एडवांस्ड सर्च

GST पर जेटली और दिग्विजय में लेटरबाजी, ईज ऑफ डुइंग बिजनेस का हुआ उल्टा?

गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (GST) लागू होने से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को ठेस पहुंचेगी? कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को लेटर लिखकर यह जानना चाहा...

Advertisement
aajtak.in
कुमार विक्रांत नई दिल्ली, 20 June 2017
GST पर जेटली और दिग्विजय में लेटरबाजी, ईज ऑफ डुइंग बिजनेस का हुआ उल्टा? क्या वाकई मुश्किल होगा हर महीने कारोबार का ब्यौरा देना

देश में गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (GST) लागू करने की तैयारी जोर शोर से चल रही है. इस बीच विपक्ष में बैठी कांग्रेस से सवाल उठाया है कि क्या जीएसटी लागू करने के बाद देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को ठेस पहुंचेगी? कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने जीएसटी मुद्दे पर वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर जानना चाहा था कि क्या जीएसटी लागू होने के बाद देश में कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा?

 

ईज ऑफ डूइंग से 9 गुना बढ़ा कारोबारी का काम
जीएसटी कानून में अहम प्रावधानों का हवाला देते हुए दिग्विजय ने पत्र के जरिए कहा कि मौजूदा समय में देश में कारोबारी 4 फॉर्म भरकर अपना साल भर का टैक्स का काम पूरा कर लेते हैं. लेकिन जीएसटी प्रावधानों के तहत कारोबारियों को प्रति माह तीन फॉर्म और साल के अंत में एक कंसॉलिडेटेड फॉर्म, कुल 37 फॉर्म भरकर अपनी टैक्स संबंधित सूचनाओं की जानकारी देनी होगी.

इन फॉर्म्स के जरिए कारोबारी केन्द्र सरकार को अपने द्वारा खरीद या बिक्री किए उत्पादों की संख्या और कीमत की पूरी जानकारी देते हैं. जीएसटी लागू हो जाने के बाद कारोबारियों को प्रत्येक महीने की 10 तारीख को खरीद और बिक्री की जानकारी देनी होगी. इसके बाद महीने की 15 तारीख तक उसे किसी तरह के रिफंड के साथ हुई सेल और बिक्री की जानकारी देने होगी. अंत में महीने की 20 तारीख तक उसे एक कंसॉलिडेटेड आंकड़े देने होंगे. इस जानकारी में कारोबारी को उसका ब्यौरा भी देना होगा जिससे खरीदारी की गई है.

इसे भी पढ़ें: अर्थात्: जीएसटी को बचाइए

हर महीने की 10, 15 और 20 तारीख कारोबार के लिए अहम
वित्त मंत्री जेटली ने दिग्विजय सिंह के सवालों का जवाब देते हुए कहा है कि कारोबारियों को सिर्फ महीने की 10 तारीख को बिक्री (आउटवर्ड सप्लाई) के आंकड़े देने होंगे. इसके बाद कारोबारी द्वारा बिल के सत्यापन के काम के साथ किसी तरह के क्रेडिट की जानकारी उसे ऑटो-पॉप्युलेटेड मिल जाएगा. बहरहाल, इतना साफ है कि कारोबारियों को महीने की 10,15 और 20 तारीख को खरीद-सेल की सूचना देनी है जो फिलहाल वह साल में तिमाही आधार पर 4 बार करता है और अपना टैक्स अदा करता है.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay