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इतिहास बना-भूगोल बदला, कश्मीर के विभाजन पर लगी संसद की मुहर

अनुग्रह मिश्र अगस्त 7, 2019
अपडेटेड 11:1 IST

राज्यसभा से पास होने के बाद आज गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल को लोकसभा में चर्चा के लिए रखा था, जिसे सदन में वोटिंग के बाद पास कर दिया गया, बिल के पक्ष में 370 और विपक्ष में 70 वोट पड़े. बीते दिन वोटिंग के बाद उच्च सदन से इस बिल को मंजूरी मिल गई थी जिसके पक्ष में 125 और विपक्ष में 61 वोट पड़े थे. लोकसभा में जम्मू कश्मीर में विशेष अधिकार देने वाला धारा 370 को खत्म करने का संकल्प भी पारित हुआ. साथ ही जम्मू कश्मीर आरक्षण विधेयक को लोकसभा में वापस ले लिया गया.

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इतिहास बना-भूगोल बदला, कश्मीर के विभाजन पर संसद की मुहरParliament Highlights

हाइलाइट्स

  • लोकसभा में J-K पुनर्गठन बिल पर पास
  • जम्मू कश्मीर आरक्षण बिल हुआ वापस
  • 370 को हटाने वाला संकल्प लोकसभा से पास
  • राज्यसभा से पारित हो चुके हैं दोनों विधेयक
  • राज्यसभा में उपभोक्ता संरक्षण बिल पास
  • 19:46 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

    लोकसभा स्पीकर ने कहा कि सदन ने करीब 70 घंटे देर तक बैठक चर्चा की साथ ही नए सांसदों को भी ज्यादा से ज्यादा प्रश्न पूछने का मौका मिला. लोकसभा में अब वंदे मातरम गाया जा रहा है और इसके बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है.

  • 19:42 ISTPosted by Anugrah Mishra

    सत्र में लोकसभा से 36 बिल हुए पास: स्पीकर

    लोकसभा स्पीकर ने कहा कि सभा ने 24 जून को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव को 13 घंटे की चर्चा के बाद स्वीकार किया. साथ ही अहम विधायी कामों को निपटान हुआ, बजट पर 23 घंटे, रेलवे अनुदानों पर 13 घंटे, सड़क अनुदान मांगों पर 7 घंटे, ग्रामीण विकास अनुदानों पर 9 घंटे, युवा मामलों की मांगों पर 4 घंटे तक चर्चा चली. अन्य बकाया अनुदान मांगों को 17 जुलाई को रखा गया और स्वीकार किया गया. वर्तमान सत्र में कुल 36 विधेयक पारित हुए और संसद के अंदर 1992 से आजतक सबसे ज्यादा बिल आप सभी ने पारित किए हैं.

  • 19:36 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा में हुई 280 घंटे की चर्चा: ओम बिड़ला

    लोकसभा आज अनिश्चित काल के लिए स्थगित की जा रही है. इस मौके पर स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि 1952 से लेकर 17वीं लोकसभा का यह सत्र लोकसभा का सबसे स्वर्णिम सत्र रहा है. उन्होंने कहा कि 17वीं लोकसभा का पहला सत्र 17 जून से शुरू हुआ था जो आज खत्म हो रहा है, जिसमें कुल 37 बैठकें हुआ, जो करीब 280 घंटे तक चली. सत्र की पहली बैठक कुछ देर मौन रहकर शुरू हुई थी. 17 और 18 जून को कुल 539 सदस्यों ने शपथ ली. 19 जून को लोकसभा अध्यक्ष के निर्वाचन का प्रस्ताव रखा गया और सभा को मुझे चुनने के लिए गर्व महसूस कर रहा हूं. 

  • 19:28 ISTPosted by Anugrah Mishra

    J-K आरक्षण बिल हुआ वापस

    लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर आरक्षण बिल को लोकसभा से वापस ले लिया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के आदेश के बाद जम्मू कश्मीर से धारा 370 अपने आप हट जाएगी और फिर वहां यह आरक्षण लागू जाएगा, इसलिए बिल को वापस लेता हूं. गृह मंत्री ने कहा कि राज्यसभा से भी यह बिल वापस लेने की अपील करूंगा. सदन ने गृह मंत्री को आरक्षण बिल वापस लेने की इजाजत दे दी.

  • 19:23 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा में J-K पुनर्गठन बिल पास

    राज्यसभा से पास हो चुके जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल और जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल को लोकसभा से भी वोटिंग के बाद पास कर दिया गया. इसके पक्ष में 370और विपक्ष में 70 वोट पड़े.

  • 19:09 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा में J-K पुनर्गठन बिल पर विचार

    लोकसभा में अब राज्य पुनर्गठन बिल और जम्मू कश्मीर आरक्षण बिल पर सदन का विचार लिया जा रहा है. इस पर वोटिंग हुई जिसमें बिल के पक्ष में 366 और विपक्ष में 66 वोट पड़े. सदन को विचार के लिए ले लिया गया है. विधेयक पर लाए गए संशोधनों पर अब सदन का मत लिया जा रहा है.

  • 19:04 ISTPosted by Anugrah Mishra

    सामाजिक संकल्प हुआ स्वीकार

    लोकसभा में अमित शाह की ओर से लाया गया संकल्प स्वीकार किया गया है. इसके पक्ष में 351 और विपक्ष में 72 वोट पड़े हैं. एक सांसद गैर मौजूद रहा जबकि कुल 424 सदस्यों ने वोटिंग में हिस्सा लिया है. इस संकल्प में अनुच्छेद 370 को खत्म करने का प्रावधान शामिल है.

  • 18:58 ISTPosted by Anugrah Mishra

    प्रस्ताव पर लोकसभा में वोटिंग

    लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर लाए गए संकल्प प्रस्ताव पर सदन का मत लिया जा रहा है. विपक्षी सांसदों ने सदन में वोटिंग की मांग की है जिसके बाद इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. लॉबी खाली कराई गई हैं और इलैक्ट्रोनिक मशीन से सदन में वोट डाले जाएंगे.

  • 18:55 ISTPosted by Anugrah Mishra

    370 के समर्थक दलित-महिला विरोधी: गृह मंत्री

    अमित शाह ने कहा कि कश्मीरी पंडितों, सूफी संतों के मानव अधिकार नहीं थे जिन्हें कश्मीर से बाहर निकालकर फेंक दिया गया. 370 के समर्थक दलित, आदिवासी, महिला, शिक्षा के विरोधी हैं. इसे हटाने का समर्थन करने वाले आतंकवाद विरोधी है और मेरी सरकार इसका समर्थन नहीं कर सकती. शाह ने कहा कि सभी प्रदेशों की तरह पहली बार जम्मू कश्मीर को भी आजादी के बाद अधिकार दिए जा रहे हैं.

  • 18:52 ISTPosted by Anugrah Mishra

    अटलजी पूरे जीवन 370 के खिलाफ लड़े: गृह मंत्री

    अमित शाह ने कहा कि 370 ने हमेशा पाकिस्तान को भारत के खिलाफ उकसाने का मौका दिया, आप सोचिए कि इससे अब तक क्या मिला. उन्होंने कहा कि यह कानून घाटी के लोगों को अपने नजदीक ला पाएंगे और वहां विकास के नए रास्ते खुलेंगे. अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर पृथ्वी का स्वर्ग था, है और रहेगा. गृह मंत्री ने कहा कि अटलजी पूरे जीवन 370 के खिलाफ लड़े हैं और जेल भी गए थे. आज अटलजी की पार्टी के ही नरेंद्र मोदी को पूर्ण बहुमत मिला और आज 370 हट रही है. उन्होंने कहा कि लोहिया जी ने 370 को भारत और कश्मीर को अलग करने वाले अनुच्छेद बताते हुए इसे हटाने की अपील इसी सदन में की थी, क्या वो सेक्युलर नहीं थे.

