एडवांस्ड सर्च

NRC पर ओवैसी के बाद बीजेपी नेता हेमंत बिस्वा शर्मा ने भी जताई नाराजगी

मनोज्ञा लोइवाल अगस्त 31, 2019
अपडेटेड 19:46 IST

असम एनआरसी की फाइनल लिस्ट जारी कर दी गई है. गृह मंत्रालय ने फाइनल लिस्ट की सूची जारी की. एनआरसी के स्टेट कॉर्डिनेटर प्रतीक हजेला ने बताया कि 3 करोड़ 11 लाख 21 हजार लोगों का एनआरसी की फाइनल लिस्ट में जगह मिली और 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया. जो लोग इससे संतुष्ट नहीं है, वे फॉरनर्स ट्रिब्यूनल के आगे अपील दाखिल कर सकते हैं. राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सुरक्षा-व्यवस्था के लिए 51 कंपनियां तैनात की गई हैं.

Check Latest Updates
Advertisement
NRC पर ओवैसी के बाद हेमंत बिस्वा शर्मा ने भी जताई नाराजगीNRC Final List Live Updates

हाइलाइट्स

  • असम एनआरसी की फाइनल लिस्ट जारी
  • 19 लाख लोगों का नाम लिस्ट से बाहर
  • कई लोगों का भविष्य अधर में लटका
  • खाना तक नहीं खा पा रहे लोग, उड़ी रातों की नींद
  • 17:42 ISTPosted by Ajit Tiwari

    अभी और भी बहुत कुछ सामने आना बाकी है- हेमंत बिस्वा शर्मा

    असम के वित्त मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने शनिवार को कहा कि वह राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर सारी उम्मीदें छोड़ चुके हैं क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार विदेशियों को राज्य से बाहर करने के नए तरीकों पर चर्चा कर रही हैं. अंतिम एनआरसी सूची जारी होने से पहले शर्मा ने कहा, 'मैंने एनआरसी को लेकर सभी उम्मीदें खो दी हैं. मैं बस चाहता हूं कि दिन बिना किसी बुरी घटना के शांति से गुजर जाए.'

    मंत्री ने आगे कहा, 'दिल्ली और असम सरकार विदेशियों को राज्य से बाहर निकालने के लिए नए तरीकों पर चर्चा कर रही हैं. मुझे नहीं लगता कि यह अंतिम सूची है, अभी और भी बहुत कुछ सामने आना बाकी है.'

  • 14:09 ISTPosted by Rachit kumar

    ओवैसी बोले- बीजेपी को सीखना चाहिए सबक

    एनआरसी लिस्ट जारी होने के बाद एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, बीजेपी को सबक सीखना चाहिए. उन्हें हिंदू और मुस्लिम के आधार पर देशभर में एनआरसी की मांग को बंद कर देना चाहिए. उन्हें सीखना चाहिए कि असम में क्या हुआ. अवैध घुसपैठियों का भ्रम टूट गया है. उन्होंने कहा, ये मेरा अपना संदेह है कि बीजेपी नागरिकता संशोधन बिल के जरिए बीजेपी ऐसा बिल ला सकती है, जिससे सभी गैर मुस्लिमों को नागरिकता दे सकती है, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन होगा.ओवैसी ने कहा, असम के कई लोगों ने मुझे बताया कि माता-पिता के नाम लिस्ट में हैं जबकि बच्चों के नहीं. उदाहरण के तौर पर मोहम्मद सनाउल्लाह ने सेना में काम किया. उनका मामला हाई कोर्ट में लंबित है. मुझे उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा.

  • 13:54 ISTPosted by Rachit kumar

    मोहम्मद सनाउल्लाह बोले- नहीं थी लिस्ट में नाम होने की उम्मीद

    इस मामले में सेना से रिटायर हुए अधिकारी मोहम्मद सनाउल्लाह ने कहा, मुझे अपना नाम लिस्ट में होने की उम्मीद नहीं थी क्योंकि मेरा मामला अभी भी हाई कोर्ट में लंबित है, मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और मुझे विश्वास है कि न्याय जरूर मिलेगा.




  • 13:39 ISTPosted by Rachit kumar

    हिमंत बिस्व शर्मा बोले- फिर से हो वेरिफिकेशन

  • 12:25 ISTPosted by Rachit kumar

    तेलंगाना में भी लागू हो एनआरसी : राजा सिंह

  • 12:21 ISTPosted by Rachit kumar

    हिंसा की कोई घटना नहीं

    गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि एनआरसी की फाइनल लिस्ट की घोषणा के बाद स्थिति शांतिपूर्ण है. गृह मंत्रालय राज्य के डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी से लगातार संपर्क में है. अब तक हिंसा की कोई घटना सामने नहीं आई है. एनआरसी की सूची आने के बाद गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक असम में कानून व्यवस्था कायम करने के लिए सारे बंदोबस्त किए जा चुके हैं. साथ ही ट्रिब्यूनल बनाए गए हैं, जिन लोगों का नाम नहीं आया है वह इसमें आवेदन कर सकते हैं.

