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बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे राहुल बोले- हां ये राजनीतिक बदला है, केंद्र मुझे ऐसे ही रोकता है

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को तमिलनाडु और पुड्डुचेरी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे. लेकिन नेशनल हेराल्ड केस ने यहां भी उनका पीछा नहीं छोड़ा. पत्रकारों के इस बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उन्हें चुप कराना चाहती है, लेकिन वह चुप नहीं बैठेंगे.

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aajtak.in [Edited By: विकास वशिष्ठ]पुड्डुचेरी , 08 December 2015
बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे राहुल बोले- हां ये राजनीतिक बदला है, केंद्र मुझे ऐसे ही रोकता है राहुल गांधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को बाढ़ के हालात का जायजा लेने पुड्डचेरी पहुंचे. लेकिन नेशनल हेराल्ड केस के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'हां ये राजनीतिक बदला है. केंद्र सरकार मुझे ऐसे ही सवाल पूछने से रोकती है. लेकिन मैं चुप नहीं बैठूंगा. मैं सवाल पूछता रहूंगा और केंद्र सरकार पर दबाव बनाता रहूंगा.'

गौरतलब है कि नेशनल हेराल्ड केस में राहुल और सोनिया गांधी को कोर्ट ने फौरी राहत देते हुए 19 दिसंबर को पेश होने का आदेश दिया है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मामले में बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से दाखिल याचिका को राजनीतिक बदला बताया है.

पुड्डुचेरी में हुआ भव्य स्वागत
राहुल पुड्डुचेरी पहुंचकर कुछ समझ पाते इससे पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ता और उनके समर्थकों ने उन्हें घेर लिया. फिर उनका भव्य स्वागत करने लगे. राहुल पर खूब फूल बरसाए गए. हालांकि राहुल ने किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए कहा कि यह वक्त राजनीति का नहीं है.

अपनी आंखों से देखने आया हूं...
राहुल ने कहा कि इस वक्त राजनीति करने से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि हम पुड्डुचेरी और तमिलनाडु के लोगों की ज्यादा से ज्यादा मदद कर पाएं और उन्हें राहत पहुंचा पाएं. मैं यहां जो कुछ भी हुआ है, अपनी आंखों से तबाही का मंजर देखने आया हूं. राहुल तमिलनाडु के कुडालोर जिले के कराईकड गांव भी जाएंगे. यह वही जिला है, जहां से खबर आई थी कि लोग ट्रकों से राहत सामग्री छीन रहे हैं.

कुडालोर सबसे प्रभावित जिलों में से एक
कुडालोर तमिलनाडु के सबसे प्रभावित जिलों में से एक है. अभिनेता सिद्धार्थ ने भी ट्वीट कर कहा है कि कुडालोर को मदद की जरूरत है. वे लोग खुद राहत सामग्री के 20 ट्रक हैंडल कर रहे हैं और जिन इलाकों में सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां सबसे पहले पहुंचा रहे हैं.

कुडालोर के अलावा चेन्नई और कांचीपुरम बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके हैं. राज्य में अब तक 325 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

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