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अयोध्या मामले में सुनवाई शुरू, निर्मोही अखाड़े ने कहा- राममंदिर का कब्जा उसके पास था

aajtak.in अगस्त 28, 2019
अपडेटेड 22:41 IST

अयोध्या रामजन्म भूमि मामले में सुनवाई शुरू हो चुकी है. निर्मोही अखाड़े ने दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा कि राममंदिर का कब्जा और देखरेख उसके पास ही था. वही, शंकराचार्य स्वरूपानंद की अगुआई वाली रामजन्म भूमि पुनरुद्धार समिति की ओर से दलीलें पेश की जा रही हैं. एडवोकेट पीएन मिश्रा पक्ष रख रहे हैं.

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निर्मोही अखाड़े ने कहा- राममंदिर का कब्जा उसके पास थासांकेतिक फोटो

हाइलाइट्स

  • अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू
  • निर्मोही अखाड़े ने दस्तावेज का हवाला दिया
  • कोर्ट में एडवोकेट पीएन मिश्रा पक्ष रख रहे हैं
  • 13:39 ISTPosted by Tirupati Srivastava

    12वें दिन सुनवाई के दौरान पीठ ने ये कहा था

    पीठ ने दशकों पुराने और राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में सुनवाई के 12वें दिन दलीलें सुनते हुए कहा था कि अखाड़े के और रामलला के मुकदमों और दावों के बीच कोई द्वंद्व नहीं है. यदि रामलला जीतते हैं तो सेवियत के रूप में आपका अधिकार बरकरार रहता है.

  • 13:29 ISTPosted by Tirupati Srivastava

    कोर्ट ने जताई थी नाराजगी

    अयोध्या मामले में सुनवाई के दौरान सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने उस वक्त कड़ी नाराजगी जताई जब हिंदू पक्षकार ही रामलला के विरोध में उतर आए थे. बेंच के प्रमुख चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने अखाड़े को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आपका ये दावा अटपटा है कि ‘सेवियत’ यानी सेवायत होने के नाते केवल आपकी याचिका ही विचार योग्य है.

  • 13:01 ISTPosted by Tirupati Srivastava

    निर्मोही अखाड़ा ने कहा- राममंदिर का कब्जा उसके पास था

    सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई के दौरान निर्मोही अखाड़े ने दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा कि राममंदिर का कब्जा और देखरेख उसके ही पास था. अब फिर से शंकराचार्य स्वरूपानंद की अगुआई वाली रामजन्म भूमि पुनरुद्धार समिति की ओर से दलीलें जारी हैं. एडवोकेट पीएन मिश्रा पक्ष रख रहे हैं.

  • 13:01 ISTPosted by Tirupati Srivastava

    अयोध्या मामले में सुनवाई शुरू

    सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई शुरू हो चुकी है. बता दें कि सर्वोच्च अदालत ने रामजन्म भूमि मामले में पहले मध्यस्थता का रास्ता अपनाने को कहा था, लेकिन मध्यस्थता से कोई हल नहीं निकला. जिसके बाद अदालत इस मामले पर रोजाना सुनवाई कर रही है. संविधान पीठ में चीफ जस्टिस के अलावा न्यायमूर्ति एस.ए. बोबडे, न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस.ए. नजीर शामिल हैं.

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