  • 18:46 ISTPosted by Anugrah Mishra

    घाटी में 370 से बढ़ा आतंकवाद: गृह मंत्री

    गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर तीन परिवारों के नाम बता दूंगे तो तिलमिला जाएंगे, पूरा देश जानता है कि वो कौन तीन परिवार हैं. गृह मंत्री ने कहा कि जल कल्याण का जो पैसा केंद्र से गया उससे जनता का पूरा विकास नहीं हुआ क्योंकि 370 की वजह से भ्रष्टाचार चलता रहा. यह पैसा कहा गया, इसी 370 को ढाल बनाकर भ्रष्टाचार करने का काम वहां के नेताओं ने किया है. अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद का मूल गरीबी नहीं है, गरीब देश का वफादार होता है कभी हाथ में हथियार नहीं उठाता. धारा 370 का दुष्प्रचार हुआ जिससे वहां आतंकवाद बढ़ता चला गया, लोगों को बरगलाया गया और वहां की जनता को गरीबी के अलावा कुछ नहीं मिला. देशभर के बाकी राज्यों में आतंकवाद क्यों नहीं पनपा क्योंकि वहां 370 नहीं थी जो अलगाववाद का मूल पैदा करती थी. 

  • 18:40 ISTPosted by Anugrah Mishra

    370 को बचाने वाले क्या आरक्षण विरोधी: गृह मंत्री

    अमित शाह ने लोकसभा में कहां कि जम्मू कश्मीर में चिंता 370 की नहीं है बल्कि राष्ट्रपति शासन में खुलने वाली फाइलों से चिंता है. राष्ट्रपति शासन आते ही वहां ठंड में पसीने आने लगे हैं और अब फाइलें खुल रही हैं. अमित शाह ने कहा कि दलितों और आदिवासियों के आरक्षण का क्या कांग्रेस विरोध कर रही है. वहां के लोगों को आरक्षण का लाभ क्यों नहीं मिलना चाहिए, धारा 370 के पक्ष में खड़े लोग क्या इस आरक्षण के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि धारा 370 को बचाने वाले यह भी याद रखें उन्हें जनता के बीच जवाब देना होगा. इस धारा की वजह से जम्मू कश्मीर के विकास को रोका गया और लोकतंत्र का गला घोंटा गया. वहां कांग्रेस सरकार में आए संविधान संशोधन भी लागू नहीं हुए क्योंकि वोट बैंक प्रभावित हो रहा था. तीन परिवारों की वजह से वहां का विकास नहीं हो सका.

  • 18:36 ISTPosted by Anugrah Mishra

    जम्मू कश्मीर को क्यों न मिलें अधिकार: अमित शाह

    अमित शाह ने कहा कि जो कश्मीर में धारा 370 लागू रखना चाहते हैं वह लोग बाल विवाह का समर्थन करते हैं और उसे जारी रखना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में आजतक बाल विवाह कानून लागू नहीं है. वहां के सिख, जैन और बौद्ध भाइयों के लिए अल्पसंख्यक आयोग क्यों नहीं बनना चाहिए. शिक्षा का अधिकार जम्मू कश्मीर के बच्चों को क्यों नहीं मिलना चाहिए. भूमि अधिग्रहण और दिव्यागों को लिए बने कानून में वहां लागू नहीं होते. देश भर में परिसीमन हुआ लेकिन जम्मू कश्मीर में कितनी भी आबादी बढ़ जाए लेकिन परिसीमन नहीं हो सकता क्योंकि वोट बैंक को परेशानी हो रही थी, लेकिन 370 के हटते ही परिसीमन किया जा सकेगा.

  • 18:31 ISTPosted by Anugrah Mishra

    वोट बैंक नहीं देश हित में लिए फैसले: अमित शाह

    अमित शाह ने कहा कि 41 हजार लोग मारे गए फिर भी क्या हम उसी रास्ते पर चलना चाहते हैं. 70 साल इसी रास्ते पर चले हैं अब क्या रास्ता बदलना नहीं चाहिए, कब तक वोट बैंक की राजनीति करते रहेंगे, कब देश हित और घाटी के हित के बारे में सोचेंगे, लद्दाख के युवाओं के बारे में कब सोचेंगे. जम्मू कश्मीर के अंदर मोदी सरकार में होने वाले विकास को पूरी दुनिया देखेगी. उन्होंने कहा कि हम सिर्फ वोट बैंक और चुनावी फायदे के लिए ऐसे फैसले नहीं लेते बल्कि देश हित और देश की सुरक्षा के लिए ऐसे फैसले लिए जाते हैं. घाटी की जनता की भलाई के लिए ही यह फैसले लिए जा रहे हैं. धारा 370 के फायदों के बारे में एक भी सदस्य ने नहीं बताया अगर इसे चालू रखना है तो इसका कुछ फायदा भी तो होना चाहिए.

  • 18:27 ISTPosted by Anugrah Mishra

    पूर्ण राज्य बनाने में 70 साल नहीं लगेंगे: गृह मंत्री

    अमित शाह ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश का सवाल है तो बता दूं कि यह लद्दाख की मांग थी लेकिन कश्मीर के बारे में फिर से विचार किया जाएगा. नेहरू जी ने तो 370 को भी अस्थाई बताया था उसे हटाने में 70 साल लगे लेकिन हमें 70 साल नहीं लगेंगे. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में विधानसभा, मुख्यमंत्री, मंत्री सब रहेंगे. शाह ने कहा कि जनमत संग्रह तभी खत्म हो गया जब पाकिस्तान ने भारत की सीमाओं को तोड़ा था, अब UN में जनमत संग्रह को कोई मुद्दा नहीं है. घाटी में स्थिति न बिगड़े इसके लिए कर्फ्यू डाला है, स्थिति बिगड़ी है इसलिए नहीं लगाया. जम्मू कश्मीर के लिए बनाया गया कानून किसी भी सूरत में सांप्रदायिक नहीं हो सकता, इस आरोप में सिरे से खारिज करता हूं.

  • 18:22 ISTPosted by Anugrah Mishra

    आंध्र के विभाजन पर कौन सी चर्चा की: शाह

    अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर ने दर्द को सहा है और 40 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं. उनके विकास के लिए जो भी करना है वो हम करके दिखाएंगे. मोदीजी का दिल बड़ा है पहले कार्यकाल में सवा लाख करोड़ दिया था जिसमें से 80 हजार करोड़ खर्च हो चुका है और भी देने जा रहे हैं. अमित शाह ने कहा कि इतिहास में जो गलतियां हुईं थीं उन्हें हम नहीं दोहराने जा रहे. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी हर राज्य की समस्या लेकिन वहां आतंकवाद क्यों नहीं पनपा, धारा 370 से घाटी में अलगाववाद बढ़ा जिस पर पाकिस्तान ने पेट्रोल डालने का काम किया. आंध्र का विभाजन बगैर चर्चा के हुआ विधानसभा ने प्रस्ताव खारिज किया, मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दे दिया, फिर आपने कैसी चर्चा करके यह फैसला लिया. अगर आपने किया तो अब हमें क्यों टोक रहे हैं. मार्शलों ने सांसदों को बाहर फेंका, काला दिन आज नहीं है, काला दिन वो था.

  • 18:17 ISTPosted by Anugrah Mishra

    PAK से प्रेरणा लेने वालों से कैसी चर्चा: गृह मंत्री

    अमित शाह ने कहा कि इसी रास्ते पर चलकर कांग्रेस ने 2 बार 370 के अंदर संशोधन किया है. क्या उस वक्त वो रास्ता ठीक था, रास्ता तो ठीक है लेकिन यह आपके वोट बैंक के आड़े आता है इसलिए आपको ठीक नहीं लगता. शाह ने सुप्रिया सुले के सवालों पर कहा कि वहां 1989-95 तक आतंकवाद इतना बढ़ा कि सालों तक कश्मीर में कर्फ्यू रखना पड़ा था, हमने स्थिति न बिगड़े इसके लिए इंतजाम किए हैं. सरकार पहले से तैयार है और उससे नहीं रोका जा सकता. वहां से सुरक्षाबल नहीं हटेंगे और न हम दबाव में आएंगे. अमित शाह ने कहा कि 70 साल तक चर्चा चल रही है तीन पीढ़िया आ गईं, जो पाकिस्तान से प्रेरणा लेते हैं उनसे चर्चा करें, हम हुर्रियत से चर्चा नहीं करना चाहते, अगर घाटी के लोगों में कोई शंका है तो हम उन्हें सीने से लगाएंगे और चर्चा भी करेंगे.