  • 11:44 ISTPosted by Rachit kumar

    जा सकते हैं हाई कोर्ट

    ये लोग पहले फॉरनर्स ट्रिब्यूनल (एफटी) जा सकते हैं, और एफटी के आदेश से संतुष्ट नहीं होने पर उच्च अदालत में याचिका दायर कर सकते हैं.' उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी एनआरसी सूची से निकाले गए लोगों को जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के माध्यम से कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए सभी जरूरी बंदोबस्त करेगी.

  • 11:44 ISTPosted by Rachit kumar

    नहीं लिया जा सकता हिरासत में

    अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह राजनीति) कुमार संजय कृष्णा ने कहा, 'ये ट्रिब्यूनल याचिका दायर करने और सुनवाई को बिना किसी व्यवधान के सुनिश्चित करने के लिए सुविधाजनक स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे.' उन्होंने कहा, 'एनआरसी की अंतिम सूची से निकाले गए लोगों को तब तक हिरासत में नहीं लिया जा सकता, जब तक फॉरनर्स ट्रिब्यूनल अपना फैसला नहीं सुना देते.


  • 11:43 ISTPosted by Rachit kumar

    अब ये हैं विकल्प

    अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह राजनीति) कुमार संजय कृष्णा ने कहा कि ऐसे 200 ट्रिब्यूनल्स स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है और सूची से निकाले गए लोगों के हितों के लिए ऐसे 200 और ट्रिब्यूनल्स जल्द स्थापित किए जाएंगे. फॉरनर्स ट्रिब्यूनल अर्ध न्यायिक कोर्ट होते हैं, जो एनआरसी सूची से निकाले गए लोगों की अपील सुनते हैं.

  • 11:34 ISTPosted by Rachit kumar

    एनआरसी केंद्रों के बाहर लंबी लाइन

    असम एनआरसी की लिस्ट जारी होने के बाद असम में खलबली मच गई है. लोगों की एनआरसी सेवा केंद्र के बाहर लंबी लाइन लग गई है. वह यह देखने के लिए आए हैं कि क्या उनका नाम लिस्ट में है या नहीं.

  • 11:16 ISTPosted by Rachit kumar

    3 करोड़ 30 लाख लोगों ने किया था आवेदन

    इसके लिए 3 करोड़ 30 लाख लोगों ने आवेदन किया था, जिसमें से 3 करोड़ 11 लाख 21 हजार 4 लोगों की नागरिकता साबित हो गई. इसके बाद 19 लाख 6 हजार 657 लोगों को सूची में जगह नहीं मिल पाई.

  • 11:02 ISTPosted by Rachit kumar

    एनआरसी मुद्दे पर कुछ देर में 10 जनपथ पर कांग्रेस की बैठक




  • 10:19 ISTPosted by Rachit kumar

    असम एनआरसी की फाइनल लिस्ट जारी

    असम एनआरसी की फाइनल लिस्ट जारी कर दी गई है. गृह मंत्रालय ने फाइनल लिस्ट की सूची जारी की. सुरक्षा-व्यवस्था के लिए 51 कंपनियां तैनात की गई हैं.एनआरसी के स्टेट कॉर्डिनेटर प्रतीक हजेला ने बताया कि 3 करोड़ 11 लाख 21 हजार लोगों को एनआरसी की फाइनल लिस्ट में जगह मिली और 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया. जो लोग इससे संतुष्ट नहीं है, वे फॉरनर्स ट्रिब्यूनल के आगे अपील दाखिल कर सकते हैं.

  • 10:12 ISTPosted by Rachit kumar

    1951 में आया था पहला ड्राफ्ट

    असम एनआरसी की पहली लिस्ट 1951 में जारी की गई थी. जब 30 जुलाई 2018 को ड्राफ्ट पब्लिश हुआ तो 40.7 लाख लोगों को बाहर रखा गया था. 

  • 10:08 ISTPosted by Rachit kumar

    120 दिनों के भीतर अप्लाई कर सकेंगे लोग

    मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि जिन लोगों का नाम लिस्ट में शामिल नहीं होगा, वे फॉर्नर ट्रिब्यूनल में 120 दिनों के भीतर अप्लाई कर सकते हैं. सुरक्षा -व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 51 कंपनियां तैनात की गई हैं.

  • 09:29 ISTPosted by Rachit kumar

    ऐसे हुई थी शुरुआत

    साल 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगुआई में केंद्र सरकार, असम सरकार और ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) के बीच त्रिपक्षीय बैठक हुई, जिसमें तय किया गया कि असम समझौते में किए गए वादों को पूरा करने के लिए NRC को अपडेट करने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए. इसके लिए तौर-तरीकों को केंद्र ने असम सरकार की सलाह से स्वीकार किया.

  • 09:22 ISTPosted by Rachit kumar

    400 विदेशी न्यायाधिकरणों की होगी स्थापना

    असम सरकार राज्य में 400 विदेशी न्यायाधिकरणों की स्थापना करेगी, ताकि उन लोगों के मामलों से निपटा जा सके, जिन्हें अंतिम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) से बाहर रखा गया है. अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह राजनीतिक) कुमार संजय कृष्ण ने कहा कि 200 ऐसे न्यायाधिकरण स्थापित करने के लिए प्रक्रिया पहले से ही है और 200 से अधिक लोगों को बाहर रखा जाएगा. विदेशियों के न्यायाधिकरणों को एनआरसी से बाहर रखे गए लोगों की अपील सुनने के लिए अर्ध न्यायिक अदालतें हैं.

  • 09:14 ISTPosted by Rachit kumar

    डीजीपी बोले- अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

    असम के डीजीपी कुलाधर सैकिया ने कहा कि कोई व्यक्ति माहौल बिगाड़ने या अफवाह फैलाने की कोशिश करे तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि एनआरसी को अपडेट करने का काम काफी समय से चल रहा है और कई चुनौतियों के बीच पुलिस व्यवस्था बनाने में कामयाब रही.

  • 08:41 ISTPosted by Rachit kumar

    किसी का नहीं होगा उत्पीड़न: असम सीएम

    इस मामले पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि एनआरसी लिस्ट में जो लोग छूट गए हैं. उनकी परेशानियों पर सरकार ध्यान देगी और यह देखेगी कि उनका किसी तरह का उत्पीड़न न हो.

  • 08:32 ISTPosted by Rachit kumar

    2013 में सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश

    सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में एनआरसी को अपडेट करने का आदेश दिया था ताकि वह बोनाफाइड नागरिकों की पहचान कर सके और अवैध अप्रवासियों को बाहर निकाला जा सके. लेकिन असली काम फरवरी 2015 में शुरू हुआ.

  • 08:16 ISTPosted by Rachit kumar

    लोगों को टेंशन, पता नहीं लिस्ट में नाम आएगा या नहीं

    पेशे से पत्रकार नबारूण गुहा को जब उन्हें पता चला कि उनका नाम अंतरिम और अंतिम मसौदे में शामिल नहीं हुआ है. उसके बाद से वह दो बार एनआरसी सेवा केंद्र (एनएसके) का दौरा कर चुके हैं. उन्हें अब भी विश्वास नहीं है कि शनिवार को जब रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स का अंतिम प्रकाशन होगा तो उनका नाम उसमें शामिल होगा अथवा नहीं.

  • 08:07 ISTPosted by Rachit kumar

    बोडो और चाय आदिवासी चिंतित नहीं

    बोडोलैंड स्वायत्तशासी क्षेत्र जिले (बीटीएडी) के कई बोडो और चाय आदिवासी चिंतित नहीं हैं. उनका कहना है कि वे असम के स्थानीय निवासी हैं और कोई भी उन्हें उनकी जमीन से नहीं हटा सकता.

  • 08:05 ISTPosted by Rachit kumar

    41 लाख लोगों के बाहर होने की आशंका

    एनआरसी की फाइनल लिस्ट आने से पहले लोगों में टेंशन बढ़ गई है. लिस्ट जारी होने के बाद 41 लाख लोगों को बाहर किया जा सकता है. कई लोगों को इसके बाद नींद तक नहीं आ रही है और खाना-पीना भी छोड़ दिया है.

  • 08:03 ISTPosted by Rachit kumar

    संवेदनशील इलाकों में निषेधाज्ञा लागू

    राजनीतिक दलों द्वारा गलत तरीके से लोगों को एनआरसी में शामिल करने या निकाले जाने के आरोपों के बीच इसे शनिवार को सार्वजनिक किया जाएगा और राज्य प्रशासन ने गुवाहाटी सहित संवेदनशील इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है.अधिकारियों ने बताया कि कार्यालयों में सामान्य कामकाज, आमजनों और यातायात की सामान्य आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया गया है.

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay