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जम्मू-कश्मीर को 2 हिस्सों में बांटने वाला बिल राज्यसभा से पास, पक्ष में पड़े 125 वोट

अनुग्रह मिश्र अगस्त 6, 2019
अपडेटेड 10:52 IST

संसद की कार्यवाही में आज जम्मू कश्मीर का मुद्दा गरमाया रहा. गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाने संबंधी संकल्प के साथ राज्य पुनर्गठन बिल और आरक्षण संशोधन बिल पेश किया जिसे सदन की मंजूरी मिल गई है. पुनर्गठन बिल पर हुई वोटिंग में पक्ष में 125 और विपक्ष में 61 वोट पड़े. इस विषय पर दिनभर विपक्ष का जोरदार हंगामा भी देखने को मिला. अब लोकसभा में मंगलवार को इस बिल और संकल्प पर चर्चा होगी.

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जम्मू-कश्मीर को 2 हिस्सों में बांटने वाला बिल राज्यसभा से पास, पक्ष में पड़े 125 वोटParliament Highlights

हाइलाइट्स

  • जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल राज्यसभा से पास
  • जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन भी हुआ पास
  • जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटाया गया
  • राज्यसभा में विपक्ष का जोरदार हंगामा
  • लोकसभा में सेरोगेसी रेगुलेशन बिल पास
  • 18:58 ISTPosted by Anugrah Mishra

    राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.

  • 18:50 ISTPosted by Anugrah Mishra

    वोटिंग के बाद पुनर्गठन विधेयक पास

    राज्यसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को पास कर दिया गया है. बिल के पक्ष में 125 वोट और 61 विपक्ष में वोट पड़े हैं जबकि एक सदस्य गैर हाजिर रहा. इस बिल में जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग करने और दोनों को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने के प्रावधान शामिल हैं.

  • 18:35 ISTPosted by Anugrah Mishra

    पुनर्गठन विधेयक पर वोटिंग

    राज्यसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पर सदन का मत लेना शुरू हो चुका है. विपक्षी दलों की ओर से इस पर वोटिंग की मांग की गई है. अब लॉबी खाली कराई जा चुकी है और पर्चियों के जरिए वोटिंग प्रक्रिया पूरी होगी.

  • 18:29 ISTPosted by Anugrah Mishra

    J-K आरक्षण संशोधन बिल पास

    राज्यसभा से जम्मू कश्मीर आरक्षण दूसरा संशोधन बिल ध्वनिमत से पारित कर दिया. अब अमित शाह की ओर से लाए गए संकल्प पर सदन का मत लिया जा रहा है. कांग्रेस के पी चिदंबरम ने अमित शाह से कहा आप कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश क्यों बना रहे हैं. कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना बनाने के दौरान हमने एक साल तक 20 से ज्यादा बैठकें की और सहमति के फैसला लिया गया था.   

  • 18:25 ISTPosted by Anugrah Mishra

    अमित शाह ने कहा कि कश्मीर हमेशा केंद्र शासित प्रदेश नहीं रहेगा, सामान्य स्थिति के बाद उसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा. हम कश्मीर को देश का सबसे विकसित राज्य बनाएंगे. कश्मीर को सामान्य बनाने के लिए सरकार की सहायता करें और सब मिलकर काम करें. अमित शाह ने कहा कि हमारे साथ नहीं रहने वाले दलों ने भी आज इस बिल पर हमारा साथ दिया है. सदन को एकमत से इस बिल और संकल्प का समर्थन करना चाहिए.

  • 18:22 ISTPosted by Anugrah Mishra

    370 के रहते आतंक का खात्मा मुमकिन नहीं: अमित शाह

    अमित शाह ने कहा कि कश्मीर के लोगों को 21वीं सदी में जीने का हक नहीं है क्या. उकसाने वालों के बच्चे लंदन और अमेरिका में पढ़ रहे हैं, अपने लिए सब कर लिया लेकिन घाटी के युवाओं को पढ़ने और आगे बढ़ने नहीं देना चाहते. धारा 370 के रहते कश्मीर में आतंकवाद को खत्म नहीं किया जा सकता. मोदी सरकार में हम घाटी के युवाओं को गले लगाना चाहते हैं, उन्हें अच्छी शिक्षा, सुविधा, सेहत देना चाहते है, बाकी भारत के विकास में शामिल करना चाहते हैं जिसके लिए 370 को हटाना जरूरी है. नेहरू जी ने भी इसे हटाना की बाद कही थी लेकिन घिसते-घिसते भी इसे नहीं हटाया गया. सिब्बल के आरोप पर अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल ने कभी जम्मू कश्मीर को डील नहीं किया उन्होंने जूनागढ़ को डील किया जो बगैर 370 के भारत में का हिस्सा है. कश्मीर को पंडित नेहरू को डील किया जो 370 के साथ भारत में है.

  • 18:16 ISTPosted by Anugrah Mishra

    युवाओं में 370 ने पैदा किया अलगाव: अमित शाह

    अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद जन्मा, पनपा और अब नीचे आ रहा है. धारा 370 ने ही वहां के युवाओं में अलगाववाद की भावना डाली जिसका फायदा पाकिस्तान ने उठाया. आजतक 41 हजार लोग वहां क्यों मारे गए. किसकी नीति के कारण 41 हजार लोग मारे गए, हमने तो कोई नीति नहीं बदली, नेहरूजी जो चालू करके गए थे, वही चलती रही. अमित शाह ने कहा कि राजस्थान, गुजरात का युवा क्यों गुमराह नहीं होता सिर्फ कश्मीर का क्यों होता है क्योंकि वहां 370 से पड़ा अलगाववाद का बीज नहीं है. हुर्रियत, घुसपैठिए, आईएसआई ने कश्मीर के युवाओं को गुमराह किया है तभी इतने लोगों की जान गई है.

  • 18:12 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कोर्ट में बिल का कुछ नहीं होगा: अमित शाह

    अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर के बच्ची ने ओडियावासी से शादी कर दी तो क्या उसे और उसके बच्चों को वहां कोई अधिकार मिलने वाला है. खुला होने पर जम्मू कश्मीर साफ अर्थों में हिन्दुस्तान के साथ मिल जाएगा. उन्होंने कहा कि वहां ओबीसी को आरक्षण नहीं मिलता, दलितों, आदिवासियों को राजनीतिक आरक्षण नहीं मिलता है, यही वजह से मायावतीजी की पार्टी ने इस बिल का समर्थन किया है. गृह मंत्री ने कहा कि कुछ पार्टियां NGO ब्रिगेड से इस बिल को कोर्ट में चुनौती देंगे, लेकिन कोई भी लीगल जांच से इस बिल को कुछ नहीं होने वाला है.