  • 18:07 ISTPosted by Anugrah Mishra

    भारत का हिस्सा होता PoK: अमित शाह

    अमित शाह ने मनीष तिवारी से सवाल करते हुए कहा कि जब हमारी सेना कश्मीर में विजयी हो रही थी और पाकिस्तानी कबीलाइयों को भगाया जा रहा था तब अचानक शस्त्र विराम किसने किया, वो भी नेहरू जी ने किया और उसी के कारण आज PoK है, अगर सेनाओं को उस वक्त छूट दी होती तो पूरा PoK भारत का हिस्सा होता. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में इस विषय को कौन लेकर गया, आकाशवाणी से गृह मंत्री को बगैर भरोसे में लिए हुए मसले को UN में ले जाया गया, यह काम भी नेहरूजी ने ही किया था. धारा 370 की वजह से अलगववाद की भावना को पाकिस्तान जम्मू कश्मीर में भड़का रहा है. उन्होंने कहा कि 370 से इस देश के कानून की पहुंच वहां नहीं होती थी. साथ ही 371 महाराष्ट्र के विकास से जुड़ा है उसे हम क्यों निकालेंगे. इससे कहीं भी देश की अखंडता और एकता बाधित नहीं होती, इसकी 370 से कोई तुलना नहीं की जा सकती. राज्यों के कुछ समस्याओं को 371 में रखा गया है और इनकी तुलना संभव नहीं है और हम इसे कतई हटाने नहीं जा रहे हैं.

  • 18:03 ISTPosted by Anugrah Mishra

    1965 में ही UN का प्रस्ताव खारिज: अमित शाह

    अमित शाह ने कहा कि एक बार देश के प्रधानमंत्री की दृढ़ राजनीति को नमन करना चाहता हूं क्योंकि उन्होंने साहस दिखाकर इसे खत्म करने का फैसला लिया. गृह मंत्री ने कहा कि उचित समय और हालात सामान्य होते ही जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने पर सरकार को कोई आपत्ति नहीं है. मोदी सरकार PoK को कभी देने वाली नहीं है और वहां की 24 सीटें आज भी हमारा हिस्सा रहने वाली हैं. इस पर हमारा दावा उतना ही मजबूत है जितना पहले था. अमित शाह ने कश्मीर मुद्दा UN में होने के अधीर रंजन के सवाल पर जवाब देना चाह, जिसपर फिर से चौधरी ने खड़े होकर गृह मंत्री से स्थिति साफ करने को कहा. अमित शाह ने कहा कि कश्मीर मुद्दा 1948 में UN में पहुंचा था. लेकिन जब भारत-पाकिस्तान ने UN को प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया तब किसी भी देश की सेना को सीमाओं के उल्लंघन का अधिकार नहीं था. लेकिन 1965 में पाकिस्तान की ओर से सीमा का उल्लंघन करने पर यह प्रस्ताव खारिज हो गया था. जम्मू कश्मीर के लिए इस सदन को संपूर्ण अधिकार हासिल हैं कोई भी बाध्यता नहीं है.

  • 17:55 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह का जवाब

    लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने बिल पर हुई चर्चा का जवाब देना शुरू कर दिया है और सदन में बीजेपी सांसदों की ओर से जोरदार नारेबाजी हो रही है. अमित शाह ने कहा कि सदस्यों के मन के भाव को समझ रहा हूं क्योंकि सब लोग 70 साल से एक दर्द को दबाकर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि कहा जाता है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है लेकिन किसी अन्य राज्य को नहीं बोलते, उसकी वजह 370 है क्योंकि इसी ने जनमानस के मन में शंका पैदा की थी, कश्मीर भारत का अंग है या नहीं. धारा 370 कश्मीर को भारत से जोड़ती नहीं बल्कि जोड़ने से रोकती है, जो आज सदन के आदेश के बाद खत्म हो जाएगी.

  • 17:51 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा पहुंचे पीएम मोदी

    कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कश्मीर के आवाम की आवाज मोदी सरकार सुन रही है जो धारा 370 के खिलाफ है. धारा 370 की वकालत करने वाले किसी भी नेता ने शहीद उमर फैयाज, शौर्य चक्र विजेता औरंगजेब के साथ खड़े होने की हिम्मत नहीं की. आतंकवाद की पैरवी करने वालों को 370 हटाने से परेशानी है लेकिन देश से प्रेम करने वालों के चेहरे पर चमक है. आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस हमें लोकतंत्र की नसीहत न दे. उन्होंने कहा कि 370 का फायदा उठाया जा रहा था. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में पहुंच गए हैं और सभी सांसदों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया है.

  • 17:43 ISTPosted by Anugrah Mishra

    तिरंगा फहराने से रोकती है 370: रविशंकर

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमने देश की जनता से 370 हटाने का वादा किया था और जनता ने भी हमें अपार बहुमत दिया है. हम सिर्फ जम्मू कश्मीर की जनता नहीं बल्कि पूरे देश की जनता की सहमति से इसे बदल रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने के बाद 106 केंद्रीय कानूनों को जम्मू कश्मीर में लागू किया जाएगा. बाल विवाह से लेकर शिक्षा और सूचना का अधिकार भी वहां लागू नहीं था. मैला ढोने पर पाबंदी का कानून जो कांग्रेस लेकर आई थी उसे भी कश्मीर में नहीं लगने दिया. प्रसाद ने कहा कि श्रीनगर में लाल चौक पर तिरंगा फहराने गए थे लेकिन हमें रोक दिया गया. अगर इस 370 से तिरंगा फहराने पर पाबंदी है तो इसे नहीं रहना चाहिए.

  • 17:36 ISTPosted by Anugrah Mishra

    राष्ट्रपति को संविधान संशोधन का अधिकार नहीं: प्रेमचंद्रन

    लोकसभा में आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने बिल को अवैध, संविधान के खिलाफ और संघीय ढांचे पर हमला बताया. उन्होंने कहा कि बिल संसदीय परंपरा के खिलाफ है और राजनीतिक मकसद को पूरा करने के लिए लाया गया है. प्रेमचंद्रन ने कहा कि जम्मू कश्मीर को 2 हिस्सों में बांटकर केंद्र शासित प्रदेश बनाए जा रहे हैं और वहां की जनता को इस फैसले पर भरोसे में नहीं लिया गया है. यह एक ऐतिहासिक भूल है जिसका अंदाजा सरकार को बाद में हो जाएगा. उन्होंने कहा कि धारा 370 पर राष्ट्रपति ने नोटिफिकेशन जारी किया है और उन्हें इसका अधिकार भी है. लेकिन इसी नोटिफिकेशन में राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 367 को संशोधित किया है जिसका अधिकार उनके पास नहीं है.

  • 17:25 ISTPosted by Anugrah Mishra

    ...तो लाहौर भी भारत का हिस्सा होता: विधूड़ी

    बीजेपी सांसद रमेश विधूड़ी ने कहा कि अगर नेहरू साहब सीजफायर का एलान न करते तो भारतीय सेना पाकिस्तानी कबीलाइयों को लाहौर तक जाकर मारते और आज लाहौर भी भारत का हिस्सा होता. यह बीज नेहरू जी का बोया हुआ है क्योंकि उन्होंने सरदार पटेल से विलय की जिम्मेदारी लेकर व्यक्तिगत इच्छाओं की पूर्ति के लिए जम्मू कश्मीर में धारा 370 लागू कर दी और उसे बर्बाद कर दिया. उन्होंने कहा कि आज तक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की हत्या की जांच नहीं कराई गई क्योंकि उस वक्त कांग्रेस की सरकार थी. आज के फैसले से भारत और जम्मू कश्मीर के बीच की खाई खत्म होगी.

  • 17:23 ISTPosted by Rachit kumar

    ओवैसी ने किया बिल का विरोध

    एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, मैं इस बिल का विरोध करता हूं. यह सच है कि बीजेपी ने अपने मेनिफेस्टो का वादा पूरा किया. लेकिन आपने अपने संवैधानिक कर्तव्य नहीं निभाए. आपके संवैधानिक वादा तोड़ा है. ओवैसी ने कहा, ईद पर क्या होगा. ईद सोमवार को है. आप क्या सोच रहे हैं कि कश्मीरी बकरे की बलि देने की बजाय खुद की बलि देंगे. अगर आप यही चाहते हैं तो वे ये भी कर देंगे और करते रहे हैं. 

