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जानिए क्यों जीएसटी बिल से मायूस हैं दिल्ली के स्पेयर पार्ट कारोबारी?

ऑटोमोटिव पार्ट्स मर्चेंट एसोसिएशन के मुताबिक ऑटो पार्ट्स और कार एसेसरीज पर 12.5% और ट्रैक्टर पार्ट्स पर 5 प्रतिशत वैट लगता है लेकिन अब उस पर जीएसटी की दर 28 प्रतिशत कर दी गयी है.

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पंकज जैन [Edited By: दीपक शर्मा]नई दिल्ली, 20 June 2017
जानिए क्यों जीएसटी बिल से मायूस हैं दिल्ली के स्पेयर पार्ट कारोबारी? दिल्ली में जीएसटी बिल का विरोध करते स्पेयर पार्ट कर्मचारी

दुनियाभर में जीएसटी बिल को क्रांतिकारी टैक्स बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. लेकिन कई कारोबारियों को इस व्यवस्था में अपना नुकसान भी नजर आ रहा है. दिल्ली में गाड़ियों के कलपुर्जे बेचने वाले कारोबारी भी इनमें शामिल हैं.

काली पट्टी बांधकर विरोध
कश्मीरी गेट में एशिया की सबसे बड़ी स्पेयर पार्ट्स मार्केट के व्यापारी जीएसटी बिल की आमद से हताश हैं. इसका विरोध वो हाथों में काली पट्टी बांधकर कर रहे हैं. ये कारोबारी कार स्पेयर पार्ट्स , ट्रैक्टर पार्ट्स और कार एसेसरीज पर निर्धारित 28% GST की दरों के खिलाफ हैं.

क्या है कारोबारियों का शिकवा?
ऑटोमोटिव पार्ट्स मर्चेंट एसोसिएशन के मुताबिक ऑटो पार्ट्स और कार एसेसरीज पर 12.5% और ट्रैक्टर पार्ट्स पर 5 प्रतिशत वैट लगता है लेकिन अब उस पर जीएसटी की दर 28 प्रतिशत कर दी गयी है. एसोसिएशन से जुड़े विष्णु भार्गव और विनय नारंग ने केंद्र सरकार से मांग की है कि 28% की टैक्स दर को घटाकर 18% किया जाये.

समर्थन करेगी आम आदमी पार्टी?
आम आदमी पार्टी की ट्रेड विंग के बृजेश गोयल ने व्यापारियों की मांग को दिल्ली के मुख्यमंत्री के सामने रखने का दावा किया है. ट्रेड विंग दिल्ली सरकार से कहेगा कि वो इस मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को चिट्ठी लिखे.

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