  • 18:07 ISTPosted by Anugrah Mishra

    सही मायने में कश्मीर बनेगा भारत का अभिन्न अंग: शाह

    अमित शाह ने कहा कि धारा 370 की वकालत करने वाले बताएं कि घाटी के बच्चों को शिक्षा का अधिकार क्यों नहीं मिलना चाहिए. उन्हें संविधान संशोधन करने के बाद भी वहां के बच्चों को RTE का लाभ नहीं मिला, लेकिन कल जब लोकसभा इसे पास करेगी तो कल रात से हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार मिलेगा. वहां प्राइवेट संस्थान नहीं है, कौन निवेश करेगा, क्योंकि उसके नाम पर संपत्ति तो हो ही नहीं सकती. अमित शाह ने कहा कि हम राष्ट्रहित का बिल लेकर आए थे आप तो इंदिरा जी के इलाहाबाद कोर्ट के फैसले से बचाने का संवैधानिक सुधार तो उसी दिन लेकर आए और पारित कराया था, आप हमें उपदेश देते हैं कि सुबह ही क्यों बिल लेकर आए. 370 हटाने से घाटी का भला होने वाला है और सही अर्थों में जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बनने वाला है.

  • 17:58 ISTPosted by Anugrah Mishra

    370 से घाटी का नहीं नेता का फायदा: गृह मंत्री

    गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कश्मीर और लद्दाख को पूरी दुनिया स्वर्ग मानती है लेकिन पर्यटन जिनता बढ़ना चाहिए उतना नहीं बढ़ा. अच्छा होटल वहां जमीन नहीं खरीद सकता, धारा 370 ने पर्यटन की संभावनाओं को सीमित कर दिया है. इससे न सिर्फ पर्यटन बढ़ेगा बल्कि घाटी के युवाओं को रोजगार मिलेगा. उन्होंने कहा कि धारा 370 से घाटी के युवाओं का कोई भला नहीं होना वाला है, इससे सिर्फ कुछ नेताओं का भला होगा. बिजली मिले, शौचालय मिले, ज्यादा सैलरी मिले तो इसे चालू रखना चाहिए, इससे कुछ भी फायदा नहीं होने वाला है. वहां हेल्थ की हालत खस्ता हो चुकी है, पीपीपी और प्राइवेट योजनाएं वहां लागू नहीं होती हैं.

  • 17:55 ISTPosted by Anugrah Mishra

    हल्ला कश्मीर पर नहीं जांच पर है: अमित शाह

    अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर के गरीबी के लिए धारा 370 जिम्मेदार है क्योंकि केंद्र का पैसा वहां पहुंच ही नहीं पाया. वहां विकास नहीं हुआ क्योंकि भ्रष्टाचार को रोकने वाले एजेंसियों को वहां एंट्री नहीं है जिसकी वजह यही 370 है. चंद लोग जो तीन परिवारों के साथ जुड़े उन्हें सीमेंट की एजेंसी ली है और वहां देश से 100 रुपये महंगा सीमेंट बिक रहा है. जो लोग 370 की वकालत करते हैं वह बताएं कि यह पैसा कहां गया, हो-हल्ला कश्मीर के लिए नहीं बल्कि राष्ट्रपति शासन में शुरू हुई जांच की वजह से हो रहा है. घाटी के व्यक्ति को आजादी के बाद क्या मिला, जमीन के दाम नहीं बढ़े, जिसके पास भूमि है उसका दाम नहीं बढ़ा क्योंकि वहां खरीदार नहीं, कोई वहां जमीन नहीं खरीद सकता है. 

  • 17:51 ISTPosted by Anugrah Mishra

    सरपंचों के अधिकार 70 साल तक छीने: गृह मंत्री

    अमित शाह ने कहा कि धारा 370 की वजह से ही कई संविधान संशोधन वहां आजतक लागू नहीं हो पाए. पंचायत और नगर पालिका के चुनाव वहां नहीं होते थे. उन्होंने कहा कि 40 हजार तक सरपंचों के अधिकार 70 साल तक छीने गए उसके लिए कौन जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि यह अधिकार कभी नहीं मिला, इस पर कोई नहीं बोलेगा. घाटी में सिर्फ मुस्लिम रहते हैं क्या, धारा 370 अच्छी है तो सभी के लिए है और बुरी है तो भी सभी के लिए है. तीन परिवारों ने जम्मू कश्मीर में लोकतंत्र को पनपने नहीं दिया, लेकिन राष्ट्रपति शासन में वहां शांतिपूर्ण चुनाव हुए हैं. अमित शाह ने कहा कि पंचायत चुनाव में 50 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई है और वहां की जनता लोकतंत्र चाहती है.

  • 17:47 ISTPosted by Anugrah Mishra

    आतंकवाद की जड़ धारा 370: अमित शाह

    अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में जो पाकिस्तान के शरणार्थी गए उन्हें आज तक नागरिकता नहीं मिल पाई है. देश को 2 प्रधानमंत्री पाकिस्तान से आए शरणार्थियों ने दिए हैं. मनमोहन सिंह और गुजराल जी. अमित शाह ने कहा कि 370 ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख से लोकतंत्र वहां मजबूत नहीं हो पाया और भ्रष्टाचार बढ़ता चला गया. घाटी के गांव आज भी गरीबी में जीने को मजूबर हैं क्योंकि वहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं इसी 370 की वजह से नहीं मिल पाई. साथ ही यह महिला विरोध, दलित विरोध और आतंकवाद की जड़ यही 370 है.

  • 17:38 ISTPosted by Anugrah Mishra

    संकल्प पर अमित शाह का जवाब

    राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देना शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि आज में एक ऐतिहासिक संकल्प और बिल लेकर आया हूं जिस पर कई सदस्यों ने शंकाएं जताई हैं. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में लंबे रक्तपात का अंत धारा 370 के खत्म करने से होगा. शाह ने कहा कि इस मौके पर आज मैं हमारे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी याद करना चाहता हूं. उन्होंने कहा कि 41800 लोगों ने जान गंवाई है, अगर धारा 370 न होती तो इन लोगों की जान न जाती. अमित शाह ने कहा कि ज्यादतर पर बातें तकनीक पर हुईं जबकि धारा 360 की उपयोगिता पर कोई बात नहीं हुई. इससे क्या हासिल होने वाला है इस पर कुछ बात नहीं हुई. इसकी वजह से घाटी, लद्दाख और जम्मू कश्मीर के लोगों का नुकसान हुआ है.

  • 17:35 ISTPosted by Anugrah Mishra

    राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह आ चुके हैं. सदन में कुछ देर बाद अमित शाह का बयान होगा. अभी सदन में विशेष उल्लेख के तहत सदस्य अपने विषय रख रहे हैं.

  • 17:30 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा में J-K पुनर्गठन संकल्प पेश

    लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर पुनर्गठन संकल्प सदन में पेश करते हुए कहा कि चर्चा और बिल कल पेश किया जाएगा. आज न 370 पर चर्चा होगी इस पर कल चर्चा होगी और मैं सभी सवालों का जवाब दूंगा. अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 को स्वीकार करने पर यह सदन विचार करता है. लोकसभा में इस विषय पर कल चर्चा होगी और अब सदन में शून्य काल शुरू हो गया है.

  • 17:25 ISTPosted by Anugrah Mishra

    सेरोगेसी रेगुलेशन बिल पास

    लोकसभा से चर्चा के बाद सेरोगेसी रेगुलेशन बिल को ध्वनिमत से पास कर दिया गया है.