  • 17:05 ISTPosted by Anugrah Mishra

    चुनावी वादा पूरा लेकिन संविधान को नहीं माना: ओवैसी

    लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह इतिहास की तीसरे बड़ी गलती है. बीजेपी ने अपना चुनावी वादा जरूर पूरा किया है लेकिन संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं निभाई है. ओवैसी ने कहा कि यह बिल अनुच्छेद 3 का उल्लंघन करता है और संघीय ढांचे पर करारा प्रहार है. उन्होंने कहा कि क्या सरकार लोगों को इंप्लांट करने जा रही है. ओवैसी ने कहा कि सरकार का कहना है कि यह अस्थाई प्रावधान है लेकिन कोर्ट इसे अस्थाई नहीं बल्कि विशेष दर्जा बता चुका है. नाजियों से प्रेरणा लेकर बीजेपी यह कदम उठाने जा रही है. कश्मीर की जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लंबे वक्त से लड़ रहे हैं. पूर्वोत्तर में नागा के लोगों को आप तेल और गैस देने के लिए तैयार हैं, उनसे बातचीत के लिए तैयार हैं जबकि वह हथियार उठाए हुए हैं. सरकार बताए कि कब ओवैसी हिमालच में जमीन खरीद सकेगा. अगर सरकार इसे दिवाली बता रही है तो कश्मीरियों को घर से निकलकर जश्म क्यों नहीं मनाने दे रही है. क्यों लोगों को जेल में बंद रखा गया है.

  • 16:51 ISTPosted by Anugrah Mishra

    सीपीएम ने किया बिल का विरोध

    लोकसभा में सीपीएम सांसद अब्दुल मजीद आरिफ ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि बिल का विरोध करने वालों को पाकिस्तानी कहना सही नहीं है. उन्होंने कहा कि आज देश अघोषित आपातकाल से गुजर रहा है और सदन में UAPA, NIA बिल कैसे पास हुए यह सभी को पता है. मजीद ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है और पूर्वोत्तर के राज्यों को भी विशेष दर्जा हासिल है उसे क्यों नहीं हटाया गया.           

  • 16:44 ISTPosted by Anugrah Mishra

    उपभोक्ता संरक्षण बिल पास

    राज्यसभा से उपभोक्ता संरक्षण बिल को चर्चा के बाद पास कर दिया गया.

  • 16:34 ISTPosted by Anugrah Mishra

    टीडीपी ने किया बिल का समर्थन

    टीडीपी ने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल का समर्थन किया है. पार्टी के सांसद जयदेव गल्ला ने कहा कि धारा 370 एक अस्थाई प्रावधान था और इसे जम्मू कश्मीर की जनता के हित के लिए हटना सही फैसला है. उन्होंने कहा कि इसकी वजह से पहले ही कश्मीर को काफी नुकसान हो चुका है और देश के कानून वहां लागू नहीं होते थे अब इस क्षेत्र के लिए नई शुरूआत होने जा रही है. गल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर में जल्द हालात सामन्य होने चाहिए और वहां के लोग शांति से रहें, ऐसे इंतजाम होना चाहिए.

  • 16:22 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कांग्रेस ने लड़ी देश की आजादी की लड़ाई: थरूर

    लोकसभा में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि लोकतांत्रिक पार्टी के नेताओं को बंद कर आपने गैर लोकतांत्रिक लोगों के लिए रास्ते खोल दिए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य की सुरक्षा को आज खतरा है. थरूर ने कहा कि यह फैसला अतिवाद को बढ़ावा देगा और कश्मीर में युवाओं को आतंकवाद की ओर ढकेलना का काम करेगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे को लेकर UN में जा रहा है, क्या यह हमारे लिए शर्म की बात नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार हमें एंटी नेशनल कहती रहती है लेकिन हमें इनसे राष्ट्रवाद का पाठ सीखने की जरूरत नहीं है, हम ही एक ऐसी पार्टी हैं जो देश की आजादी के लिए लड़े थे, देश के मूल्यों की रक्षा के लिए लड़े थे. शशि थरूर ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि गृह मंत्री एक सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल के कश्मीर में लेकर जाएं और वहां की जमीनी हकीकत देखें.

  • 16:15 ISTPosted by Anugrah Mishra

    इन वजहों से यह काला दिन: शशि थरूर

    शशि थरूर ने कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है इस पर किसी को कोई मतभेद नहीं है. लेकिन इस बिल से लोकतांत्रिक व्यवस्था, वैश्विक परिवेश और हमारी विश्वसनीयता को आघात पहुंचा है. उन्होंने कहा कि आपने अमरनाथ यात्रा को रद्द कर दिया वहां भारी तदाद में सेना की तैनाती की गई है. इन्हीं सब कारणों से हम इसे काला दिन कह रहे हैं. आपके पास बहुमत है और आप इसे पास भी कर लेंगे लेकिन आज सहमति पर खतरा है. थरूर ने कहा कि आपने जम्मू कश्मीर की जनता से राय लिए बगैर उनका भारत से संवैधानिक रिश्ता बदल दिया है. जल्दबाजी में लिए गए इस फैसले का भी नोटबंदी की तरह बड़ा नुकसान होने वाला है. थरूर ने कहा कि कश्मीर का पर्यटन बेहाल हो गया है और वहां बेरोजगारी दोगुनी हो चुकी है.

  • 16:06 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कनपटी पर बंदूक रख फारूक को बाहर नहीं ला सकते- अमित शाह

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि यह भारत के लोकतंत्र के लिए काला दिन है क्योंकि वहां 6 महीने से चुनाव नहीं हो पाए, पूर्व मुख्यमंत्री गिरफ्तार हो चुके हैं, हमारे सहयोगी फारूक अब्दुल्ला कहां हैं, इसका भी पता नहीं है. इस पर अमित शाह ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला जी अपने घर पर हैं, नजरबंद भी नहीं है, उनकी तबीयत अच्छी है और मौज-मस्ती कर रहे हैं. उन्हें नहीं आना है तो बंदूक कनपटी पर रखकर हम बाहर नहीं ला सकते. शशि थरूर ने आगे कहा कि वहां एग्जाम रद्द कर दिए गए हैं, इंटरनेट डाउन है साथ ही संविधान का अपमान किया गया है, इसी वजह से आज काला दिन है.

  • 15:57 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लद्दाख के सांसद की हुई तारीफ

    बीजेपी सांसद जामयांग सेरिंग ने कहा कि एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी का यह संकल्प आज पूरा हो रहा है, लद्दाख ने जम्मू कश्मीर का झंडा तो 2011 में नकार दिया था क्योंकि हम भारत का अटूट अंग बनना चाहते हैं. सेरिंग ने तिरंगा हमारी पहचान है. लद्दाख की अहमियत को इस सरकार ने समझा जिसे पिछली सरकारों ने नकार दिया था. स्पीकर ओम बिड़ला ने सेरिंग की तारीफ करते हुए कहा कि वह काफी युवा है और हमेशा सारगर्भित बात सदन में रखते हैं. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और अमित शाह समेत पूरे सदन ने सेरिंग के संबोधन का मेज थपथपाकर स्वागत किया.

  • 15:42 ISTPosted by Anugrah Mishra

    हम कश्मीर के साथ नहीं रहना चाहते थे: जामयांग सेरिंग

    लोकसभा में लद्दाख से बीजेपी सांसद जामयांग सेरिंग नामग्‍याल ने कहा कि हम किसी भी हालत में कश्मीर के साथ नहीं रहना चाहते थे लेकिन पिछले सरकारों ने हमारे पक्ष को जानने की कोशिश ही नहीं की. इससे हमारी पहचान और भाषा धारा 370 और कांग्रेस की वजह से लुप्त हुई है. उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने हम जैसे लोगों को देश प्रेम और देश के लिए मर-मिटने का जज्बा दिया. जामयांग ने कहा कि धारा 370 हटने से 2 परिवारों रोजी-रोटी जरूर जाएगी लेकिन कश्मीर का भविष्य उज्जवल होने वाला है. करगिल वाले केंद्र शासित प्रदेश के पक्ष में हैं और वहां कोई विरोध नहीं है. हर चुनाव में केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग उठी है. 

