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एमसीडी को नहीं कोई जल्दी, सरकरी कंपनियों से अब तक करोड़ों का टैक्स नहीं वसूला

दिल्ली की नगरपालिका (एमसीडी) के गड़बड़ियों की पोल खुलने लगी है. गुरुवार को ही एक रिपोर्ट ने बताया कि साउथ दिल्ली में 66 फीसदी टॉवर गैर कानूनी ढंग से लगाएं गए हैं.

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aajtak.in [Edited By: आनंद गुप्ता]नई दिल्ली, 06 July 2015
एमसीडी को नहीं कोई जल्दी, सरकरी कंपनियों से अब तक करोड़ों का टैक्स नहीं वसूला Symbolic Image

दिल्ली की नगरपालिका (एमसीडी) के गड़बड़ियों की पोल खुलने लगी है. गुरुवार को ही एक रिपोर्ट ने बताया कि साउथ दिल्ली में 66 फीसदी टॉवर गैर कानूनी ढंग से लगाएं गए हैं. उसपर साउथ दिल्ली की एमसीडी बस सर्वे की बात कह कर मामले से पल्ला झाड़ती दिखी. दिल्ली सरकार से और पैसे देने की मांग करने वाली एमसीडी के पास अपना टैक्स वसूलने का वक़्त नहीं है. नार्थ एमसीडी में करोड़ो में बकाया टैक्स सरकारी फाइलों में ही कहीं दबा पड़ा है.

अब नार्थ एमसीडी
साउथ एमसीडी की तरह नार्थ एमसीडी भी कुम्भकर्णी नींद में नजर आ रही है. मामला ये है कि नार्थ दिल्ली के कई सरकारी दफ्तरों ने कई सालों से ना तो संपत्ति कर और ना ही सेवा कर दिया है. इनमें रेलवे, डीडीए, डाकघर, बिजली कंपनियां, दिल्ली मिल्क स्कीम जैसे दिग्गज शामिल हैं.

कितनी वसूली अब तक नहीं वसूली ?
एमसीडी को रेलवे, डीडीए, डाकघर, बिजली कंपनियां, दिल्ली मिल्क स्कीम से तकरीबन 741 करोड़ रुपये वसूल करने हैं. ताज़ा आंकड़ो के मुताबिक नार्थ एमसीडी को इन सरकारी संस्थाओं से इतना टैक्स लेना है-
1. दिल्ली मिल्क स्कीम- 1.76 करोड़ रुपये
2. पूसा- 66 करोड़ रुपये
3. इंडेन बॉटलिंग प्लांट- 2.38 करोड़ रुपये
4. बिजली कम्पनियां भी
- एनडीपीएल, बीएसईएस राजधानी और बीएसईएस यमुना- 36 करोड़
5. डीडीए- 588 करोड़ रुपए
6. ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी- 1.32 करोड़
7. डाक विभाग- 9.99 करोड़ रुपए
8. उत्तरी रेलवे- 35 करोड़ रुपए
9. शकुर बस्ती स्थित ऑर्डिनेंस डिपो- 1.90 करोड़

बड़ा सवाल?
बड़ा सवाल ये है कि गरीब जनता के बिल न दे पाने पर हजारों नोटिस भेजनी वाली ये सरकारी संस्थाएं अपना की कर अभी तक क्यों नहीं दिया है? और अभी तक एमसीडी भी इनसे कर वसूलने में असफल क्यों रही है ?

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