  • 17:24 ISTPosted by Anugrah Mishra

    थोड़ी देर में गृह मंत्री का जवाब

    राज्यसभा में सभापति की अनुमति से विभिन्न दलों के सांसद अहम मुद्दे सदन में उठा रहे हैं. थोड़ी देर गृह मंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर आरक्षण बिल, पुनर्गठन प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देंगे. टीएमसी के 2 सांसद फ्लाइट डायवर्ट होने की वजह से मौजूद नहीं है, ऐसे में पार्टी की ओर से वोटिंग कुछ देर के लिए टालने की मांग हुई है.  

  • 17:14 ISTPosted by Anugrah Mishra

    संविधान संशोधन की जरूरत नहीं: कानून मंत्री

    रामगोपाल यादव ने कानून मंत्री से पूछा कि भारत के संविधान में इस फैसले के बाद अब 29 की जगह 28 राज्य और 7 की जगह 9 केंद्र शासित प्रदेश अब लिखने पड़ेंगे तो क्या इसके लिए संविधान संशोधन किया जाएगा. इस सवाल का जवाब देते हुए कानून मंत्री ने कहा कि जब 3 प्रदेश बने थे झारखंड, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ तब तीनों अलग-अलग कानून से बने थे. जब इन तीन के बनने के बाद नए प्रदेश बने तो परिशिष्ट में राज्यों की संख्या बढ़ गई, ये जो नए प्रदेश संसद के द्वारा साधारण कानून पारित करने से बने, उसके परिणाम स्वरूप अनुसूची में बदलाव हो गया. अब अनुसूची में परिवर्तन के लिए संविधान संशोधन की जरूरत नहीं है, सेक्शन 3 में यह साफ है.

  • 16:52 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कश्मीरियों के साथ होता रहा भेदभाव: निर्मला सीतारमण

    राज्यसभा में प्रस्ताव के समर्थन में बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज देशभर के नेताओं ने सरकार के लोगों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है और सलाह लेने के बाद ही फैसला लिया गया है. पार्टी ने जनसंघ के दिनों से धारा 370 हटाने का संकल्प लिया था. एक देश एक संविधान के संकल्प को पूरा करते हुए ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपनी जान दी थी. निर्मला ने कहा कि कश्मीर के लोगों को विशेष राज्य की वजह से भेदभाव झेलना पड़ रहा था और वहां कि महिलाओं को पिछड़े समाज के साथ भेदभाव हो रहा था, ऐसे विशेष दर्जे का क्या काम जो सभी को समान अधिकार न दिला सके. वित्त मंत्री ने कहा कि मानव अधिकारों और समान अधिकारों के न होने के बावजूद भी हम अबतक विशेष दर्जे का समर्थन कर रहे थे. लद्दाख में तो काफी पहले से केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग हो रही थी. वहां कोई निवेश नहीं कर सकता था और वह पूरा भारत से कटा हुआ नजर आता था, लेकिन आज इस फैसले से कई नए दरवाजे खुले हैं. 

  • 16:43 ISTPosted by Anugrah Mishra

    आपने संविधान की बुनियाद खत्म की: सिब्बल

    कपिल सिब्बल ने कहा कि आप सुबह 11 बजे बिल ला रहे हो और कहते हो कि चर्चा करें जबकि हमें पता ही नहीं बिल में क्या है. जब आप बगैर बताए बिल लेकर आएंगे तो क्या अच्छी चर्चा होगी. सरकार चर्चा चाहती नहीं है क्योंकि उसके पास नंबर हैं. सिब्बल ने कहा कि आपने बिना सलाह किए, सहमति बनाए यह बिल लाया है, क्या वहां के नेताओं से चर्चा की, विपक्षी राजनीतिक दलों से चर्चा की. उन्होंने कहा कि आप सलाह के बिना यह करने जा रहे हैं क्योंकि आप आंकड़ों से लोकतंत्र को चलाना चाहते हैं, संविधान और संसद में आपका यही विश्वास और साथ है. किसी भी राज्य की सीमा कल आप बदल सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर आज ऐतिहासिक दिन है तो कई ऐसे दिन भी आने वाले हैं. आप ऐसे एजेंडे से मत चलिए जो संविधान की बुनियाद की खत्म कर दे. आप संविधान की बुनियाद को खत्म करने जा रहे हैं लेकिन हम इसकी रक्षा करेंगे भले ही आप कुछ भी कर लें.

  • 16:35 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कांग्रेस ने कश्मीर जीता, बीजेपी ने गंवा दिया: सिब्बल

    राज्यसभा में कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार जोड़-तोड़ के जनादेश से इसे पास करा लेगी, लेकिन यह ऐतिहासिक है या नहीं यह तो इतिहास बताएगा. क्या यह संघीय ढांचे पर धब्बा था, यह फैसला इतिहास करेगा. उन्होंने कहा कि हम समझते हैं कि पंडित नेहरू की वजह से कश्मीर हमारे पास आया, क्योंकि बहुमत से फैसला होता तो कश्मीर हमें नहीं मिलता. धारा 370 तो सरदार पटेल साहब लेकर आए जो गृह मंत्री थे. सरदार पटेल को कश्मीर पाकिस्तान को देने के लिए तैयार भी थे लेकिन नेहरू जी की वजह से यह हो सका. कांग्रेस के लोगों ने कश्मीर की जीता था लेकिन सरकार ने आज गंवा दिया है. पटेल पर सिब्बल के बयान को लेकर सत्तारूढ़ सांसद हंगामा कर रहे हैं.

  • 16:14 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कल को किसी भी राज्य को बांटा जाएगा: चिदंबरम

    कांग्रेस सांसद चिदंबरम ने कहा कि इन प्रावधानों के गलत इस्तेमाल से आप कश्मीर के साथ जो कर रहे हैं क्या वह किसी अन्य राज्य के साथ नहीं हो सकता. सरकार भरोसा दे कि आप ऐसा आगे किसी राज्य के साथ नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन से आप किसी भी राज्य को बांट सकते हैं, ऐसा क्यों नहीं होगा. आपके जिससे कश्मीर से बांटा है वह प्रावधान किसी भी राज्य में लागू हो सकते हैं. चिदंबरम ने कहा कि आपने कानूनी गलती की है और इससे राज्यों को बहुत ही गलत संदेश गया है. उन्होंने कहा कि कश्मीर से 370 हटाने के बारे में सुप्रीम कोर्ट और सरकार फैसला करे लेकिन आपने राज्य के साथ जो दूसरा काम किया है वह न करें. 

  • 16:09 ISTPosted by Anugrah Mishra

    अनुच्छेद 370 से उसमें ही बदलाव संभव नहीं: चिदंबरम

    चिदंबरम ने कहा कि आपको कानून मंत्रालय मे किसी ने सलाह दी होगी कि यह सही है लेकिन मैं किसी के ज्ञान पर सवाल नहीं उठा रहा, शायद मैं गलत साबित हो जाऊं. उन्होंने कहा कि आप अनुच्छेद 370 को ही 370 के किसी आदेश से नहीं बदल सकते क्योंकि अनुच्छेद 370 संविधान के अन्य प्रावधानों में बदलाव की इजाजत देता है. उन्होंने कहा कि यह आपके घोषणा पत्र में किया गया वादा था लेकिन आप अनुच्छेद 370 हटाने के बाद के परिणामों को नियंत्रित नहीं कर सकते. जम्मू कश्मीर में बड़ी तादाद हिन्दुस्तान के साथ रहना चाहती है और उन्हें स्वायत्ता की जरूरत है, ऐसे में आपको 370 हटाने की क्या जरूरत थी. आप इस फैसले से लाखों युवाओं को अलग रास्ता अपनाने के लिए उकसा रहे हैं.  