  • 15:28 ISTPosted by Anugrah Mishra

    मसूदी के बयान पर लोकसभा में हंगामा

    मसूदी की ओर से श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर दिए गए बयान को लेकर सत्तारूढ़ सांसदों की ओर से हंगामा किया गया, जिसपर स्पीकर ने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप न करें इससे गतिरोध पैदा होगा, सिर्फ तथ्यों पर अपनी बात रखें. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सदस्य इस बयान को सदन में रखें नहीं तो सदन से माफी मांगनी चाहिए. इस पर हसनैन मसूदी ने कहा कि मैंने मुखर्जी की ओर से 370 का प्रस्ताव लाने की बात नहीं की लेकिन मैंने कहा था कि संविधान सभा में सर्वसहमति से 370 लाया गया और उसका विरोध किसी ने नहीं किया था. अमित शाह ने कहा कि संविधान सभा में गए प्रस्ताव कैबिनेट से नहीं गए हैं और कैबिनेट भी किसी एक पार्टी की नहीं थी. संविधान सभा में आए प्रस्ताव कैबिनेट से होकर नहीं आते थे. कैबिनेट में मुखर्जी जरूर थे लेकिन उसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने 370 का समर्थन किया है.

  • 15:18 ISTPosted by Anugrah Mishra

    मुखर्जी ने 370 हटाने के लिए दी जान: अमित शाह

    हसनैन मसूदी ने कहा कि लोगों को जोड़ना का मकसद होना चाहिए लेकिन आपने कहां से यह फैसला ले लिया. उन्होंने कहा कि आपको अंदाजा नहीं है कि इस कदम से कहां तक मामले खराब हो जाएंगे. मसूदी ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भी संविधान सभा में इसका समर्थन किया था और उनकी सहमति से 370 लाया गया था. इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि आप दिखा दें कि कहां पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 370 का समर्थन किया है, कश्मीर के लिए तो उन्होंने अपनी जान दे दी. शाह ने कहा कि यह सदन सत्य से दूर बात नहीं सुन सकता, बोलने के अधिकार के नाम पर झूठ नहीं बोल सकते. मसूदी ने इसके जवाब में कहा कि संविधान सभा में इस लगाने के खिलाफ किसी ने विरोध नहीं किया था.

  • 15:14 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कश्मीर के साथ विश्वासघात हुआ: मसूदी

    लोकसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसद हसनैन मसूदी ने कहा कि जिस बात का आप जश्न मना रहे हैं उसी पर आपने 1.25 करोड़ लोगों का भरोसा आज खो दिया है. 1947 के वक्त कश्मीर एक आजाद मुल्क था और जब महाराजा ने इसे भारत से जोड़ा था शर्तें लागू थीं. मसूदी ने कहा कि कश्मीर के साथ विश्वासघात हुआ है और इसका फैसला इतिहास करेगा. उन्होंने कहा कि 370 में तब्दीली करना मुमकिन नहीं है और वहां की विधानसभा के बगैर कोई फैसला नहीं लिया जा सकता. सरकार ने जो रास्ता अपनाया है वह संविधान के साथ खिलवाड़ किया है. वहां की संविधान सभा ने फैसला किया है कि 370 हटना नहीं चाहिए. आज करगिल और लद्दाख में इस फैसले का विरोध हो रहा है और वहां बंद बुलाया गया है.     

  • 15:08 ISTPosted by Anugrah Mishra

    सरकार ने 20 करोड़ लोगों के लिए काम किया: अखिलेश

    अखिलेश यादव ने कहा कि कश्मीर में हमने भी बहुत कुछ खोया है, मेरे सैनिक स्कूल से जाने कितने लोग वहां शहीद हुए हैं. राष्ट्रपति के साथ एडीसी रहा शख्स वहां शहीद हो गया. क्या हमारे देश का कश्मीर नहीं है क्या, क्या हमारे लिए कश्मीर नहीं है. आप लोग 70 साल की बात करते हैं 11 साल अपने क्यों नहीं गिना करते. अखिलेश यादव ने कहा कि आपने सिर्फ 20 करोड़ लोगों के लिए काम किया है, बाकी 110 करोड़ लोगों के लिए कोई काम नहीं किया. सरकार बताए PoK किसका हिस्सा है, संविधान सभा में 24 सीटें क्यों खाली हैं. यादव ने कहा कि हम भी देश के साथ हैं क्या नगालैंड और मिजोरम वाली भी खुशी मिलेगा. सरकार ने लोकतंत्र में छल-कपट किया है, धोखा दिया है, वहां बल का प्रयोग किया गया है, गलियों की तस्वीर क्यों नहीं दिखाते हैं, हम भी स्वर्ग की तस्वीर देखना चाहते हैं जब आप वहां के लिए इतना बड़ा फैसला ले रहे हैं.

  • 15:03 ISTPosted by Anugrah Mishra

    क्या फैसले से खुश कश्मीर की जनता: अखिलेश

    लोकसभा में सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि सुप्रिया जी के पड़ोसी भी उनके बगल में नहीं और मेरे पड़ोसी भी नहीं है. यादव ने कहा कि मंत्री कह रहे थे कि संविधान सभा से पारित कर यह प्रस्ताव लाए हैं, इस पर शाह ने कहा कि मैंने ऐसा नहीं कहा है आपने गलत समझा. अमित शाह ने कहा कि संविधान सभा मतलब जम्मू कश्मीर की विधानसभा की ओर से राष्ट्रपति यह प्रस्ताव लेकर आए हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि जिस प्रदेश के लिए यह फैसला लिया गया है वहां की जनता का क्या मत है यह तो जान लेना चाहिए, वहां के लोग इस फैसले से खुश हैं या नहीं हैं.

  • 15:00 ISTPosted by Anugrah Mishra

    सुप्रिया सुले ने कहा कि हमारा उनके साथ पुराना जुड़ाव और रिश्ते हैं और मुझे उनकी कमी खल रही है. उन्होंने कहा कि कश्मीर के विकास ले लिए फारूक जी ने काफी कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि धारा 371 का अब क्या किया जाएगा क्योंकि यह सिर्फ जमीन खरीदने का मसला नहीं है बल्कि वहां के लोगों को बेहतर जीवन देने का मुद्दा है. हम राज्य के विभाजन के खिलाफ नहीं है लेकिन वह संवैधानिक तरीके से होना चाहिए था. साथ ही सरकार बताए कि घाटी के नेता कहां हैं और वह सुरक्षित हैं भी या नहीं. सरकार इस बारे में भी अपना पक्ष साफ करे.

  • 14:54 ISTPosted by Anugrah Mishra

    हिरासत में नहीं फारूक अब्दुल्ला: अमित शाह

    एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा मेरी बगल में फारूक अब्दुल्ला जी बैठते हैं और उनकी आवाज नहीं सुनाई दे रही है. यह चर्चा उनके बगैर हमेशा अधूरी रहेगी. इसका जवाब देते हुए गृह मंत्री ने फारूक अब्दुल्ला को न गिरफ्तार किया गया है और न हिरासत में लिया गया है, वह अपनी मर्जी से अपने घर पर हैं. सुले ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है तो अमित शाह ने कहा कि मैं डॉक्टर नहीं हूं और तबियत मैं ठीक नहीं कर सकता.

  • 14:47 ISTPosted by Anugrah Mishra

    PoK की जगह IK कहना चाहिए: TRS

    लोकसभा में टीआरएस सांसद एन नागेश्वर राव ने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि इतिहास की गलती आज सही की जा रही है जो कि काफी अच्छी बात है. उन्होंने कहा कि गृहमंत्री ने PoK को भारत का अभिन्न अंग बताया, हम चाहते हैं कि इसे IK यानी इंडियन कश्मीर किया जाए, यह सरकार का अगला कदम होना चाहिए. अगर हम इस बिल का समर्थन नहीं करेंगे तो कश्मीरवासी और देशवासी हमें देश विरोधी समझेंगे. इस फैसले के बाद कश्मीर में हिंसा खत्म होगी और वहां का विकास संभव हो सकेगा.

