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कोरोना वायरस: महबूबा मुफ्ती की रिहाई के लिए बेटी इल्तिजा ने LG को लिखा खत

इल्तिजा ने दलील दी है कि जब अमेरिका में जेलों से कैदियों को छोड़ा जा रहा है तो यहां पिछले 8 महीने से गढ़े हुए आरोप के आधार पर जेल में रखे गए लोगों को रिहा करने में भारत सरकार की हिचक समझ से परे है.

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aajtak.in
कमलजीत संधू नई दिल्ली, 23 March 2020
कोरोना वायरस: महबूबा मुफ्ती की रिहाई के लिए बेटी इल्तिजा ने LG को लिखा खत महबूबा मुफ्ती की रिहाई की अपील (फोटो- पीटीआई)

  • उपराज्यपाल को लिखी चिट्ठी
  • मांगी महबूबा मुफ्ती की रिहाई

जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की रिहाई की मांग को लेकर उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखी है. कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए उन्होंने अपनी मां महबूबा मुफ्ती और हिरासत में लिए गए अन्य सभी लोगों को छोड़ने की मांग की है.

इल्तिजा ने दलील दी है कि जब अमेरिका में जेलों से कैदियों को छोड़ा जा रहा है तो यहां पिछले 8 महीने से लगाए गए आरोप के आधार पर जेल में रखे गए लोगों को रिहा करने में भारत सरकार की हिचक समझ से परे है.

उपराज्यपाल को भेजी 23 मार्च की तारीख वाली चिट्ठी में इल्तिजा ने लिखा है, “जैसा कि आपको पता है हजारों कश्मीरी, जिनमें मेरी मां महबूबा मुफ्ती भी शामिल हैं, 5 अगस्त से जेल में हैं. वहीं दुनिया घातक COVID-19 (जिसे WHO वैश्विक महामारी घोषित कर चुका है) से जंग के लिए तैयार हो रही है. भारत में बहुत संभव है कि हालात अब तीसरे स्टेज में पहुंच चुका है. जिसमें वायरस सामुदायिक संक्रमण के जरिए तेजी से फैलता है. जम्मू और कश्मीर में 4 पॉजिटिव केस रिपोर्ट हो चुके हैं और आने वाले हफ्तों में तेजी से ये संख्या बढ़ सकती है.”

इल्तिजा ने आगे लिखा है, COVID-19 के लिए अभी कोई दवा या टीका नहीं बना है, इसलिए खुद को आइसोलेशन में रखना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है. भीड़ वाली जेलों और स्वास्थ्य रक्षा सुविधाओं के अभाव में वहां रखे गए लोगों को संक्रमण का बहुत खतरा है. ये कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि भारत भर में जेल संक्रामक बीमारी का इपिसेंटर बन सकते हैं.

इल्तिजा ने चिट्ठी में ये हवाला भी दिया है कि जेलों में बंद 65 वर्ष की आयु से अधिक के वरिष्ठ नागरिक, डायबिटीज, हाइपरटेंशन और सांस की तकलीफ वाले लोग भी हैं जो कम प्रतिरोधक क्षमता की वजह से आसानी से COVID-19 के संक्रमण का शिकार हो सकते हैं. घाटी से सैकड़ों वरिष्ठ नागरिक इस वक्त देश की कई जेलों में विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे हैं.

और पढ़ें- कोरोना से जंग: पंजाब के बाद महाराष्ट्र में भी कर्फ्यू का ऐलान, धार्मिक स्थल बंद

चिट्ठी में इल्तिजा ने लिखा- उपरोक्त परिस्थितियों में मैं आपसे हिरासत में रखे गए सभी लोगों को तत्काल रिहा करने और अपने घर जाने की इजाजत देने का आग्रह करती हूं. हम असाधारण मेडिकल स्थिति का सामना कर रहे हैं और पूरे विश्व में स्वास्थ्य-सुरक्षा ढांचे चरमरा रहे हैं, मैं अपने आग्रह पर आपसे विचार करने की अपील करती हूं. मुझे विश्वास है कि आप सामूहिक स्वास्थ्य और हिरासत में बंद हर व्यक्ति की सलामती को उनकी हिरासत के अन्य सभी कारणों से ऊपर रख कर फैसला करेंगे.”

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