  • 15:56 ISTPosted by Anugrah Mishra

    आने वाली पीढ़ी कराएगी गलती का अहसास: चिदंबरम

    राज्यसभा में कांग्रेस सांसद पी चिंदबरम ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि सरकार को लगता है कि उसने जीत दर्ज की है और सड़क पर बजते ढोल से आपको ऐसा प्रतीत भी हो रहा है, लेकिन आप गलत है और इतिहास साबित करेगा कि आप गलत है, भविष्य की पीढ़ी आपको अहसास कराएगी कि आपने गलत किया है. उन्होंने कहा कि हम लोगों के अधिकारों की रक्षा करने में लगातार विफल हो रहे हैं, राज्यों की कोई राय आज नहीं ले जा रही है और उनके साथ नगर पालिका जैसा बर्ताव हो रहा है. चिदंबरम ने कहा कि आपने राज्यों को कॉलेनी बना दिया है और आप कह रहे हैं कि यह संविधानिक है.

  • 15:51 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा से ट्रांसजेंडर्स बिल पर मुहर

    लोकसभा से ट्रांसजेंडर्स व्यक्तियों के अधिकारों के संरक्षण से जुड़ा बिल पास कर दिया गया. साथ ही अब सदन में सेरोगेसी रेगुलेशन बिल पर चर्चा हो रही है. लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को जम्मू कश्मीर आरक्षण दूसरा संशोधन बिल समेत पुनर्गठन प्रस्ताव पेश करेंगे.

  • 15:40 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कश्मीर से राज्य का दर्जा क्यों छीन लिया: रामगोपाल

    सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि 370 हटानी थी तो हटा देते लेकिन राज्य का दर्जा क्यों खत्म कर दिया, क्या यह जरूरी था. हमारी पार्टी 370 हटाने का विरोध करती है लेकिन उसको आप हटाएंगे ही. यादव ने कहा कि पुलिस स्टेट जैसी स्थिति कहीं नहीं बननी चाहिए और मीडिया का प्रयोग लाभ के करिए लेकिन ध्यान रहे उससे माहौल खराब न हो. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अपने उप राज्यपाल से परेशान होकर रो रही है फिर भी यह प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं. जहां उप राज्यपाल हैं वहां मुख्यमंत्री की कोई हैसियत ही नहीं है. उन्होंने कहा कि इतनी जल्दी क्या पड़ी थी कम से कम बिल को पढ़ने तो देते, आज पास करा सकते हैं तो कल या परसों भी पास करा ही लेते. अगर कश्मीर में अशांति होती है तो आप क्या करेंगे, क्योंकि इसके बाद स्थिति पहले से भी ज्यादा खराब हो सकती है. सरकार को कश्मीर के लोगों के मरने-जीने की चिंता नहीं है लेकिन बस कहने को हो जाए कि हमने धारा 370 हटा दी.  आपने चुनावी लाभ के लिए फैसला किया है और आपका होने वाले नुकसान की कोई फिक्र नहीं है. सपा ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है.

  • 15:26 ISTPosted by Anugrah Mishra

    AAP ने किया प्रस्ताव का समर्थन

    आम आदमी पार्टी के सांसद सुशील गुप्ता ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि अब हम कश्मीर में शांति की उम्मीद करते हैं और पूर्ण राज्य में विश्वास करते हैं. AAP सांसद ने कहा कि हमारी पार्टी उप राज्यपाल के जुल्म सह लेगी लेकिन देश की संप्रभुता और आतंकवाद के खात्मे के लिए इसका समर्थन करते रहेंगे. गुप्ता ने कहा कि कश्मीर में मासूम नागरिकों की हत्याएं बंद हों, जवानों की शहादत बंद हो, अलगाववादियों पर खर्च होना बंद होना चाहिए.

  • 15:23 ISTPosted by Anugrah Mishra

    संसद के साथ भद्दा मजाक हुआ: डेरेक ओब्राइन

    टीएमसी सांसद डेरेक ओब्राइन ने कहा कि राष्ट्रपति के जरिए आप जम्मू कश्मीर को बदल रहे हैं जो ठीक नहीं है. संविधान की मर्यादा को ताक पर रखा गया है. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दल इस बात का ध्यान रखें कि कल यह उनके साथ भी हो सकता है और उनके राज्यों को भी बांटा जा सकता है. यह संविधान के साथ एक भद्दा मजाक है और इसमें सिर्फ बीजेपी नहीं बल्कि कुछ अन्य दलों का भी हाथ है. उन्होंने कहा कि प्रस्ताव पेश होने के बाद उसके बारे में बताया जाता है यह संसद के साथ भी मजाक है. डेरेक ने कहा कि हम इसके खिलाफ संसद और सड़क पर लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि संविधान का दिल संघीय ढांचा है, उसे आज तोड़ा जा रहा है. डेरेक ने कहा कि हम कश्मीरियों के साथ खड़े हैं क्योंकि कल को हमारे साथ ऐसा होगा तो कोई साथ खड़े होने वाला नहीं होगा.

  • 15:14 ISTPosted by Anugrah Mishra

    भारत के इतिहास में काला दिन: गुलाम नबी आजाद

    राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आरक्षण को लेकर जो प्रावधान किए जा रहे हैं वह अच्छा कदम है, लेकिन इसे विधानसभा में भी पारित किया जाना चाहिए था, ताकि वहां के लोगों की राय भी ले जा सके. एक हफ्ते से राज्य में डर का माहौल है और अलग-अलग कयास लगाए जा रहे थे. गृह मंत्री के सदन में आते ही जिसका डर था वही हुआ, हमारी आशंकाएं सही साबित हुईं. आजाद ने कहा कि जिस दिन यह कानून पास होगा, वह भारत के इतिहास में काला धब्बा होगा. उन्होंने कहा कि 370 और 35A को खत्म करना साथ ही मर्जी के बगैर परिसीमन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कानून आप बहुमत से ला सकते हैं लेकिन लोगों के दिलों में उतारने में नाकाम रहेंगे.  

  • 14:12 ISTPosted by Anugrah Mishra

    डीएमके ने किया प्रस्ताव का विरोध

    डीएमके सांसद तिरुची शिवा ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि वहां विधानसभा नहीं है और राष्ट्रपति शासन लागू है. यह फैसला विधानसभा की सहमति के बाद लिया जाना चाहिए था. शिवा ने कहा कि कई कारणों से कश्मीर के लोगों को 370 के तहत विशेष राज्य का दर्जा दिया गया था. अचानक से सरकार प्रस्ताव लेकर आ गई और यह किसी अन्य राज्य के साथ भी हो सकता है. डीएमके सांसद ने कहा कि कश्मीर में विधानसभा चुनाव तक इंतजार करना चाहिए, हमें क्या जल्दी थी. कश्मीर के लोग इस फैसले के बारे में क्या सोचते हैं, यह जान लेना भी जरूरी था. अब वहां 370 के साथ 35A भी हट चुकी है और कोई भी वहां जा सकता है.

