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SC ने कहा- आरे में तुरंत रोको आरी, सरकार बोली- जितने पेड़ काटने थे काट लिए

विद्या/अनीषा माथुर || नई दिल्ली/मुंबई || अक्टूबर 7, 2019
अपडेटेड 12:31 IST

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए काटे जा रहे आरे कालोनी में पेड़ों का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा सर्वोच्च अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को पेड़ काटने पर रोक लगाने को कहा है, अदालत ने कहा कि अभी जितने पेड़ कट गए तो ठीक लेकिन आगे पेड़ नहीं कटेंगे. पिछले एक हफ्ते से इस मामले पर मुंबई की सड़कों पर प्रदर्शन हो रहा है, कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया है. बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से 2,646 पेड़ों को काटने की इजाजत मिली थी.

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आरे: SC ने रोकी आरी, सरकार बोली- जितने पेड़ काटने थे काट लिएMumbai Aarey Colony Forest

हाइलाइट्स

  • आरे कालोनी के मामले पर SC में सुनवाई
  • SC ने अभी पेड़ काटने पर रोक लगाई
  • पेड़ काटे जाने के खिलाफ दायर है याचिका
  • मुंबई में लगातार जारी है विरोध प्रदर्शन
  • 11:01 ISTPosted by Mohit Grover

    प्रदर्शनकारियों की होगी रिहाई...

    सुप्रीम कोर्ट ने इसी दौरान सभी प्रदर्शनकारियों की रिहाई का आदेश दिया है. सरकारी वकील के मुताबिक अदालत ने निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई है, सिर्फ पेड़ों की कटाई पर रोक है.

  • 10:48 ISTPosted by Mohit Grover

    सुनवाई के बाद वकील संजय हेगड़े ने मीडिया को बताया कि सॉलिसिटर जनरल ने अदालत में कहा है कि मेट्रो को जितने पेड़ काटने थे उतने काट लिए गए हैं.

  • 10:35 ISTPosted by Mohit Grover

    सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि वह इस मामले को चेक करेंगे और आगे अपनी बात कहेंगे. अदालत ने कहा है कि अगर ये गलत है तो गलत है, चाहे एक प्रतिशत ही क्यों ना हो. अदालत ने इस दौरान महाराष्ट्र सरकार से हलफनामा मांगा है और मौजूदा स्थिति की जानकारी मांगी है. सुप्रीम कोर्ट इस दौरान आरे कॉलोनी के संवेदनशील क्षेत्र होने पर फैसला करेगा. अब इस मामले की सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी.

  • 10:32 ISTPosted by Mohit Grover

    पेड़ों की कटाई पर सुप्रीम आदेश

    आरे कॉलोनी पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है. सर्वोच्च अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को पेड़ों की कटाई रोकने का आदेश दिया है. SC का आदेश है कि पेड़ों की कटाई को तुरंत रोका जाए और आगे कोई भी पेड़ ना काटा जाए. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर महाराष्ट्र सरकार ने हामी भरी है.

  • 10:25 ISTPosted by Mohit Grover

    वकील गोपाल शंकर नारायण ने SC में कहा कि आरे कॉलोनी को 2012 में फॉरेस्ट लैंड घोषित किया गया था. इस दौरान जस्टिस अरुण मिश्रा ने उनसे ग्रीन ज़ोन की जानकारी मांगी.

  • 10:20 ISTPosted by Mohit Grover

    सुप्रीम कोर्ट में जारी है आरे की सुनवाई...

    छात्रों की ओर से संजय हेगड़े ने कहा कि आरे को जंगल घोषित करने का मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने पेंडिंग चल रहा है. वरिष्ठ वकील गोपाल ने कहा कि आरे का मसला काफी पुराना है, 1999 में SC ने जंगल की परिभाषा घोषित करने की बात कही थी. लेकिन महाराष्ट्र की ओर से इसपर परिभाषा नहीं दी गई. जब आरे मेट्रो प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई, तब संजय गांधी वन को संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने की मांग हुई थी.वकील की ओर से बताया गया कि महाराष्ट्र सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर इस क्षेत्र को संवेदनशील माने जाने से इनकार किया,जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप नोटिफिकेशन दिखाइए. सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों से महाराष्ट्र सरकार का नोटिफिकेशन दिखाने की मांग की, जिसमें आरे कॉलोनी का जिक्र है.

