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एग्जि‍ट पोल के बाद मोदी पर बढ़ा बाजार का भरोसा, अब रिजल्ट पर निगाहें

गुजरात और हिमाचल प्रदेश में एग्जिट पोल के नतीजों में बढत देखकर ना सिर्फ भाजपा की बांछें खिली हैं, बल्कि शेयर बाजार ने भी खिलते कमल के अंदेशे से शुक्रवार को जमकर उछाल मारी है। सेंसेक्स ने सुबह जहां 300 अंकों की छलांग मारी है. वहीं, निफ्टी में भी तेजी देखने को मिली.  बंद होने तक शेयर बाजार में बढ़त बनी रही. बंद होने के समय भी सेंसेक्स में 216 अंकों की बढ़त रही. वहीं, निफ्टी 88 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ.

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विकास जोशी/ आशुतोष मिश्रा नई दिल्ली, 15 December 2017
एग्जि‍ट पोल के बाद मोदी पर बढ़ा बाजार का भरोसा, अब रिजल्ट पर निगाहें बाजार का मोदी पर बढ़ा भरोसा

गुजरात और हिमाचल प्रदेश में एग्जिट पोल के नतीजों में बढत देखकर ना सिर्फ भाजपा की बांछें खिली हैं, बल्कि शेयर बाजार ने भी खिलते कमल के अंदेशे से शुक्रवार को जमकर उछाल मारी है। सेंसेक्स ने सुबह जहां 300 अंकों की छलांग मारी है. वहीं, निफ्टी में भी तेजी देखने को मिली. 

बंद होने तक शेयर बाजार में बढ़त बनी रही. बंद होने के समय भी सेंसेक्स में 216 अंकों की बढ़त रही. वहीं, निफ्टी 88 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ.

बढ़ गई  अच्छे दिनों की उम्मीद

एग्ज‍िट पोल के प्रति शेयर बाजार का रुझान देखकर अहमदाबाद के स्टॉक एक्सचेंज में कारोबारियों की खुशी का ठिकाना नहीं है। 18 दिसंबर को आने वाले नतीजों से पहले शेयर बाजार को और अच्छे दिनों के आने की उम्मीद बढ़ गई है। अब आपके जेहन में यह सवाल उठेगा कि आखिर दो राज्यों के चुनावों के एक्जिट पोल नतीजों में  भाजपा को बढत से बाजार का क्या लेना देना?

गुजरात में हार का मतलब है नुकसान होना

इसी सवाल के जवाब में स्टॉक एक्सचेंज में वायदा कारोबारी अशोक रावल कहते हैं कि मौजूदा समय में गुजरात की सरकार केंद्र सरकारा से जुड़ी हुई है. ऐसे में अगर गुजरात की सरकार को कोई नुकसान होता है, तो इसका सीधा असर केंद्र की मोदी सरकार पर पड़ेगा. इससे मोदी सरकार की नीतियों पर भी असर पड़ता.

मोदी सरकार के काम को सराहा

अशोक रावल के मानें तो एग्ज‍ि‍ट पोल के नतीजे ये दिखाते हैं कि जीएसटी और नोटबंदी पर गुजरात की जनता ने मुहर लगाई है. व्यापारियों और स्टॉक एक्सचेंज के निवेशकों ने भी मोदी सरकार के काम को सराहा है.

कमाया 12 फीसदी मुनाफा

एग्ज‍िट पोल के रुझानों से शेयर बाजार में जो तेजी आई, उसने निवेशकों को कमाने का मौका दिया. कारोबारियों की मानें तो एग्जिट पोल के नतीजों के बाद गुरुवार की सुबह बाजार ने जो उछाल मारी, उसके बाद निवेशकों ने  एक सुबह में ही 10 से 12% तक का मुनाफा कमा लिया। अशोक रावल का कहना है कि, एग्जिट पोल आने के बाद एक या दो दिन पहले जिन्होंने निवेश किया है उन्होंने 10 से 11 प्रतिशत तक कमाया है।

बाजार ने भी किया था एग्ज‍िट पोल

कारोबारी का यहां तक कहना है कि ओपिनि‍यन पोल और एग्ज‍िट पोल सिर्फ मीडिया ने नहीं बल्क‍ि बाजार ने भी किया था. गुजरात के वायदा कारोबारियों के एग्जिट पोल में भाजपा को 115 से 125 सीटें मिलने का दावा किया जा रहा है। लेकिन कारोबारियों को यह भी लगता है कि हार्दिक पटेल जिग्नेश मेवानी और अल्पेश ठाकुर की वजह से भाजपा को गुजरात में राजनीतिक नुकसान जरूर हुआ है।

शेयर कारोबारी एग्जि‍ट पोल के रुझानों से खुश

राजीव शाह भी गुजरात स्टॉक एक्सचेंज में सालों से शेयर खरीदते और बेचते हैं। गुजरात और हिमाचल के एग्जिट पोल के नतीजों के बाद राजीव शाह जैसे तमाम शेयर कारोबारी खुश हैं। राजीव शाह का कहना है कि, "पिछले सप्ताह बाजार में बहुत निराशा थी क्योंकि गुजरात में भाजपा के लिए चुनाव बड़ा मुश्किल दिख रहा था और उसकी वजह से मार्केट सेंटीमेंट भी खराब हो गया था. लेक‍िन जब  एग्जिट पोल के नतीजे आए और सब ने एकतरफा गुजरात में भाजपा की सरकार के दावे किए, तो इससे सेंटीमेंट मजबूत हुआ.

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में भी भाजपा की सरकार बनती  दिखाई दे रही है. इसकी वजह से बाजार का सेंटीमेंट बढ़ाने वाला संकेत मिला है. राजीव शाह के मुताबिक एग्ज‍िट पोल के नतीजे राजनीतिक स्थिरता को दिखा रहे है और आर्थिक नीतियों के जारी होने का संकेत है क्योंकि जब आर्थिक नीतियां जारी रहेंगी, तो निवेशकों को और उद्योग लगाने वालों का भी विश्वास बढ़ता है।

 बाजार से जोड़ कर देख रहे हैं नतीजे

गुजरात के कारोबारी एग्जिट पोल के नतीजों को मार्केट सेंटीमेंट से जोड़ कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि बाजार को प्रधानमंत्री पर भरोसा हो गया है। इसके साथ ही बाजार को राजनीतिक अस्थिरता पर भरोसा है क्योंकि राजनीतिक स्थिरता है, इसीलिए आर्थिक स्थिरता है।

18 दिसंबर पर टिकी निगाहें

लेकिन 18 दिसंबर को क्या होगा इसकी आशंका भी कारोबारियों के मन में जगह बना चुकी है। आज तक से बातचीत में गुजरात स्टॉक एक्सचेंज के कारोबारी राजीव शाह ने तो यहां तक कह दिया कि अगर 18 तारीख को आने वाले नतीजों में गुजरात में भाजपा की सरकार नहीं बनी तो मार्केट न सिर्फ धड़ाम होगा बल्कि बुरी तरह धराशाही हो सकता है।

ऐसे में न सिर्फ पूरे देश की जनता, तमाम राजनीतिक गलियारे बल्कि बाजार की भी नजर 18 दिसंबर को आने वाले असली नतीजों पर टिकी हुई है।

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