  • 14:08 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कश्मीरियों को गले लगाएं, कश्मीर खुद लगेगा: मनोज झा

    राज्यसभा में RJD सांसद ने कहा कि अनुच्छेद 370 पर जो हुआ उसका पक्ष कैसे भी नहीं ले सकता क्योंकि मैं बोनी समझ का नहीं हूं. उन्होंने कहा कि हमें क्या चाहिए कश्मीर की जमीन या आवाम. झा ने कहा कि बहुमत आने पर बड़े अच्छे और बुरे ख्याल आते हैं लेकिन अच्छे वाले को पकड़ना चाहिए. मनोज झा ने कहा कि हम संविधान मान्यताओं की कमी के विरोध में हैं, संवैधानिक इतिहास की हत्या के विरोध में हैं, हिन्दुस्तान की मोहब्बत का पैमाना हमारे भीतर आपसे कम नहीं है. कश्मीर के लिए खराब रास्ता खोल लिया है. सरकार को कश्मीरियों को गले लगाना चाहिए, कश्मीर अपने आप करीब आ जाएगा.

  • 13:58 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कश्मीर के साथ जो हुआ वह कल किसी और के साथ: CPM

    सीपीएम के टीके रंगराजन ने कहा कि आज जो कश्मीर के साथ हुआ वह कल किसी अन्य राज्य के साथ हो सकता है और उसे बांटा जा सकता है. उन्होंने कहा कि आज संविधान के लिए काला दिन है और बीजेपी राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा है. राजन ने कहा कि विपक्ष के कुछ दलों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है लेकिन उन्हें इसका अहसास कल होगा. जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों का भविष्य खतरे में हैं. आप हिन्दुत्व की बात करते हैं लेकिन आपने अमरनाथ यात्रा को रद्द कर दिया. सीपीएम ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है.

  • 13:44 ISTPosted by Anugrah Mishra

    पब्लिक नोटिस से हटाने का प्रावधान: सुब्रमण्यम

    राज्यसभा में बीजेपी से मनोनीत सांसद सुब्रमण्यम ने कहा कि नेता विपक्ष को कानून की सही जानकारी नहीं है और देश में आज ऐतिहासिक दिन है. कश्मीर देश का हिस्सा है और उसमें अलग कानून नहीं लागू हो सकता. उन्होंने कहा कि धारा 370 खुद कहती है कि राष्ट्रपति के पब्लिक नोटिस से इसे हटाया जा सकता है और उसी का प्रस्ताव रखा गया है, इसे संसद की मंजूरी की जरूरत नहीं है. सदन में हंगामा हो रहा है और विपक्षी सांसद नारेबाजी कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ सदन में नारे लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि नेहरू की ओर से UNSC में दाखिल याचिका को भी वापस लेना चाहिए. जब तक 370 थी तब तक इसका गलत फायदा उठाया जा रहा था. स्वामी ने कहा कि 370 अब जा चुकी है और कश्मीर पर कोई मध्यस्थता नहीं होगी. उन्हें भारत का हिस्सा आजाद कश्मीर भी लौटाना होगा. स्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद के प्रस्ताव के तहत PoK की जमीन भी वापस लेनी चाहिए.

  • 13:39 ISTPosted by Anugrah Mishra

    प्रस्ताव के पक्ष में अकाली दल

    शिरोमणि अकाली दल के सांसद बलविंदर सिंह ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि 1947 के बंटवारे में सबसे ज्यादा पंजाब ने भुगता है और मोर्चे पर हमने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी है. सिंह ने कहा कि हम कभी देश को तोड़ने की बात सोच भी नहीं सकते. उन्होंने कहा कि देश के लिए बलिदान देने वालों की कौम के साथ आजादी के बाद अन्याय ही हुआ है. अमृतसर के पूज्य गुरुद्वारे पर हमला हुआ, दिल्ली में सिखों का कत्लेआम हुआ लेकिन न्याय नहीं मिला. हम भी देश के अल्पसंख्यक हैं और पंजाब में हमारे साथ अन्याय हो रहा है. सरकार से गुजारिश है कि हमारी कौम को भी रक्षा की जाए.  

  • 13:31 ISTPosted by Anugrah Mishra

    आज ऐतिहासिक भूल सुधारी: अमर सिंह

    राज्यसभा में निर्दलीय सांसद अमर सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में विधानसभा भंग होने की वजह से इस सदन को कश्मीर पर फैसले लेने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव का विरोध क्यों हो रहा है. देश का स्वाभाविक विभाजन हुआ और इस पर लालकृष्ण आडवाणी ने लिखा भी है. उनकी मध्यस्थता में दीन दयाल उपाध्याय और लोहिया जी मिले. कश्मीर पर जो भूल वर्षों पहले हुई आज उसे सुधारने का ऐतिहासिक दिन है.   

  • 12:58 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कश्मीरियों का शोषण करने वाले प्रस्ताव के विरोधी: शिवसेना

    शिवसेना सांसद संजय राउत ने प्रस्ताव पर कहा कि धारा 370 एक कलंक था उसे आज खत्म किया गया है. 70 साल से यह देश इस शैतान को लेकर चल रहा था. राउत ने कहा कि आज असर मायने में जम्मू कश्मीर का विलय भारत में हो गया है. उन्होंने कहा कि इसे हटाने को लेकर धमकियां दी जा रही हैं अगर हिम्मत है तो अब हाथ जलाएं. मजबूत सरकार ने एक मजबूत फैसला लिया है और अब सरकार की हिम्मत दिख रही है. कश्मीर की जनता का 70 साल तक शोषण करने वाले ही आज इसका विरोध कर रहे हैं.  

  • 12:53 ISTPosted by Anugrah Mishra

    देश को एक साथ लाने का कदम: स्वपन दास

    राज्यसभा में मनोनीत सांसद स्वपन दास गुप्ता ने कहा कि आज देश के लिए ऐतिहासिक दिन है और खासकर कोलकाता के लिए क्योंकि श्यामा प्रसाद मुखर्जी वहीं से सांसद थे. गुप्ता ने कहा कि आज गर्व का दिन है क्योंकि अब जम्मू कश्मीर में देश का हर कानून लागू होगा और उसमें यह क्लॉज नहीं होगा कि यह कानून जम्मू कश्मीर में नहीं लागू होता है. उन्होंने कहा कि हमने तीन तलाक के बाद देश के सभी नागरिकों को बराबरी देने की दिशा में एक और कदम बढ़ा लिया है. देश के संप्रभुता के लिए यह बहुत बड़ा कदम है और इसके लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का आभारी हूं. यह कदम देश को एक साथ लाने के लिए उठाया गया कदम है. 