  • 10:13 ISTPosted by Mohit Grover

    सुप्रीम कोर्ट में आरे मसले पर सुनवाई शुरू हो गई है. याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया है कि इस मसले पर कई याचिकाएं दाखिल हुई हैं, इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि क्या हम सभी याचिकाएं सुनें या फिर किसी एक याचिका को सुने जिसमें सभी मुद्दे हो.

  • 09:59 ISTPosted by Mohit Grover

    कौन रखेगा दलील?

    सुप्रीम कोर्ट में छात्रों की ओर से वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े, महाराष्ट्र सरकार की ओर से तुषार मेहता और मुंबई मेट्रो की ओर से मनिंदर सिंह दलीलें रखेंगे.


  • 09:49 ISTPosted by Mohit Grover

    'आरे' पर SC में सुनवाई से पहले मुंबई मेट्रो का दावा- हमने लगाए 24 हजार पेड़

    सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ काटे जाने के मसले पर सुनवाई होनी है. यहां मुंबई मेट्रो के एक प्रोजेक्ट के लिए करीब 2500 पेड़ काटे जा रहे हैं, लेकिन इसका पुरजोर विरोध हो रहा है. अदालत में सुनवाई से पहले मुंबई मेट्रो की ओर से दावा किया गया है कि उन्होंने मुंबई में करीब 24 हजार पेड़ लगाए हैं, जिनका लगातार ध्यान भी रखा जा रहा है.

    मुंबई मेट्रो-3 के ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी गई है. ट्वीट में लिखा है कि हमने जो वादा किया था उसे पूरा किया है. मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने मुंबई शहर में 24 हजार पेड़ लगाए हैं, इनमें आरे मिल्क कॉलोनी भी शामिल है.

  • 08:13 ISTPosted by Mohit Grover

    सुनवाई से पहले मुंबई में बढ़ी हलचल

    मुंबई की आरे कालोनी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले हलचल बढ़ने लगी है. प्रदर्शन वाली जगह अभी भी पुलिस की तैनाती है, लेकिन बैरिकेडिंग को हटाया जा रहा है. हालांकि, सड़क के आसपास अभी भी पाबंदियां जारी हैं.

     

  • 07:38 ISTPosted by Mohit Grover

    महाराष्ट्र चुनाव से पहले राजनीतिक दंगल

    महाराष्ट्र में इसी महीने चुनाव होने हैं ऐसे में मुंबई में इस मसले ने राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है. शिवसेना सत्ता में होने के बावजूद इस मसले पर विपक्ष की भूमिका निभा रही है और लगातार प्रदर्शन कर रही है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का कहना है कि पेड़ों को काटने वालों को वह सरकार में आने के बाद देख लेंगे, तो वहीं आदित्य ठाकरे ने इसके लिए मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को जिम्मेदार ठहराया है.

  • 07:38 ISTPosted by Mohit Grover

    गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को मिली राहत

    आरे कालोनी के मुद्दे पर मुंबई की सड़कों पर लगातार प्रदर्शन हो रहा है, पुलिस ने इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और गिरफ्तार भी किया. हालांकि, बोरिवली हॉलिडे कोर्ट की ओर से 29 गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को छोड़ने का आदेश मिला है, ऐसे में इन सभी को 7000 रुपये के निजी मुचलके पर छोड़ दिया जाएगा. मुंबई के इस इलाके में अभी भी धारा 144 लागू है.

  • 07:38 ISTPosted by Mohit Grover

    सुप्रीम कोर्ट में पेड़ों पर याचिका

    बॉम्बे हाईकोर्ट से पेड़ों की कटाई की इजाजत मिलने के बाद प्रशासन ने पेड़ काटने का काम शुरू किया और अभी तक 2000 से अधिक पेड़ काटे भी जा चुके हैं. इस बीच कुछ छात्रों ने सर्वोच्च अदालत में इस मसले पर याचिका डाली है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस मामले की सुनवाई के लिए स्पेशल बेंच के गठन का निर्णय किया है.

  • 07:37 ISTPosted by Mohit Grover

    मुंबई के जंगल पर दंगल

    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए काटे जा रहे आरे कालोनी में पेड़ों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सर्वोच्च अदालत में आज पेड़ों के काटे जाने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई होनी है. पिछले एक हफ्ते से इस मामले पर मुंबई की सड़कों पर प्रदर्शन हो रहा है, कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया है. बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से 2,646 पेड़ों को काटने की इजाजत मिली थी.

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