  • 14:41 ISTPosted by Anugrah Mishra

    बसपा ने किया बिल का समर्थन

    बसपा सांसद गिरीश चंद्र ने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल और आरक्षण बिल का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि इससे लद्दाख के बौद्ध समुदाय के लोगों को फायदा होगा, साथ ही विशेष दर्जा संबंधी धारा 370 को हटाने की मांद काफी लंबे समय से चल रही थी. अब वहां की जनता को आरक्षण का लाभ मिल सकेगा जिससे बाबा साहेब को मानने वालों में खुशी की लहर दौड़ रही है. लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने का भी  बसपा स्वागत करती है.

  • 14:35 ISTPosted by Anugrah Mishra

    बीजेपी सांसद प्रहलाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस की गलती को हम जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाकर और वहां का विकास कर सुधारेंगे. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना तो लाहौर तक कूच करने वाली थी लेकिन नेहरू ने आकाशवाणी से सीजफायर का एलान कर दिया. उन्होंने कहा कि मोदीजी यह ऐतिहासिक बदलाव करने जा रहे हैं, त्रासदी सेना को वापस बुलाना, मामले को UN में लेकर जाना और धारा 370 लगाना था.  

  • 14:31 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कांग्रेस और पाकिस्तान के सुर समान: प्रहलाद जोशी

    लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस ने व्हिप ने ही पार्टी का पक्ष मानने से इनकार कर दिया, आज कांग्रेस पार्टी पाकिस्तान के सुर में बोल रही है और इसका हमें दुख है. पाकिस्तान भी कह रहा है कि यह लोकतंत्र के लिए काला दिन है और यही बात कांग्रेस के नेता कह रहे हैं. पाकिस्तान में जाकर नरेंद्र मोदी को हटाने की बात किसने किया यह बात सभी जानते हैं, इनका इतिहास सबको पता है. कांग्रेस ने जो भी तर्क दिया वह सभी गलत हैं, पता नहीं इन्हें कौन सिखाता है. बाबा साहेब अंबेडकर ने भी रिकॉर्ड पर धारा 370 का विरोध किया था सिर्फ नेहरू की वजह से जम्मू कश्मीर को यह विशेष अधिकार दिया गया.

  • 14:20 ISTPosted by Anugrah Mishra

    सरकार ने कदम उठाने की हिम्मत दिखाई: पिनाकी

    बीजेडी सांसद पिनाकी मिश्रा ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि धारा 370 सिर्फ एक अस्थाई प्रावधान था जिसके तहत जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया था. नेहरू का कश्मीर की ओर झुकाव था जिसकी वजह से धारा 370 की यह समस्या पैदा हुई. मिश्रा ने कहा कि धारा 370 की वजह से कश्मीरियों ने खुद को भारत से अलग माना और पीढ़ी दर पीढ़ी यह भावना बढ़ती चली गई. हमें भारत में एक मत से इस हटाना चाहिए और हमारी पार्टी इस बिल का समर्थन करती है. सरकार को हिम्मत दिखाने के लिए बधाई और सरकार को आगे भी इस लागू करने पर ध्यान देना चाहिए.

  • 13:55 ISTPosted by Mohit Grover

    जदयू ने किया विरोध

    लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान जनता दल यूनाइटेड ने केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध किया है. जदयू ने इस दौरान लोकसभा से वॉकआउट कर दिया. जदयू की तरफ से ललन सिंह ने सदन में कहा कि हम एक दूसरे की विचारधारा को जानते हैं, लेकिन धारा 370 पर सरकार के फैसले का विरोध करते हैं. उन्होंने कहा कि जब NDA की बात हुई थी, तो इसको लेकर चर्चा हुई थी और धारा 370 को हटाने की बात नहीं थी. अगर वहां पर इस तरह का माहौल बनता और फिर कुछ ऐसी स्थिति बनती तब सोचा जा सकता था. लेकिन अभी आपको आतंकवाद से लड़ना चाहिए था, इस तरह का फैसला नहीं लेना चाहिए था.

  • 13:27 ISTPosted by Anugrah Mishra

    प्रस्ताव के समर्थन में YSRCP

    लोकसभा में YSRCP सांसद आर आर राजू कानुमुरू ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है. उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश विधानसभा ने राज्य के बंटवारे के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था और दिल्ली को भेजा था. अनुच्छेद 3 का उल्लंघन हुआ और राज्य को दो हिस्सों में बांटा गया था, हमारे मुख्यमंत्री ने इसके बाद इस्तीफा भी दे दिया था. इसके खिलाफ एक केस भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. उन्होंने कहा कि देश में एक संविधान और एक झंडा होना चाहिए जो सिर्फ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव है.

  • 13:19 ISTPosted by Anugrah Mishra

    हमारे लिए कश्मीरी पंडित भी स्टेक होल्डर: जितेंद्र सिंह

    बीजेपी सांसद जितेंद्र सिंह ने कहा कि नरसिम्हा राव की सरकार एक प्रस्ताव लेकर आई जिसमें PoK और जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग माना गया और उसका हमने समर्थन भी किया. यह बात तो होनी ही नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि संवैधानिक दृष्टि से इस प्रस्ताव में कुछ भी गलत नहीं है. जम्मू कश्मीर की विधानसभा में शेख अब्दुल्ला ने कहा था कि धारा 370 को हटाया जा सकता है और 70 के दशक तक राय बन चुकी थी कि 370 को जाना चाहिए क्योंकि उनके अपने हित इसमें निहित थे. कांग्रेस बताए कि 35A और 370 पर उसकी प्रतिबद्धता क्या है. कश्मीर के स्टेक होल्डर्स सिर्फ वो 3 नेता नहीं बल्कि भारत की जनता भी है. हमारे लिए कश्मीरी पंडित और पश्चिमी पाकिस्तान से आए शरणार्थी भी स्टेक होल्डर हैं. अलगाव 370 हटाने से नहीं होगा बल्कि 370 के रहते हुआ है. बेरोजगारी अन्य राज्यों में भी लेकिन वहां आतंकवागद क्यों नहीं आया, इस 370 की वजह से पाकिस्तान को वहां दाखिल होने का मौका मिला और युवाओं में अलगाववाद को बढ़ावा मिला.

  • 13:04 ISTPosted by Anugrah Mishra

    नेहरू ने पैदा किया 370 का बखेड़ा: जितेंद्र सिंह

    लोकसभा में बीजेपी सांसद जितेंद्र सिंह ने कहा कि धारा 370 आजाद के बाद सबसे बड़ी गलती थी और आज प्राश्यचित की घड़ी आई है. उन्होंने कहा कि विधाता को यही मंजूर था कि जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और अमित शाह गृह मंत्री बने तब इसे हटाया जाए. अगर नेहरू ने अलग भूमिका निभाई होती तो आज इतिसाह कुछ होता. उन्होंने गृह मंत्री सरदार पटेल को जम्मू कश्मीर के केस में दखल देने दी होती तो कुछ और नतीजे होते. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पटेल ने ही जूनागढ़ और हैदराबाद को डील किया था लेकिन नेहरू मानते थे वह जम्मू कश्मीर को सरदार से ज्यादा जानते हैं इसलिए उन्हें अलग रखा गया. नेहरू ने सामूहित जिम्मेदारी नहीं निभाई और सरदार पटेल को गृह मंत्री रहते हुए भी जम्मू कश्मीर के मामले से उन्हें अलग कर दिया. नेहरू अगर जम्मू कश्मीर के विषय में दखल न देते तो ये पखेड़ा होता और न ये बिल लाना पड़ता. भारत की सेनाएं मीरपुर तक पहुंच चुकी थी तो मंत्रिमंडल के बगैर बताए उन्होंने सीजफायर का ऐलान कर दिया, नहीं तो PoK भी भारत का हिस्सा होता. 