  • 12:52 ISTPosted by Anugrah Mishra

    प्रस्ताव के खिलाफ JDU का वॉक आउट

    राज्यसभा में जेडीयू सांसद राम नाथ ठाकुर ने कहा कि इस प्रस्ताव के खिलाफ हम सदन से वॉक आउट करते हैं. उन्होंने कहा कि कोर्ट या समझौते से फैसला हो उसे धारण करने के पक्ष में हैं. ठाकुर ने कहा कि 70 साल में न विकास हुआ, न ओबीसी को आरक्षण मिला. आरजेडी के मनोज झा ने इसका विरोध किया है.

  • 12:43 ISTPosted by Anugrah Mishra

    सरकार के साथ BJD, AIADMK और YSRCP

    राज्यसभा में AIADMK और YSRCP ने जम्मू कश्मीर आरक्षण और पुनर्गठन प्रस्ताव का समर्थन किया है. AIADMK सांसद नवनीत कृष्णन ने कहा कि हम इस प्रस्ताव को साथ है और विपक्षी दलों को घबराने की जरूरत नहीं है, यह प्रावधान अस्थाई था और इसे हटाया जा सकता है. सरकार इसके लिए प्रस्ताव लेकर आई है और देश की संप्रभुता के लिए यह एक अहम कदम है. उच्च सदन में BJD के प्रसन्न आचार्य ने कहा कि सदन में संविधान का अपमान किया गया और उसका कड़े शब्दों में खंडन करता हूं. उन्होंने कहा कि आज देश के लिए कालादिन है, बीजेडी सांसद ने कहा कि आज सही अर्थ में जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बना है.

  • 12:23 ISTPosted by Anugrah Mishra

    अमित शाह ने विपक्षी नेताओं से कहा कि शोर न करें, सदन में हर किसी सवाल का जवाब देने के लिए मैं तैयार हूं. उन्होंने कहा कि विपक्ष सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए हंगामा कर रहा है, आजाद साहब तो जानते हैं कि धारा 370 कश्मीर का कितना नुकसान कर रही है, कम के कम मुझे अपनी बात तो रखने दीजिए. उपसभापति ने कहा कि गृह मंत्री ने कानूनी स्थिति साफ कर दी है. अब सदन में बीजेपी सांसद भूपेंद्र यादव चर्चा को आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि धारा 370 को खत्म कर हमने कश्मीर के लोगों के दर्द को समझा है और उन्हें देश के साथ जोड़ने का काम किया है.

  • 12:20 ISTPosted by Anugrah Mishra

    राष्ट्रपति ने जारी किया पब्लिक नोटिस: अमित शाह

    राज्यसभा में सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि यह संविधान संशोधन है और इसे प्रस्ताव के जरिए नहीं हटाया जा सकता. इसके लिए सिर्फ संविधान संशोधन किया जा सकता है. इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि सदस्यों को जान लेना चाहिए कि हम किस धारा के तहत ये करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि धारा 370 के अंदर ही इसका प्रावधान है. उन्होंने कहा कि धारा 373 में लिखा है कि राष्ट्रपति पब्लिक नोटिस के तहत इसे लागू और हटा सकते हैं. अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति को पब्लिक नोटिफिकेशन से इसे हटाने के अधिकार है और सुबह की उन्होंने संविधानिक आदेश जारी करते हुए पब्लिक नोटिफिकेशन निकाला है, राज्य में विधानसभा नहीं है और विधानसभा के सारे अधिकार दोनों सदन के अंतर निहित है और राष्ट्रपति इसे पारित कर चुके हैं.

  • 12:07 ISTPosted by Anugrah Mishra

    बसपा ने किया प्रस्ताव का समर्थन

    जम्मू कश्मीर आरक्षण और पुनर्गठन बिल को बसपा ने समर्थन दिया है. सपा के रामगोपाल ने इसे असंवैधानिक बताते हुए कहा कि अगर आपने 2 हिस्सों में बांट दिया है जो जम्मू कश्मीर में आरक्षण कैसे लागू होगा. कांग्रेस और टीएमसी इस बिल के कड़े विरोध में है. प्रस्ताव के समर्थन में बीजेपी सांसद भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह प्रावधान अस्थाई था जिसे हटाना देश की एकता और अखंडता के लिए काफी जरूरी था, ऐसा सिक्किम को भारत में शामिल करने के लिए भी किया गया था.

  • 11:56 ISTPosted by Anugrah Mishra

    370 ने कश्मीर को भारत से नहीं जुड़ने दिया: अमित शाह

    अमित शाह ने कहा कि 370 के कारण जम्मू कश्मीर के लोग गरीबी में जीने को मजबूर हैं और उन्हें आरक्षण का फायदा नहीं मिल रहा है. इसी अनुच्छेध के कारण कश्मीर के 3 परिवारों ने कश्मीर को  सालों तक लूटा है. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 से कश्मीर को भारत के साथ नहीं जोड़ा है बल्कि राजा हरि सिंह ने संधि साइन की थी, धारा 370 कश्मीर के भारत से जुड़ने बाद आई थी. इसी धारा ने कश्मीर को भारत के साथ जुड़ने ही नहीं दिया. अगर यह गैर संवैधानिक है तो विवाद न करते हुए चर्चा करें और हम इसके लिए तैयार हैं. धारा 370 अस्थाई थी और इसे कभी न कभी हटना था लेकिन पिछली सरकारों ने वोट बैंक के लिए इसे हटाने की हिम्मत नहीं की. कैबिनेट ने आज हिम्मत दिखाकर और जम्मू कश्मीर के लोगों के हित के लिए यह फैसला लिया है.

  • 11:52 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कश्मीर में लाखों लोगों ने कुर्बानियां दी: आजाद

    राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अनुच्छेद 370 के तहत ही जम्मू कश्मीर को भारत के साथ जोड़ा गया था और इसके पीछे लाखों लोगों ने कुर्बानियां दी है. उन्होंने कहा कि हजारों नेताओं ने अपने नेता और कार्यकर्ता खो दिए हैं. आजाद ने कहा कि 1947 से हजारों आम नागरिकों की जान गई हैं. जम्मू कश्मीर को भारत के साथ रखने के लिए हजारों बलिदान हुए हैं. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोग हर हालत में भारत के साथ खड़े रहे. आजाद ने कहा कि यह ऐतिहासिक दिन है और यह कोई आम बात नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं इस कानून का कड़े शब्दों में विरोध करता हूं और हम भारत के संविधान की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगा देंगे लेकिन हम उस एक्ट का विरोध करते हैं जो हिन्दुस्तान के संविधान को जलाते हैं. बीजेपी ने इसी संविधान की हत्या की है और जिसे अनुच्छेद 370 ने भारत को कश्मीर दिया, उसे ही बीजेपी ने खत्म कर दिया है.

  • 11:45 ISTPosted by Anugrah Mishra

    पीडीपी सांसदों ने फाड़े कपड़े

    राज्यसभा में अमित शाह के बयान के बाद हंगामा जारी है. वाइको ने कहा कि देश में फिर से इमरजेंसी के हालात आ गए हैं इसके बाद सभापति ने कहा कि हालात इमरजेंसी के नहीं अरजेंसी के हैं. उन्होंने हंगामा कर रहे सांसदों से अपने सीट पर जाने के लिए कहा लेकिन कोई भी सांसद वापस जाने को तैयार नहीं है. सदन में पीडीपी सांसदों ने अपने कपड़े फाड़ दिए हैं और सभापति ने उन्हें सदन से बाहर जाने के लिए कहा है. गुलाम नबी आजाद वहीं धरने पर बैठ गए हैं.

