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मोदी के अमेरिका दौरे से भारत को हैं ये 10 उम्मीदें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आयरलैंड से अमेरिका दौरे पर रवाना होंगे. संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली में हिस्सा लेने गए मोदी की मुलाकात अगले हफ्ते ओबामा से होनी है. मोदी इसके बाद सिलिकॉन वैली में फेसबुक के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग से भी मुलाकात करेंगे. मोदी के अमेरिकी दौरे से भारत को हैं ये 10 उम्मीदें.

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aajtak.in [Edited by: आदर्श शुक्ला]नई दिल्ली, 23 September 2015
मोदी के अमेरिका दौरे से भारत को हैं ये 10 उम्मीदें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आयरलैंड से अमेरिका दौरे पर रवाना होंगे. संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली में हिस्सा लेने गए मोदी की मुलाकात अगले हफ्ते ओबामा से होनी है. मोदी इसके बाद सिलिकॉन वैली में फेसबुक के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग से भी मुलाकात करेंगे. मोदी के अमेरिकी दौरे से भारत को हैं ये 10 उम्मीदें.

1. मंगलवार को भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जो बिडेन के बीच मुलाकात हुई. बिडेन ने कहा कि अमेरिका भारत का बेस्ट फ्रेंड बनना चाहता है. सुषमा ने भी दोनों देशों को स्वभाविक दोस्त बताया.

2. इस साल दिसंबर में पेरिस में जलवायू परिवर्तन पर दुनिया भर के देश कोई हल निकालने का प्रयास करेंगे. इस लिहाज से भी मोदी और ओबामा की मुलाकात अहम रहेगी.

3. मोदी ने भारत की उर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भगवा क्रांति की शुरुआत की है. सरकार ने 2022 तक 100 गिगावॉट सौर उर्जा हासिल करने का लक्ष्य तय किया है. इसके लिए लगभग 100 बिलियन डॉलर के निवेश की जरूरत होगी. मोदी के अमेरिकी दौरे में इस निवेश के रास्ते भी तलाशे जाएंगे.

4. ग्लोबल वार्मिंग के खतरे से निपटने के लिए ओबामा सरकार ने इसी साल अगस्त में क्लीन पावर प्लान शुरू किया है. इस प्लान से ओबामा कार्बन उत्सर्जन में अमेरिकी हिस्सेदारी कम करना चाहते हैं. ओबामा का लक्ष्य है कि अमेरिका का कार्बन उत्सर्जन 2030 तक 32 फीसदी तक कम किया जा सके.

5. भारत वैश्विक मंचों पर कार्बन उत्सर्जन की सीमा तय करने से मना करता रहा है. भारत ने विकसित और विकासशील देशों के लिए अलग-अलग सीमा तय करने की मांग की है. भारत में कोयला उर्जा का एक प्रमुख स्त्रोत है. इसके अलावा अभी भी कई इलाकें ऐसे हैं जहां बिजली तक नहीं पहुंची है. उम्मीद की जा रही है कि मोदी ओबामा के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे.

6. रक्षा एक ऐसा मसला है जिस पर दोनों देशों की तरफ से कोई ठोस फैसला आ सकता है. इस साल की शुरुआत में ही दोनों देशों ने 10 साल के रक्षा संबंधों की घोषणा की. इस दौरान दोनों देश जेट इंजन, एयरक्राफ्ट डिजाइन सहित कई तकनीकें साझा करेंगे.

7. मंगलवार को ही भारत ने अमेरिका से बोइंग की अपाचे और चिनूक हैलिकॉप्टर खरीदने को मंजूरी दी. भारत इसके लिए 3 बिलियन डॉलर की कीमत चुकाएगा. पिछले कुछ सालों में अमेरिका ने भारत के साथ 10 बिलियन से ज्यादा के रक्षा सौदें किए हैं.

8. भारत और अमेरिका के बीच लंबे रक्षा संबंधों पर डिफेंस फ्रेमवर्क पैक्ट की आधारशिला ओबामा के भारत दौरे के वक्त ही पड़ गई थी. जून में अमेरिकी रक्षा सचिव आस्टन कार्टर के भारत दौरे में काफी चीजें तय हो गईं. भारत रक्षा क्षेत्र में अमेरिकी तकनीक का फायदा उठाना चाहेगा.

9. भारत के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए अमेरिका कितना गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगता है कि पेंटागन ने पहली बार किसी देश के लिए अलग से सेल बनाया है. अमेरिका भारत के साथ सैन्य अभ्यास, हाई टेक मिलिट्री साजो-सामान का उत्पादन को तेज करना चाहता है.

10. ओबामा-मोदी की मुलाकात में शिक्षा के क्षेत्र में भी कुछ सार्थक फैसले आने की उम्मीद होगी. पिछले एक साल में पढ़ाई के लिए अमेरिका में आवेदन देने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में लगभग 40 फीसदी का उछाल आया है.

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