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टेलीकॉम कंपनियों के संकट पर RBI का क्‍या है रुख? गवर्नर ने कही ये बात

टेलीकॉम कंपनियों को 1.47 लाख करोड़ से अधिक का एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी AGR बकाया चुकाना है. इसकी डेडलाइन बीते शुक्रवार को रात 12 बजे खत्‍म हो गई है.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्‍ली, 15 February 2020
टेलीकॉम कंपनियों के संकट पर RBI का क्‍या है रुख? गवर्नर ने कही ये बात टेलीकॉम कंपनियों पर 1 लाख करोड़ से अधिक का बकाया

  • टेलीकॉम कंपनियों को 1.47 लाख करोड़ का बकाया चुकाना है
  • बीते शुक्रवार को रात 12 बजे खत्‍म हो गई थी इसकी डेडलाइन

एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी AGR बकाये को लेकर देश की टॉप टेलीकॉम कंपनियां संकट में हैं. अब इस पूरे मामले पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास का बयान आया है. शक्‍तिकांत दास ने कहा कि AGR बकाये को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ा कोई मुद्दा उठा तो हम आंतरिक रूप से चर्चा करेंगे.

क्‍यों पूछा गया आरबीआई गवर्नर से सवाल

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और अन्य टेलीकॉम कंपनियों को चेतावनी दी है कि यदि वे एजीआर के 1.47 लाख करोड़ रुपये के आनुमानित बकाए को नहीं चुकाती हैं तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी. कोर्ट के इस आदेश पर आरबीआई गवर्नर से सवाल किया गया था. इस सवाल के जवाब में उन्‍होंने कोई खास टिप्पणी नहीं की.

ये भी पढ़ें- टेलीकॉम कंपनियों के लिए डेडलाइन खत्म, सरकार को चुकाने थे 1.47 लाख करोड़ करोड़

यहां बता दें कि कई बैंकों ने वित्तीय रूप से कमजोर टेलीकॉम कंपनियों को कर्ज दिया है. अब इस कर्ज के डूब जाने की आशंका जताई जा रही है. यही वजह है कि आरबीआई गवर्नर से सवाल किया गया था. इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के प्रमुख रजनीश कुमार ने शुक्रवार को कहा था कि बकाये को चुकाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को अब धन का प्रबंधन करना होगा और यह मानना सबसे सुरक्षित है कि उन्होंने इसके लिए कुछ न कुछ इंतजाम कर लिया है.

शुक्रवार रात तक करना था भुगतान

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्‍युनिकेशन (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों से शुक्रवार रात 12 बजे से पहले एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी AGR भुगतान करने का आदेश दिया था. जिसकी मियादी पूरी हो चुकी है.

ये भी पढ़ें- AGR जिससे है टेलीकॉम कंपनियों के कारोबार का भट्ठा बैठ जाने का डर

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्‍युनिकेशन ने यह फैसला तब लिया जब सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को नोटिस जारी किया. एजीआर भुगतान के लिए और समय की मांग करते हुए वोडाफोन-आइडिया, भारती एयरटेल और टाटा टेलीसर्विसेज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस याचिका को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया था.

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