  • 11:37 ISTPosted by Anugrah Mishra

    जम्मू कश्मीर से अलग हुआ लद्दाख

    नए प्रावधान जिसमें जम्मू कश्मीर पुनर्गठन का प्रस्ताव शामिल है, उसके तहत जम्मू कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश होगा और लद्दाख को जम्मू कश्मीर से अलग कर दिया गया है और उसे भी केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है. अमित शाह ने कहा कि 38 बार सदन में ऐसे प्रावधान लाए गए हैं और इस सदन में उसे पेश किया गया है.

                                                                    

  • 11:32 ISTPosted by Anugrah Mishra

    अमित शाह के बयान पर हंगामा

    अमित शाह ने कहा कि इस बिल के तहत जम्मू कश्मीर में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा. साथ ही राज्य के पिछड़े वर्गों के बच्चों को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 में सिर्फ खंड 1 रहेगा, बाकी प्रावधानों को हटा दिया जाएगा. अमित शाह के बिल पेश करने के दौरान सदन में जोरदार हंगामा हो रहा है और विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी कर रहे हैं.

  • 11:26 ISTPosted by Anugrah Mishra

    सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है और सभापति ने कहा कि जम्मू कश्मीर आरक्षण बिल पर चर्चा होने दीजिए. इसके बाद कई और विधेयकों को चर्चा के लिए पेश किया जाना है. विपक्षी सांसद अब भी हंगामा कर रहे हैं और सभापति की बात सुनने को तैयार नहीं है. संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि हमें बिल पर चर्चा करनी है और विपक्ष को सहयोग करना चाहिए.

  • 11:22 ISTPosted by Anugrah Mishra

    राज्यसभा में जोरदार हंगामा

    राज्यसभा में जोरदार हंगामा शुरू हो चुका है और विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी कर रहे हैं. सभापति ने खड़े होकर सभी सांसदों ने अपनी सीट पर जाने की अपील की है लेकिन सांसद नारेबाजी कर रहे हैं. सदन में कुछ भी साफ नहीं सुनाई दे रहा है, विपक्षी सांसद चेयर के निर्देश भी सुनने को तैयार नहीं है. हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है.

  • 11:17 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का प्रस्ताव

    राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पहले मुझे बिल पेश करने दीजिए फिर चर्चा के बाद विपक्ष वोटिंग चाहे तो वह भी कराई जा सकती है. उन्होंने कहा कि भरोसा है कि सदन सहमति से इस बिल को पारित कर देगा. शाह ने कहा कि कश्मीर के हालात पर भी बयान देने के लिए तैयार हूं. अमित शाह ने सदन में अनुच्छेद 370 हटाने का संकल्प सदन में पेश किया है. इस पर सदन में हंगामा शुरू हो गया है. अमित शाह ने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक और जम्मू कश्मीर आरक्षण दूसरा संशोधन बिल भी पेश कर दिया है. सदन में इस बयान के बाद जोरदार हंगामा हो रहा है.

  • 11:10 ISTPosted by Anugrah Mishra

    कश्मीर पर राज्यसभा में हंगामा

    राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर आरक्षण दूसरा संशोधन बिल सदन में पेश करना शुरू किया है, इस बीच विपक्ष के नेता सदन में हंगामा कर रहे हैं. गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कश्मीर में युद्ध जैसा माहौल बनाया गया है और 3 पूर्व मुख्यमंत्री नजरबंद कर दिए गए हैं. अमित शाह ने कहा कि जो बिल सरकार लेकर आई है वह भी कश्मीर के विषय में ही है. आजाद ने बिल पेश करने से पहले कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा की मांग की है. सभापति ने हंगामा कर रहे सांसदों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि बिल पर चर्चा शुरू होने दीजिए. इस बीच अमित शाह ने कहा कि कश्मीर पर बयान देने के लिए तैयार हूं लेकिन कश्मीर से ही जुड़ा बिल है पहले इस पर चर्चा होने दीजिए.

  • 11:05 ISTPosted by Anugrah Mishra

    राज्यसभा में 3 अहम विधेयकों पर चर्चा

    राज्यसभा में सभापति वेंकैया नायडू ने बताया कि सदन में जम्मू कश्मीर आरक्षण बिल, बांध सुरक्षा बिल और सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने संबंधी बिल पर चर्चा के लिए 2-2 घंटे का समय तय किया गया है.

  • 11:00 ISTPosted by Anugrah Mishra

    लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है. उच्च सदन में मंत्रियों की ओर से दस्तावेज पटल पर रखे जा रहे हैं. लोकसभा से आए मैसेज में महासचिव ने बताया कि बांध सुरक्षा बिल को सदन से पास कर दिया गया है. इसके बाद सभापति ने कहा कि संजय सेठ, सुरेंद्र सिंह नागर, भुवनेश्वर कलिता ने सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और उनका इस्तीफा स्वीकार किया गया है.

  • 10:51 ISTPosted by Anugrah Mishra

    PM मोदी और गृह मंत्री संसद पहुंचे

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री राजनाथ सिंह भी संसद पहुंच चुके हैं. इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह संसद भवन पहुंचे थे. पीएम मोदी और अमित शाह के बीच आज एक अहम कैबिनेट की बैठक भी हुई थी.

  • 10:49 ISTPosted by Anugrah Mishra

    पहले विधेयक बाद में शून्य काल

    राज्यसभा में विधायी कामकाज के लिए शून्य काल को विधेयकों पर चर्चा के बाद शुरू किया जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह सबसे पहले कश्मीर के मौजूदा हालात पर बयान देंगे और फिर जम्मू कश्मीर आरक्षण दूसरा संशोधन बिल पेश करेंगे. उच्च सदन के एजेंडे में राष्ट्रीय डिजायन संस्थान संशोधन और अंतर राज्यीय नदी जल विवाद संशोधन विधेयक शामिल है.

  • 10:38 ISTPosted by Anugrah Mishra

    संसद में आज का एजेंडा

    राज्यसभा में आज जम्मू कश्मीर आरक्षण दूसरा संशोधन विधेयक चर्चा और पारित कराने के लिए लाया जाएगा. राज्य सभा के एजेंडे में राष्ट्रीय डिजायन संस्थान संशोधन और अंतर राज्यीय नदी जल विवाद संशोधन विधेयक शामिल है. लोकसभा में आज सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या 30 से बढ़ाकर 33 करने संबंधी विधेयक लाया जाएगा, इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चिटफंड संशोधन विधेयक को सदन में पेश करेंगी.

  • 10:37 ISTPosted by Bharat Singh

    गृहमंत्री अमित शाह कुछ देर में देंगे बयान

    गृहमंत्री अमित शाह करीब 11 बजे राज्यसभा और दोपहर 12 बजे लोकसभा में कश्मीर पर बयान देंगे. विपक्ष सरकार से कश्मीर में ताजा घटनाक्रम पर जवाब मांग रहा है. कई विपक्षी दल दोनों सदनों में स्थगन प्रस्ताव पेश करने वाले हैं.

