एडवांस्ड सर्च

नोटबंदी: इन 8 उद्योगों में गिरावट से सिर्फ GDP नहीं कारोबार भी चौपट हुआ

गुरुवार को आए मई पीएमआई आंकड़े तीन महीने के निचले स्तर पर हैं. निक्केई द्वारा जारी इन पीएमआई आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में पीएमआई 52.5 के स्तर से गिरकर मई में तीन महीने के निचले स्तर 51.6 पर पहुंच गया.

Advertisement
aajtak.in
राहुल मिश्र नई दिल्ली, 01 June 2017
नोटबंदी: इन 8 उद्योगों में गिरावट से सिर्फ GDP नहीं कारोबार भी चौपट हुआ कोयला,कच्चा तेल और गैस उत्पादन में कई महीनों से दर्ज हो रही गिरावट

कोयला,कच्चा तेल और गैस उत्पादन में बीते कई महीनों से दर्ज हो रही गिरावट ने वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में अर्थव्यवस्था की रफ्तार को रोक दिया है. इसके चलते देश के 8 कोर सेक्टर्स में ग्रोथ अप्रैल में तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई. नए वित्त वर्ष 2017-18 के पहले महीने अप्रैल में इन 8 सेक्टर्स की ग्रोथ महज 2.5 फीसदी रही जबकि मार्च 2017 में यह 5.3 फीसदी और पिछले वर्ष अप्रैल में यह 8.7 फीसदी रही.

 

कोर सेक्टर में इस गिरावट का सीधा असर 1 जून को आए मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र के आंकड़ों (पीएमआई) पर भी साफ दिखाई दे रहा है. गुरुवार को आए मई पीएमआई आंकड़े तीन महीने के निचले स्तर पर हैं. निक्केई द्वारा जारी इन पीएमआई आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में पीएमआई 52.5 के स्तर से गिरकर मई में तीन महीने के निचले स्तर 51.6 पर पहुंच गया.

गिरावट दर्ज करने वाले उद्योग हैं
1. कोयला

2. कच्चा तेल

3. प्राकृतिक गैस

4. रिफाइनरी उत्पाद

5. उर्वरक

6. इस्पात

7. सीमेंट और

8. बिजली

केन्द्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक कोयला, कच्चा तेल तथा सीमेंट उत्पादन में क्रमश: 3.8 फीसदी, 0.6 फीसदी तथा 3.7 फीसदी की गिरावट आयी है. प्रमुख क्षेत्रों में धीमी वृद्धि से औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) पर भी असर पड़ेगा क्योंकि कुल औद्योगिक उत्पादन में इन क्षेत्रों का योगदान करीब 41 फीसदी है.

रिफाइनरी उत्पाद तथा बिजली उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल में कम होकर क्रमश: 0.2 फीसदी और 4.7 फीसदी रही जो पिछले साल इसी माह में क्रमश: 19.1 फीसदी तथा 14.5 फीसदी थी. हालांकि प्राकृतिक गैस, उर्वरक और इस्पात क्षेत्र में क्रमश: 2 फीसदी, 6.2 फीसदी तथा 9.3 फीसदी की वृद्धि हुई.

वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि आठ बुनियादी उद्योग के सूचकांक का आधार वर्ष संशोधित कर 2004-05 से 2011-12 किया गया है. बयान के अनुसार यह आईआईपी के नये आधार वर्ष में बदलाव के अनुरूप है. इसमें उद्योग की संख्या उतनी है जितनी कि 2004-05 की श्रृंखला में थी.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay