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US में हमले के शिकार ने कहा- पगड़ी बनी मेरा हेलमेट, तब बचा

माल्ही ने कहा- मेरी पगड़ी ने वास्तव में मुझे बचाया. वे 1992 में अमेरिका से भारत आए थे और अब यहां के स्थायी निवासी हैं.
US में हमले के शिकार ने कहा- पगड़ी बनी मेरा हेलमेट, तब बचा प्रतीकात्मक फोटो.
aajtak.in [Edited by: अभिषेक आनंद]नई दिल्ली, 07 August 2018

अमेरिका में दो श्वेत व्यक्तियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले और मारपीट के शिकार 50 वर्षीय एक सिख ने कहा- ‘मेरी पगड़ी ने मुझे बचा लिया.' हमलावरों ने उन पर नस्ली टिप्पणी भी की.

सुरजीत सिंह माल्ही ने कहा कि वह कैलिफोर्निया में अपने घर के पास अमेरिकी प्रतिनिधि जेफ डेनहम के लिये राजनीतिक सामग्री चिपका रहे थे जो बतौर रिपब्लिकन उम्मीदवार फिर से चुनाव मैदान में खड़े हैं. इसी दौरान दो आदमी आए और उन्होंने चिल्लाते हुए टिप्पणी की कि ‘तुम्हारा यहां स्वागत नहीं है, अपने देश वापस जाओ.’

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, माल्ही ने कहा, ‘मेरी पगड़ी ने वास्तव में मुझे बचाया.’ उन्होंने कहा कि उनकी पगड़ी ने ‘हेलमेट की तरह, या उससे भी ज्यादा मजबूती की तरह काम किया.’

उन्होंने कहा, ‘दो आदमी मेरे पीछे आए टोकने लगे. उन्होंने मेरी आंख में रेत झोंक दी जिससे मैं उन्हें न देख सकूं.’ उन्होंने मेरा सिर पकड़ा और छड़ी और बेल्ट से मेरी पिटाई कर दी. माल्ही ने बताया, ‘जिस तरह से वे मुझे मार रहे थे, हो सकता था मैं मर जाता. कह रहे थे तुम यहां के नहीं हो.’

माल्ही 1992 में अमेरिका से भारत आए थे और अब वहां के स्थायी निवासी हैं. वह पगड़ी पहनते हैं और हो सकता है कि यह कारण हो कि उन्हें निशाना बनाया गया, लेकिन इससे उनकी जान भी बच गई. खबर के मुताबिक, माल्ही ने कहा कि सबकुछ बेहद तेजी से हुआ. वह हमलावरों को अच्छे से देख नहीं पाए, लेकिन जांचकर्ताओं को बताया कि वे दो लोग थे जिन्होंने काली टी-शर्ट पहन रखी थी.

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