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चेन्नई बाढ़: NDRF का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 85% इलाकों में बिजली बहाल, बसें दौड़ी, कुछ उड़ानें भी शुरू

चेन्नई में जिंदगी अब पटरी पर लौटने लगी है. सड़कों पर भरा पानी अब हटने लगा है. लोगों में उम्मीद बंधी है. बारिश का कहर भी मंद पड़ गया है. फिलहाल भारी बारिश की भी कोई चेतावनी नहीं है. घरों में बिजली लौट आई है. बसें दौड़ने लगी हैं.

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aajtak.in [Edited By: विकास वशिष्ठ]चेन्नई, 05 December 2015
चेन्नई बाढ़: NDRF का सबसे बड़ा ऑपरेशन, 85% इलाकों में बिजली बहाल, बसें दौड़ी, कुछ उड़ानें भी शुरू

चेन्नई में जिंदगी अब पटरी पर लौटने लगी है. तमिलनाडु सरकार ने दावा किया है कि शहर के 85 फीसदी इलाके में बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई है. 65 फीसदी बस सेवाएं भी दोबारा शुरू कर दी गई हैं. चेन्नई एयरपोर्ट पर भरा पानी सुखा दिया गया है. रनवे साफ है. हालांकि केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने बताया कि एयरपोरट का संचालन आंशिक रूप से शुरू कर दिया गया है. लेकिन कमर्शियल फ्लाइट अभी दो दिन बाद शुरू की जाएंगी.

मदद भी पहुंची
चेन्नई में लगातार राहत सामग्री पहुंच रही है. नौसेनाा ने राहत सामग्री से भरा जहाज खाली किया. 

NDRF की 50 टीम तैनात
तमिलनाडु में एनडीआरएफ का किसी भी बाढ़ में सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन रहा. एनडीआरएफ के डीजी ओपी सिंह ने बताया कि राज्य में इस वक्त एनडीआरएफ की 50 टीम राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं. यह सबसे बड़ा अभियान है.

16,000 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया
ओपी सिंह ने बताया कि एनडीआरएफ दलों ने 16,000 लोगों को राज्य में सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया. उन्होंने कहा कि हमने इस बार सोशल मीडिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया. इससे हमें रीयल टाइम सूचनाएं मिलती रहीं.

रातभर रुक-रुककर होती रही बारिश
चेन्नई में रात को बारिश तो हुई, लेकिन रुक-रुककर. इससे जरूरत की सेवाओं को बहाल करने में कोई परेशानी नहीं हुई. सरकार ने दावा किया है कि अब 3000 बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं. इससे पहले शुक्रवार को मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार के लिए भारी बारिश की चेतावनी वापस ले ली थी. यानी अब बारिश की संभावना नहीं है. हालांकि शुक्रवार को दिन में चेन्नई के कुछ इलाकों में बारिश हुई थी, लेकिन उससे जरूरी सेवाओं की बहाली पर ज्यादा असर नहीं पड़ा.

दूसरे जिलों में बिजली की किल्लत
चेन्नई के अलावा तमिलनाडु के बाढ़ प्रभावित तीन अन्य जिलों में भी बिजली नहीं है. खाने-पीने की चीजों का अभाव बना हुआ है. यह त्रासदी अब तक 325 लोगों की जान ले चुकी है.

और बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. पानी हटने के बाद शवों के मिलने से इनकार नहीं किया जा सकता. हजारों सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता पानी के बीच फंसे लोगों को निकाल कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने और इनके बीच खाने-पीने का समान और कंबल बांटने में लगे हुए हैं.

130 से अधिक लोग दिल्ली लाए गए
एक दिन पहले चेन्नई से विश्वविद्यालय के 60 से अधिक छात्रों सहित 130 लोगों और एक फ्रांसीसी जोड़े को विमान से दिल्ली भेजा गया. मौसम ठीक होने की वजह से वायुसेना के दल ने राहत और बचाव कार्य के लिए कई चक्कर लगाए. बारिश के कारण ये छात्र अपने छात्रावासों की ऊपरी मंजिलों पर शरण लिए हुए थे. गुरुवार को करीब 300 लोगों को बचा कर विमान से सुरक्षित भेजा गया था. इनमें से 120 को विमान से दिल्ली भेजा गया.

जलस्तर घटने से राहत
शहर के अंदर मुख्य जलाशयों और नदियों में जलस्तर घटने से कुछ राहत हुई है. लेकिन, शहर के कई इलाके अभी भी पानी में डूबे हुए हैं. राज्य में बारिश से चेन्नई, कुड्डालोर, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. बिजली न होने की वजह से एमआईओटी अस्पताल में 14 मरीजों की मौत हो गई. अस्पताल के प्रबंधन निदेशक पृथ्वी मोहनदास ने बताया कि बिजली न होने की वजह से अस्पताल में उपकरण काम नहीं कर रहे हैं. अस्पताल का बिजली का बैक-अप सिस्टम भी खराब हो गया है.

सबसे अधिक प्रभावित इलाके
अड्यार नदी का जलस्तर कम हो गया है. चेंबारामबक्कम झील से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की वजह से यह नदी उफान पर थी. बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित कांचीपुरम में सेना, नौसेना और वायुसेना बचाव और राहत कार्य में लगी हुईं हैं.

NDRF ने बचाए 9000 लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि चेन्नई के कई इलाके अब भी जलमग्न हैं और ऐसी स्थिति में खाने-पीने की चीजें पहुंचने में परेशानी हो रही है. इस बीच, एनडीआरएफ ने बचाव अभियान और तेज कर दिया है. एनडीआरएफ ने अब तक 9000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. 1.64 लाख से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. लेकिन मूडीचूर और तांबरम जैसे अत्यधिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोग राहत सामग्री मिलने का इंतजार कर रहे हैं.

अब महामारी का खतरा
तमिलनाडु में चेन्नई और तीन जिलों में कई दिनों की भयानक बारिश और बाढ़ के बाद अब महामारी का खतरा बढ़ गया है. हालांकि अब जल स्तर घट रहा है लेकिन महामारी फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है. चिकित्सा विशेषज्ञों ने शुक्रवार को लोगों को महामारी के प्रति आवश्यक सावधानी बरतने का सुझाव दिया है. आपदा प्रंबधन टीम में शामिल डॉक्टर लोगों को उचित व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं.

सेना प्रमुख ने भी किया दौरा

सेना प्रमुख दलबीर सिंह ने शुक्रवार को चेन्नई का दौरा किया और बचाव-राहत कार्य की समीक्षा की. दक्षिण रेलवे ने चेन्नई बीच स्टेशन से तिरुनेलवेली, रामेश्वरम और हावड़ा के लिए विशेष रेल सेवाएं शुरू करने की घोषणा की है ताकि बड़ी संख्या में फंसे मुसाफिरों को भेजा जा सके. संचार व्यवस्था-लैंडलाइन और मोबाइल फोन की सेवाएं बाधित हैं.

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