  • 12:49 ISTPosted by Anugrah Mishra

    पुनर्गठन बिल पर TMC का वॉक आउट

    टीएमसी सांसद ने कहा कि इस विभाजन के बाद आतंकवादी घटनाओं में इजाफा हो सकता है क्योंकि मौजूदा हालात अनिश्चितता लेकर आएंगे. सरकार बताए कि ऐसे हालात पनपने पर क्या कदम उठाए जाएंगे. सुदीप ने कहा कि तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को क्यों गिरफ्तार किया गया, हमें इस बारे में जानकारी क्यों नहीं दी जा रही है. अगर हम इस बिल पर वोटिंग का हिस्सा बनते हैं तो हम भी इसके लिए भागीदारी होंगे और इस वजह से हमने इसके खिलाफ वॉक आउट का फैसला किया है.

  • 12:43 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कश्मीर के हालात और बिगड़ सकते हैं: सुदीप

    टीएमसी सांसद सुदीप बंधोपाध्याय ने कहा कि इस हालात का असर सिर्फ जम्मू कश्मीर पर ही नहीं अन्य राज्यों पर भी पड़ेगा. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और वहां के लोगों के लिए हमारे दिलों में खास संवेदना है. सुदीप ने कहा कि जब धारा 370 लागू की गई तब के नेताओं ने इस लागू करना जरूरी समझा होगा. इसके बाद महाराज हरि सिंह ने भारत में विलय को हामी भरी. हमेशा धारा 370 को गलत तरीके से लागू करने की बात नहीं कहनी चाहिए. अगर वहां के लोगों को अपने संवैधानिक अधिकार और विधानसभा है तो उन्हें इस पर फैसले लेने का हक मिलना चाहिए. सरकार ने एक राज्य को केंद्र शासित क्यों बना दिया. अगर वहां अनिश्चितता और बढ़ जाएगी क्योंकि हजारों जवानों की तैनाती पहले ही की जा चुकी है. हालात खराब भी हो सकते हैं और देश भर में इसका खराब असर पड़ सकता है.                        

  • 12:31 ISTPosted by Anugrah Mishra

    विधेयक के विरोध में DMK

    लोकसभा में डीएमके सांसद टीआर बालू ने कहा कि कश्मीर की परिस्थिति विशेष हैं लेकिन आपने राज्य विधानसभा से इस बारे में कोई चर्चा नहीं की, क्या यह सरकार लोकसभा के साथ वहां विधानसभा चुनाव नहीं कर सकती थी लेकिन इनकी मंशा ही नहीं थी. उन्होंने कहा कि संसद को संकल्प पास कर राष्ट्रपति के पास भेजने का अधिकार है और यही वजह से है रोज 2-3 विधेयकों की पैदावारी यहां हो रही है. बगैर चर्चा और वाद-विवाद के कानून बनाए जा रहे हैं. बालू ने कहा कि सरकार को इससे क्या हासिल होने वाला है आखिर उनका मकसद क्या है, ऐसे बिल पर हम या तो वॉक आउट करेंगे या खिलाफ में वोट करेंगे. आपने एक राज्य को 2 नगर पालिकाएं बना दिया, उन लोगों को फिक्र कौन करेगा. उन्होंने कहा कि देश में कई और भी मुद्दे हैं, गरीबी है, सीमा सुरक्षित नहीं है, घुसपैठ हो रही है, रोज लोग मारे जा रहे हैं. बालू ने कहा कि इन दो विधेयकों को पारित करने का हक सिर्फ विधानसभा का है, संसद इसकी अधिकारी नहीं है. वहां की संविधान सभा इसे सुलझाने में सक्षम है लेकिन आपने सिर्फ अपने घोषणापत्र को लागू करते हुए 370 को हटा दिया, यह सिर्फ आपका मकसद है लेकिन जनता की मंशा कुछ और है. डीएमके ने इस बिल का विरोध किया है.                  

  • 12:13 ISTPosted by Anugrah Mishra

    नेहरू की वजह से धारा 370 का कलंक: BJP सांसद

    जम्मू कश्मीर पुनगर्ठन बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि नेहरू की वजह से यह धारा 370 का कलंक हमारे ऊपर लगा. उन्होंने कहा कि सरदार पटेल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने तब भी इसका विरोध किया था. इस धारा ने कश्मीर को सिर्फ भारत से दूर करने का काम किया है. इसी वजह से वहां भ्रष्टाचार बढ़ता चला गया क्योंकि केंद्र की एजेंसियों वहां जांच नहीं कर सकती. मोदी सरकार की ओर से सामान्य वर्ग के गरीबों को मिलने वाला 10 फीसदी आरक्षण भी वहां लागू नहीं होता. आतंकवाद भी धारा 370 की ही देन है जिसकी वजह से हजारों लोग और जवानों को जान गंवानी पड़ी.

  • 12:03 ISTPosted by Anugrah Mishra

    नेहरू की वजह से कश्मीर भारत का अभिन्न अंग: तिवारी

    कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कि बगैर संविधान सभा की इजाजत के धारा 370 को खारिज नहीं किया जा सकता जो आज मौजूद नहीं है. तिवारी ने कहा कि जम्मू कश्मीर विधानसभा-विधान परिषद का मतलब यह संसद नहीं है. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर का अलग संविधान है जो 1957 को लागू हुआ था क्या अब प्रदेश के बंटवारे के बाद उस संविधान को खारिज करने का बिल भी सरकार लेकर आएगी. उन्होंने कहा कि संघीय ढांचे के ऊपर इससे बड़ा आघात नहीं हो सकता, साथ ही आज अगर जूनागढ़, हैदराबाद और जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है तो उसके पीछे पंडित नेहरू ही वजह थे. अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस बताए कि वह धारा 370 के पक्ष में हैं या इसके खिलाफ हैं. तिवारी ने कहा कि बगैर जम्मू कश्मीर संविधान सभा की मंजूरी के धारा 370 को खारिज नहीं किया जा सकता.

  • 11:54 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कश्मीर पर आज संवैधानिक त्रासदी: मनीष तिवारी

    मनीष तिवारी ने कहा कि पंडित नेहरू ने कदम उठाकर उसे भारत का अभिन्न अंग बनाया. उस विलय के साथ कुछ वादे में किए गए थे, जिसमें दिल्ली का करार भी शामिल है. साल 1952 में भारत के संविधान में धारा 370 को शामिल किया गया. उसी बीच जम्मू कश्मीर में संविधान सभा का गठन हुआ और वहां के लिए अलग संविधान की संरचना की. इसके बाद तय हुआ कि वहां का हर फैसला संविधान सभा, विधानसभा की राय लेने के बाद ही किया जाएगा. तिवारी ने कहा कि आज इस सदन में संवैधानिक त्रासदी हो रही है. अनुच्छेद 3 की स्प्रिट संसद को खुद राय लेने का अधिकार नहीं देती न ही अनुच्छेद 3 किसी सूबे को तोड़ने की बात कहती है. उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के गठन के वक्त राय ली गई थी और यूपीए ने कोई असंवैधानिक काम नहीं किया साथ ही अनुच्छेद 3 के मुताबिक ही काम किया था. लेकिन आज जम्मू कश्मीर के संदर्भ में संविधान का पालन नहीं हुआ. बगैर विधानसभा के विचार के कोई भी राज्य का गठन आजतक नहीं किया गया था.

  • 11:49 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कांग्रेस ने बताया कश्मीर का इतिहास

    चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि आजादी के बाद 2 मुल्क बने एक भारत और दूसरा पाकिस्तान, इसके बाद  562 रियासतें बनीं जिन्हें कहीं भी जाने की आजादी थी. तीन रियासतों को लेकर संवेदनशील स्थिति बनी वह तीन जम्मू कश्मीर, हैदराबाद और जूनागढ़ थी. महात्मा गांधी तक ने महाराजा हरि सिंह से कश्मीर का विलय भारत में करने की अपील की थी, लेकिन महाराजा असमंजस में थे.  फिर पाकिस्तान ने कश्मीर पर हमला कर दिया और श्रीनगर की ओर बढ़ने लगे. महाराजा के सामने अब पाकिस्तान में विलय और भारत के साथ आने का विकल्प था. लेकिन महाराजा ने पाकिस्तानी घुसपैठियों का सामना किया और भारत से मदद की अपील की. महाराजा ने इसके बाद नेहरू की अगुवाई में भारत से संधि साइन की और फौज को कश्मीर बचाने के आदेश दिए गए.

