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सार्वजनिक बैंकों के CEO से आज मिलेंगी वित्त मंत्री, कई महत्वपूर्ण मसलों पर होगी चर्चा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को सार्वजनिक बैंकों (PSBs) के सीईओ से मिलेंगी. इस दौरान कर्ज प्रवाह को बढ़ाने जैसे कई मसलों पर चर्चा-समीक्षा की जा सकती है और बैंक अपनी रिपोर्ट कार्ड भी पेश कर सकते हैं.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 14 October 2019
सार्वजनिक बैंकों के CEO से आज मिलेंगी वित्त मंत्री, कई महत्वपूर्ण मसलों पर होगी चर्चा वित्त मंत्री PSB के सीईओ से मिलेंगी (फोटो: पीआईबी)

  • आज सरकारी बैंकों के CEO के साथ वित्त मंत्री की बैठक
  • कई अहम मसलों पर हो सकती है चर्चा-समीक्षा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को सार्वजनिक बैंकों (PSBs) के सीईओ से मिलेंगी. इस दौरान कर्ज प्रवाह को बढ़ाने, मुश्किल में चल रही गैर बैंकिग वित्तीय कंपनियों (NBFC) और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को मिल रहे फंड जैसे कई मसलों पर चर्चा-समीक्षा की जा सकती है.

इस बैठक के दौरान क्रेडिट गारंटी स्कीम और अपनी पूंजी बढ़ाने के लिए बाजार से फंड जुटाने के बारे में बैंक अपनी रिपोर्ट कार्ड पेश कर सकते हैं. गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में IL&FS समूह की कई कंपनियों के डिफॉल्ट के बाद से अब तक कई हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां (HFCs) और अन्य एनबीएफसी के डिफाल्ट करने या संकट से गुजरने का वाकया हो चुका है.

इसके अलावा, इस बैठक में सरकार के बैंकिंग पहुंच बढ़ाने की पहले चरण के कार्यक्रम (आउटरीच एक्सरसाइज) की समीक्षा भी की जाएगी, जो देश के 226 जिलों में आयोजित की गई थी.

कृषि, वाहन, मकान, एमएसएमई, शिक्षा और व्यक्तिगत लोन के लिए पहले चरण में आयोजित 'लोन मेलों' का आयोजन 7 अक्टूबर को खत्म हो गया. इसके पहले इसी महीने किए गए सालाना प्रदर्शन समीक्षा के बाद सरकारी बैंकों ने यह तय किया था कि वे आउटरीच कार्यक्रम को 400 जिलों तक ले जाएंगे.

इसके बाद निजी बैंकों ने भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी. इस कार्यक्रम का दूसरा चरण दिवाली के पहले 21 और 25 अक्टूबर को 209 जिले में आयोजित किया जाएगा. इसके अलावा सार्वजनिक बैंकों द्वारा एमएसएमई को 59 मिनट के भीतर मंजूर करने की अनूठी योजना 'psbloansin59minutes' पोर्टल के द्वारा चलाई जा रही है.

इसकी भी वित्त मंत्री के साथ बैठक में समीक्षा की जा सकती है. पीएम मोदी ने नवंबर 2018 में इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी. इस कार्यक्रम के लॉन्च होने के चार महीने के भीतर ही पोर्टल से 35,000 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए गए थे.

गौरतलब है कि बैंकिंग सेक्टर में बढ़ते एनपीए और सार्वजनिक बैंकों को मुश्किल से उबारने के लिए सरकार लगातार कोशिश कर रही है. कई सार्वजनिक बैंकों का विलय कर दिया गया है ताकि उनका कामकाज आसान हो. हाल में पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (PMC) बैंक के संकट के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस मामले का वित्त मंत्रालय से कोई लेना-देना नहीं है. इस पूरे मामले पर आरबीआई नजर रखे हुए है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में काम कर रहे हैं. जरूरत पड़ी तो हम एक्ट में बदलाव करेंगे, लेकिन अभी इस बदलाव के बारे में ज्यादा कुछ कह नहीं सकते हैं.

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