  • 10:25 ISTPosted by Tirupati Srivastava

    संसद पहुंचे अमित शाह, पहले राज्यसभा में देंगे बयान

    केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक समाप्त हो गई है. गृहमंत्री अमित शाह संसद भवन पहुंच गए हैं. कश्मीर मुद्दे पर गृहमंत्री पहले राज्यसभा फिर लोकसभा में बयान देंगे.





  • 10:02 ISTPosted by Tirupati Srivastava

    शून्यकाल को बिलों के बाद रखा जाएगा

    राज्यसभा के चेयरमैन ने महत्वपूर्ण बिल को ध्यान में रखते फैसला किया है कि शून्यकाल को कुछ बिलों के बाद रखा जाएगा.

  • 09:43 ISTPosted by Tirupati Srivastava

    पीडीपी सांसद ने नोटिस दिया

    पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के राज्यसभा सांसद नजीर अहमद लावे ने कश्मीर मुद्दे पर सदन में शून्यकाल नोटिस दिया है.


  • 09:30 ISTPosted by Tirupati Srivastava

    कांग्रेस नेताओं ने दिया स्थगन नोटिस

    कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कश्मीर को लेकर लोकसभा में स्थगन नोटिस दिया है. वहीं, कांग्रेस के सांसद गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, अंबिका सोनी और भुवनेश्वर कलिता ने कश्मीर मुद्दे पर राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया है.


  • 09:22 ISTPosted by Tirupati Srivastava

    थोड़ी देर में कैबिनेट मीटिंग

    गृह मंत्री अमित शाह प्रधानमंत्री आवास पर पहुंचे हैं. 9.30 पर PM आवास पर ही कैबिनेट की बैठक होनी है. इस बीच शाह इस बड़ी बैठक से एक घंटे पहले ही पहुंच गए हैं. ऐसे में कश्मीर को लेकर जारी हलचल के बीच पीएम और गृह मंत्री की बैठक में क्या फैसला होता है इस पर हर किसी की नजर है. पीएम नरेंद्र मोदी के आवास पर पहुंचने से पहले अमित शाह ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से भी मुलाकात की है.

  • 09:17 ISTPosted by Tirupati Srivastava

    संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत ही जोड़ा गया था अनुच्छेद 35A

    -अनुच्छेद 35A की वजह से जम्मू कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता है.
    -अनुच्छेद 370 की वजह से जम्मू कश्मीर में अलग झंडा और अलग संविधान चलता है.
    -आर्टिकल 370 के कारण कश्मीर में विधानसभा का कार्यकाल 6 साल का होता है, जबकि अन्य राज्यों में 5 साल का होता है.
    -आर्टिकल 370 के कारण भारतीय संसद के पास जम्मू-कश्मीर को लेकर कानून बनाने के अधिकार बहुत सीमित हैं.
    -संसद में पास कानून जम्मू कश्मीर में तुरंत लागू नहीं होते हैं. शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, मनी लांड्रिंग विरोधी कानून, कालाधन विरोधी कानून और भ्रष्टाचार विरोधी कानून कश्मीर में लागू नहीं है. इससे यहां ना तो आरक्षण मिलता है, ना ही न्यूनतम वेतन का कानून लागू होता है.

  • 09:17 ISTPosted by Tirupati Srivastava

    आखिर क्या है आर्टिकल 35A?

    -आर्टिकल 35A से जम्मू कश्मीर सरकार को यह अधिकार मिला है कि वह किसे अपना स्थायी निवासी माने और किसे नहीं.

    -जम्मू कश्मीर सरकार उन लोगों को स्थायी निवासी मानती है जो 14 मई 1954 से पहले कश्मीर में बस गए थे.

    -कश्मीर के स्थायी निवासियों को जमीन खरीदने, रोजगार पाने और सरकारी योजनाओं में विशेष अधिकार मिला है.

    -देश के किसी दूसरे राज्य का निवासी जम्मू-कश्मीर में जाकर स्थायी निवासी के तौर पर नहीं रह सकता.

    -दूसरे राज्यों के निवासी ना कश्मीर में जमीन खरीद सकते हैं, ना राज्य सरकार उन्हें नौकरी दे सकती है.

    -अगर जम्मू-कश्मीर की कोई महिला भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से शादी कर ले तो उसके और उसके बच्चों के प्रॉपर्टी राइट छीन लिए जाते हैं. उमर अब्दुल्ला का निकाह गैर कश्मीरी महिला से हुआ है लेकिन उनके बच्चों को सारे अधिकार हासिल हैं. उमर अब्दुल्ला की बहन सारा अब्दुल्ला का निकाह गैर कश्मीरी व्यक्ति से होने के कारण संपत्ति के अधिकार से वह वंचित कर दी गई हैं.

  • 09:16 ISTPosted by Tirupati Srivastava

    30 हजार अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात


    जम्मू-कश्मीर में मौजूदा हालात के मद्देनजर प्रशासन ने पर्यटकों से कश्मीर छोड़ने को कहा है. प्रशासन ने सोमवार तक सभी होटलों से पर्यटकों को वापस जाने के लिए कहने का निर्देश दिया है. बता दें हाल ही में घाटी में सुरक्षा के मद्देनजर कश्मीर में 30 हजार अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि घाटी में कुछ बड़ा होने वाला है. घाटी में 35 ए को लेकर भी आशंकाओं का दौर परवान पर है. रविवार को जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई. बैठक में गृह मंत्रालय के अफसर, गृह सचिव राजीव गाबा और NSA अजित डोभाल मौजूद थे.

  • 09:14 ISTPosted by Tirupati Srivastava

    महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला नजरबंद

    कश्मीर में लगातार बदलते हालात के बीच राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और एनसी नेता उमर अब्दुल्ला को श्रीनगर में नजरबंद किया गया है. नजरबंद होने के बाद उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने ट्वीट किया कि हिंसा से केवल उन लोगों के हाथों में खेलेंगे जो राज्य की भलाई नहीं चाहते. शांति के साथ रहें और ईश्वर आप सभी के साथ रहें. वहीं नजरबंद होने से पहले भी दोनों नेताओं ने कई ट्वीट किए. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सुनने में आ रहा है कि जल्द ही इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया जाएगा. कर्फ्यू पास भी जारी किए जा रहे हैं. अल्लाह जाने क्या होगा. यह एक लंबी रात होने जा रही है. बता दें कि उमर अब्दुल्ला ने पहले ही नजरबंद होने का दावा कर दिया था.

  • 09:14 ISTPosted by Tirupati Srivastava

    जम्मू-कश्मीर हलचल तेज, इंटरनेट सेवा बंद

    जम्मू-कश्मीर हलचल तेज हो गई है. यहां पर रैपिड एक्शन फोर्स समेत 30 हजार अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है. सुबह 6 बजे से जम्मू जिले में धारा 144 लगा दी गई है. यहां के सभी स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थानों को बंद करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा जम्मू में इंटरनेट सेवा को भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है.

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