  • 11:41 ISTPosted by Anugrah Mishra

    शांति से करें चर्चा, दुनिया देख रही: गृह मंत्री

    अमित शाह ने पुनर्गठन बिल पर कहा कि हम जम्मू कश्मीर के लिए 2 केंद्र शासित प्रदेश लेकर आ रहे हैं जिसमें लद्दाख और जम्मू कश्मीर होगी. जम्मू कश्मीर में विधानसभा होगी और चुना हुआ मुख्यमंत्री वहां काम करेगा. जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इस पर कानून बनाने का अधिकार इस संसद को है. अमित शाह ने कहा कि हम सवाल का जवाब देने के लिए मैं तैयार हूं आप इसपर चर्चा कीजिए. हम शांत माहौल में चर्चा चाहते हैं क्योंकि घाटी समेत पूरा देश और दुनिया हमें देख रही है.

  • 11:41 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कांग्रेस ने 2 बार किया इस प्रावधान का प्रयोग: गृह मंत्री

    लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि विपक्ष जो भी पूछेगा उसका जवाब देंगे लेकिन पहले मुझे अपनी बात रखने दीजिए. उन्होंने कहा कि धारा 373 (3) का उपयोग कर राष्ट्रपति इसे सीज कर सकते हैं, लेकिन राष्ट्रपति तभी ये नोटिफिकेशन निकाल सकते हैं जब जम्मू कश्मीर संविधान सभा की अनुशंसा हो. उन्होंने कहा कि इस प्रावधान का उपयोग कांग्रेस 1952 और 1955 में कर चुकी है. महाराजा के लिए पहले सदर ए रियासत और फिर 1965 में इसे गवर्नर किया. आज कांग्रेस हल्ला कर रही है लेकिन राष्ट्रपति इसका उपयोग कर चुके हैं जिसपर सरकार की अनुशंसा मिली थी. जम्मू कश्मीर में विधानसभा नहीं चल रही है और ऐसे में इसी संसद में जम्मू कश्मीर के सारे अधिकार निहित हैं.

  • 11:32 ISTPosted by Anugrah Mishra

    PoK और अक्साई चीन के लिए जान दे देंगे: शाह

    लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि क्या कांग्रेस PoK को भारत का हिस्सा नहीं मानती है, हम इसके लिए जान देने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर का मतलब Pok और अक्साई चीन से भी है क्योंकि इसमें दोनों समाहित हैं. गृह मंत्री ने कहा कि आज के प्रस्ताव और बिल भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे और यह महान सदन इस पर विचार करने जा रहा है. अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति ने कल एक संवैधानिक आदेश जारी किया है जिसके तहत भारत के संविधान के सारे अनुबंध जम्मू कश्मीर में लागू होंगे. साथ ही जम्मू कश्मीर को मिलने वाले विशेष अधिकार भी नहीं रहेंगे और पुनर्गठन का बिल भी लेकर आया हूं.

  • 11:23 ISTPosted by Anugrah Mishra

    संसद को कश्मीर पर कानून बनाने का हक: अमित शाह

    अमित शाह ने अधीर रंजन के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि 1948 में यह मामला UN में पहुंचाया गया था. फिर इंदिराजी ने शिमला करार में भी इसका जिक्र किया. अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है इस पर कोई कानूनी या संवैधानिक विवाद नहीं है. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर ने भी इसे स्वीकार किया है. शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 (C) में इस बात का जिक्र भी है. जम्मू कश्मीर पर कानून बनाने के लिए यह संसद पूरी तरह सक्षम है. हम राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह संकल्प लेकर आए हैं.

  • 11:18 ISTPosted by Anugrah Mishra

    सरकार अपना स्टैंड साफ करे: अधीर रंजन

    अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस की ओर से कहा गया कि मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में है और उसकी इजाजत के बिना यह बिल लेकर हम आए हैं, कांग्रेस इस पर अपना स्टैंड साफ करे. अधीर रंजन ने फिर कहा कि 1948 से जम्मू कश्मीर में संयुक्त राष्ट्र की निगरानी हो रही है तो यह अंदरूनी मामला कैसे हो गया. जयशंकर ने कहा था कि इसमें मध्यस्थता नहीं हो सकती तो यह अंदरूनी मामले है क्या. चौधरी ने कहा कि हम सरकार ने जानना चाहते हैं और यह हमारा अधिकार है. कांग्रेस देश का हित नहीं चाहती, ऐसे माहौल आप न बनाएं.

  • 11:13 ISTPosted by Anugrah Mishra

    अधीर रजन औऱ अमित शाह में बहस

    कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आपने जम्मू कश्मीर को 2 हिस्सों में तोड़कर केंद्र शासित प्रदेश बना दिया. उन्होंने कहा कि कश्मीर को आप अंदरूनी मामले बताते हैं लेकिन संयुक्त राष्ट्र वहां की निगरानी करता है. इस पर अमित शाह ने कहा कि यह कांग्रेस का मत है कि संयुक्त राष्ट्र जम्मू कश्मीर की निगरानी कर सकता है, यह कांग्रेस साफ करे. इस पर सदन में हंगामा शुरू हो गया है. चौधरी ने कहा कि यह मुद्दा द्विपक्षीय है या अंतरराष्ट्रीय इस पर सरकार अपना पक्ष साफ करे. उन्होंने कहा कि वहां लाखों की तादाद में सेना तैनात है और पूर्व मुख्यमंत्री नदरबंद हैं, घाटी के हालात हमें पता नहीं चल पा रहे हैं.

  • 11:09 ISTPosted by Anugrah Mishra

    अमित शाह ने लोकसभा में रखा संकल्प

    लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने संकल्प पेश करते हुए कहा कि भारत के राष्ट्रपति यह घोषणा करते है उनके आदेश के बाद अनुच्छेद 370 के सभी प्रावधान जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान जम्मू कश्मीर राज्य का पुनर्गठन विधेयक को विचार के लिए रखा जाए, जिसे राज्यसभा की मंजूरी बिल चुकी है. शाह ने कहा कि राज्यसभा के बाद इस विधेयक को यहां लाया गया है. साथ ही उन्होंने जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल को भी विचार के लिए सदन में रखा.

  • 11:00 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है.लोकसभा में स्पीकर ओम बिड़ला ने हिरोशिमा और नागासाकी में गिराए गए परमाणु बमों से मरने वालों को सदन की ओर से श्रद्धांजलि दी, सभी सदस्यों ने मौन रखकर दिवंगतों को याद किया. इसके बाद मंत्रियों की ओर से कागजात सदन के पटल पर रखे गए.

  • 11:00 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा में हंगामा के आसार

    लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है. यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस के लोकसभा सांसदों की एक बैठक भी संसद भवन में हुई है. राज्यसभा की तरह विपक्षी सांसद लोकसभा में भी कश्मीर के मुद्दे पर जोरदार हंगामा कर सकते हैं.

  • 10:50 ISTPosted by Anugrah Mishra

    जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर चर्चा

    राज्यसभा से पास होने के बाद आज गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल को लोकसभा में चर्चा के लिए रखेंगे. बीते दिन वोटिंग के बाद उच्च सदन से इस बिल को मंजूरी मिल गई थी जिसके पक्ष में 125 और विपक्ष में 61 वोट पड़े थे. लोकसभा में जम्मू कश्मीर में विशेष अधिकार देने वाला धारा 370 को खत्म करने का संकल्प भी पेश किया जाएगा. साथ ही जम्मू कश्मीर आरक्षण विधेयक पर भी सदन में चर्चा की जाएगी.

  • 10:50 ISTPosted by Anugrah Mishra

    संसद में आज का एजेंडा

    लोकसभा में जम्मू कश्मीर में विशेष अधिकार देने वाला धारा 370 को खत्म करने का संकल्प, जम्मू कश्मीर आरक्षण विधेयक, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर चर्चा की जाएगी. राज्यसभा में उपभोक्ता संरक्षण बिल को चर्चा के लिए लाया जाएगा. वहीं लोकसभा में चिटफंड संशोधन और डीएनए टेक्नोलॉजी विनियमन बिल भी सदन के एजेंडे में शामिल है. 

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