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कच्चे तेल और रुपये पर रखें नजर, शेयर बाजार में हो सकता है उतार-चढ़ाव

खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा आ सकती है. जी-20 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति के बीच मुलाकात पर दुनियाभर की नजर है, इन सबका शेयर बाजारों पर असर होगा.

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aajtak.in [Edited By: दिनेश अग्रहरि]नई दिल्ली, 24 June 2019
कच्चे तेल और रुपये पर रखें नजर, शेयर बाजार में हो सकता है उतार-चढ़ाव बाजार में हो सकता है उतार-चढ़ाव

घरेलू शेयर बाजार पर इस हफ्ते भी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-चीन के बीच व्यापारिक विवाद से संबंधित घटनाक्रमों का असर देखने को मिलेगा. खासतौर से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा आ सकती है.

उधर, जापान में सप्ताह के आखिर में होने जा रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति के बीच मुलाकात पर दुनियाभर की नजर है, जहां दोनों देशों के बीच व्यापारिक मसलों का समाधान करने की दिशा में पहल की संभावना है.

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक जून महीने के आखिरी सप्ताह में फ्यूचर्स ऐंड ऑप्शंस अनुबंधों की एक्सपायरी से भी बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि जून महीने के एफएंडओ अनुबंध 27 जून को समाप्त होने के बाद कारोबारी जुलाई महीने के अनुबंध में अपना पोजीशन बनाएंगे. सप्ताह के आखिर में पता चलेगा कि बीते महीने मई में देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की गतिविधियां कैसी रहीं, क्योंकि शुक्रवार को इस क्षेत्र के आउटपुट यानी उत्पादन के आंकड़े जारी होंगे.

इस बीच देश में मॉनसून की प्रगति और आगामी बजट पर निवेशकों की नजर है, मगर इस सप्ताह घरेलू बाजार की दिशा तय करने में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल की विशेष भूमिका होगी. ईरान द्वारा अमेरिकी ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद से खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है.

भारत और अमेरिका समेत कई देशों ने अपनी विमानन कंपनियों को ईरानी हवाई क्षेत्र के बदले अन्य वायुमार्गो से उड़ानें संचालित करने को कहा है. भू-राजनीतिक दबाव के कारण कच्चे तेल के दाम में इजाफा होने के साथ-साथ बाजार में कारोबारी रुझान भी कमजोर रह सकता है.   

देश में लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में दोबारा सत्ता में आई राजग सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट अगले महीने के पहले सप्ताह में संसद में पेश होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पांच जुलाई को लोकसभा में अपना पहला बजट पेश करेंगी. निवेशकों की नजर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई और घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई के रुझानों पर रहेगी.

एशियाई बाजार की नजर बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति बैठक के  नतीजों पर पर भी रहेगी, जिसके ब्योरे 25 जून को जारी होने वाले हैं. जापानी केंद्रीय बैंक ने इसी महीने अपनी बैठक में ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है. 

जापान के ओसाका में 28-29 जून को जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है. सम्मेलन में समूह के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष व प्रमुख नेता हिस्सा लेंगे. लिहाजा, इस बैठक पर दुनियाभर की नजर होगी.  

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