई साल तक पंचायत चुनाव नहीं कराए जाते थे लेकिन यही एक साल के अंदर वहां शांतिपूर्ण पंचायत चुनाव कराए गए हैं. बीजेपी की सरकार ने वहां की पंचायतों को पैसा देने का काम किया है. उन्होंने कहा कि 40 हजार पदों के लिए वहां चुनाव हुआ और एक भी जान नहीं गई. इस बार वहां मत प्रतिशत बढ़ा और हिंसा भी नहीं हुआ. कानून व्यवस्था सरकार के नियंत्रण में है, यह इसका उदाहरण है.

  • 12:24 ISTPosted by Anugrah Mishra

    साल के अंत में कश्मीर में चुनाव: अमित शाह

    अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि चुनाव आयोग ने इस साल के आखिर में चुनाव कराने का फैसला करेंगे और इस बारे में सूचित कर दिया जाएगा. गृह मंत्री ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना था, अब अमरनाथ यात्रा होनी है, इस वजह से चुनाव कराने इस दौरान मुमकिन नहीं था. इस साल के अंत में चुनाव कराने का फैसला लिया गया. शाह ने कहा कि वहां राष्ट्रपति शासन बढ़ाना जरूरी हो गया है और इस दौरान वहां चुनाव हो जाएगा.

  • 12:17 ISTPosted by Anugrah Mishra

    J-K में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने पर चर्चा

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में जम्मू कश्मीर आरक्षण विधेयक सदन में पेश कर दिया है. उन्होंने सदन में लोकसभा में जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन 6 महीने के लिए बढ़ाने से जुड़ा प्रस्ताव सदन में रखा. इस पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री ने कहा कि जब कोई दल राज्य में सरकार बनाने के लिए तैयार नहीं था तो कश्मीर में राज्यपाल शासन लगाया गया था. इसके बाद विधानसभा को भंग करने का फैसला राज्यपाल ने लिया था. नौ दिसंबर 2018 को राज्यपाल शासन की अवधि खत्म हो गई थी और फिर धारा 356 का उपयोग करते हुए 20 दिसंबर से वहां राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला लिया गया. 2 जुलाई को छह माह का अंतराल खत्म हो रहा है और इसलिए इस राष्ट्रपति शासन को बढ़ाया जाए क्योंकि वहां विधानसभा अस्तित्व में नहीं है.

  • 12:13 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा में अगले हफ्ते आएगा बजट

    लोकसभा का एजेंडा बताते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन को बताया कि आज जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल सदन में पेश किया जाएगा. साथ ही जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन 6 महीने बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चो होगी. अगले हफ्ते सदन में मेडिकल काउंसिल बिल, तीन तलाक बिल, डेटिस्ट बिल और केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा.

  • 11:16 ISTPosted by Anugrah Mishra

    आरजेडी सांसद मनोज झा ने राज्यसभा में दिल्ली यूनिवर्सिटी के एडहॉक टीचर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि टीचरों की आबादी अनिश्चिता और असुरक्षा में रहती है, एक राशि पर दस्तखत कराकर उससे कम सैलरी उन्हें दी जाती है. सांसद ने कहा कि एडहॉक टीचर को बच्चे के जन्म के एक हफ्ते के भीतर ज्वाइन करने के लिए मजबूर किया जाता है, ऐसी व्यवस्था बंद होनी चाहिए.

  • 11:10 ISTPosted by Anugrah Mishra

    अगले हफ्ते राज्यसभा में आएगा तीन तलाक बिल

    संसदीय कार्य राज्यमंत्री ने राज्यसभा में बताया कि सोमवार को सदन में जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन 6 महीने के लिए बढ़ाए जाने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी. साथ ही जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल को लोकसभा से पारित हो जाने के बाद अगले हफ्ते चर्चा के लिए सदन में लागा जाएगा. इसके बाद राज्यसभा में होम्योपैथी केंद्रीय परिषद बिल को सदन में चर्चा के लिए पेश किया जाएगा जो लोकसभा से पारित हो चुका है. इसके बाद आधार संशोधन बिल को लोकसभा से पारित होने के बाद उच्च सदन में लाया जाएगा. मेडिकल काउंसिल संशोधन बिल को लोकसभा में पारित कराने के बाद सदन में लाया जाएगा. इसके साथ ही तीन तलाक बिल को राज्यसभा में लाया जाएगा जब यह बिल लोकसभा से पारित हो जाएगा. इसके बाद 5 जुलाई को केंद्रीय मंत्री लोकसभा में पेश होने के बाद सदन में चर्चा के लिए पेश किया जाएगा.  

  • 11:03 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है. लोकसभा में प्रश्न काल चल रहा है वहीं राज्यसभा में दस्तावेज पटल पर रखे जा रहे हैं.

  • 10:34 ISTPosted by Anugrah Mishra

    क्या है J-K आरक्षण बिल

    जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल के तहत राज्य में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वालों को भी वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास रहने वालों की तरह ही तीन फीसदी आरक्षण का लाभ मिलेगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में इस बिल को पेश करेंगे, वह बीते 2 दिनों से राज्य के दौरे पर ही थे.

  • 10:28 ISTPosted by Anugrah Mishra

    संसद में आज का एजेंडा

    लोकसभा में बीजेपी ने अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है. केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने यह जानकारी दी है. जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन के प्रस्ताव पर आज लोकसभा में चर्चा होनी है, साथ ही सदन में जम्मू कश्मीर आरक्षण बिल पर भी चर्चा संभव है. लोकसभा में आधार बिल पर भी आज चर्चा होगी. संसद है दोनों सदनों में शुक्रवार होने की वजह से गैर सरकारी कामकाज का दिन है.                        

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay